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पहले दिन गांवों में 700 से ज्यादा परिवारों की स्वास्थ्य जांच
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नूंह। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर नूंह जिला प्रशासन की टीम ने शनिवार को पहले दिन गांव-गांव जाकर 700 से ज्यादा परिवारों की स्वास्थ्य जांच की। उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद की अगुवाई में 100 टीमें बनाई गई हैं। इनमें से 50 फील्ड और 50 हेड क्वाटर की टीमें हैं।
उन्होंने बताया कि फील्ड की टीमें घर-घर पर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेंगी। इस दौरान यदि किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उनको हेड क्वार्टर टीम के पास भेजा जाएगा। फील्ड की टीम में एक आशा वर्कर, एख आंगनबाड़ी वर्कर, एक पंच या सरपंच और एक बीएलओ तैनाती की गई है, जिससे प्रत्येक घर को चिन्हित कर स्क्रीनिंग की जा सके। वहीं, हेड क्वार्टर टीम में एक एमपीएचडब्ल्यू, एक एएनएम और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर है। इनका काम फील्ड की टीमों द्वारा चिन्हित लोगों का हेल्थ चेकअप करना होगा। जरूरत पड़ने पर गांव में ही सीमित लोगों का रैपिड टेस्ट किट से कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए थे कि सभी गांवों में प्रत्येक घर के सदस्यों की स्क्रीनिंग की जाए। इसके तहत ही शनिवार को जिला प्रशासन ने टीमें बनाकर गांवों में भेजी हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद ने बताया कि टीमें हर गांव के प्रत्येक घर के सदस्यों की स्क्रीनिंग करेंगी। इससे गांवों में फैल रहे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि फील्ड की टीमें घर-घर पर जाकर प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेंगी। इस दौरान यदि किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो उनको हेड क्वार्टर टीम के पास भेजा जाएगा। फील्ड की टीम में एक आशा वर्कर, एख आंगनबाड़ी वर्कर, एक पंच या सरपंच और एक बीएलओ तैनाती की गई है, जिससे प्रत्येक घर को चिन्हित कर स्क्रीनिंग की जा सके। वहीं, हेड क्वार्टर टीम में एक एमपीएचडब्ल्यू, एक एएनएम और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर है। इनका काम फील्ड की टीमों द्वारा चिन्हित लोगों का हेल्थ चेकअप करना होगा। जरूरत पड़ने पर गांव में ही सीमित लोगों का रैपिड टेस्ट किट से कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए थे कि सभी गांवों में प्रत्येक घर के सदस्यों की स्क्रीनिंग की जाए। इसके तहत ही शनिवार को जिला प्रशासन ने टीमें बनाकर गांवों में भेजी हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी महावीर प्रसाद ने बताया कि टीमें हर गांव के प्रत्येक घर के सदस्यों की स्क्रीनिंग करेंगी। इससे गांवों में फैल रहे संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
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