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Noida News: इस्राइल-हमास युद्ध से 250 करोड़ का हस्तशिल्प निर्यात प्रभावित होने के आसार
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इस्राइल-हमास युद्ध से 250 करोड़ का हस्तशिल्प निर्यात प्रभावित होने के आसार
-इंडिया एक्सपो मार्ट में 12 अक्तूबर से भारतीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी में 100 देशों के 5000 खरीदार आएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इस्राइल-हमास युद्ध से 250 करोड़ का हस्तशिल्प निर्यात प्रभावित होने के आसार हैं। दरअसल, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 12 अक्तूबर से भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में युद्ध के कारण खरीदार इस्राइल से नहीं आ पा रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनी में 100 देशों से करीब पांच हजार खरीदारों ने आने की हामी भरी है। खरीदारों की संख्या में इजाफे से इस नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित इस हस्तशिल्प मेले के 56वें संस्करण में 12 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक 3000 प्रदर्शक अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाली प्रदर्शनी में घरेलू सामान, साज-सज्जा, फर्नीचर, उपहार, फैशन आभूषण, सजावटी सामान, स्पा और वेलनेस, कालीन, हस्तनिर्मित कागज उत्पाद, स्टेशनरी और चमड़े के बैग प्रदर्शित किए जाएंगे।
अमर उजाला के एक सवाल के जवाब में ईपीसीएच के महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि इस्राइल-हमास के बीच मौजूदा हालात में चल रहे युद्ध के कारण लगभग 35 से 40 खरीदार इस्राइल से नहीं आ पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वर्ष 100 देशों से खरीदारों की संख्या बढ़ी है। इससे नुकसान की भरपाई संभव होगी। इसके अलावा इस वर्ष प्रदर्शकों ने फर्नीचर पर भी अधिक ध्यान दिया है। यूपी के मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, दिल्ली, राजस्थान के प्रदर्शक बड़ी संख्या में फर्नीचर उत्पादों को नए कलेवर में पेश कर रहे हैं। इस दौरान ईपीसीएच के उपाध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।
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टिकाऊ उत्पादों पर अधिक ध्यान
ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप वैद्य ने बताया कि यूरोप और अमेरिकी देशों की ओर से इस वर्ष मांग के अनुसार टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों पर प्रदर्शकों का अधिक जोर रहेगा। प्रदर्शनी में इसी थीम पर उत्पाद दिखाई देंगे।
जम्मू-कश्मीर पैवेलियन की थीम होगी
प्रदर्शनी में इस वर्ष जम्मू और कश्मीर पैवेलियन थीम प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी के अध्यक्ष नरेश बोथरा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की कला को संजोने और उसके कारीगरों और प्रदर्शकों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
फैशन शो से आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बढ़ा कारोबार
फैशन ज्वैलरी के प्रदर्शक और निर्यातक सागर मेहता ने बताया कि प्रदर्शनी में फैशन शो से बड़ी संख्या में खरीदार आकर्षित हो रहे हैं। ग्रीष्मकालीन लगी प्रदर्शनी में फैशन शो के चलते आर्टिफिशियल ज्वैलरी के निर्यात में इजाफा हुआ है।
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-इंडिया एक्सपो मार्ट में 12 अक्तूबर से भारतीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी में 100 देशों के 5000 खरीदार आएंगे
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इस्राइल-हमास युद्ध से 250 करोड़ का हस्तशिल्प निर्यात प्रभावित होने के आसार हैं। दरअसल, इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 12 अक्तूबर से भारतीय हस्तशिल्प एवं उपहार प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में युद्ध के कारण खरीदार इस्राइल से नहीं आ पा रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनी में 100 देशों से करीब पांच हजार खरीदारों ने आने की हामी भरी है। खरीदारों की संख्या में इजाफे से इस नुकसान की भरपाई होने की उम्मीद है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से आयोजित इस हस्तशिल्प मेले के 56वें संस्करण में 12 अक्तूबर से 16 अक्तूबर तक 3000 प्रदर्शक अपने उत्पादों को प्रदर्शित करेंगे। पांच दिनों तक चलने वाली प्रदर्शनी में घरेलू सामान, साज-सज्जा, फर्नीचर, उपहार, फैशन आभूषण, सजावटी सामान, स्पा और वेलनेस, कालीन, हस्तनिर्मित कागज उत्पाद, स्टेशनरी और चमड़े के बैग प्रदर्शित किए जाएंगे।
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अमर उजाला के एक सवाल के जवाब में ईपीसीएच के महासचिव राकेश कुमार ने बताया कि इस्राइल-हमास के बीच मौजूदा हालात में चल रहे युद्ध के कारण लगभग 35 से 40 खरीदार इस्राइल से नहीं आ पा रहे हैं। उनका कहना है कि इस वर्ष 100 देशों से खरीदारों की संख्या बढ़ी है। इससे नुकसान की भरपाई संभव होगी। इसके अलावा इस वर्ष प्रदर्शकों ने फर्नीचर पर भी अधिक ध्यान दिया है। यूपी के मुरादाबाद, सहारनपुर, वाराणसी, दिल्ली, राजस्थान के प्रदर्शक बड़ी संख्या में फर्नीचर उत्पादों को नए कलेवर में पेश कर रहे हैं। इस दौरान ईपीसीएच के उपाध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, कार्यकारी निदेशक आरके वर्मा आदि मौजूद रहे।
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टिकाऊ उत्पादों पर अधिक ध्यान
ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप वैद्य ने बताया कि यूरोप और अमेरिकी देशों की ओर से इस वर्ष मांग के अनुसार टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों पर प्रदर्शकों का अधिक जोर रहेगा। प्रदर्शनी में इसी थीम पर उत्पाद दिखाई देंगे।
जम्मू-कश्मीर पैवेलियन की थीम होगी
प्रदर्शनी में इस वर्ष जम्मू और कश्मीर पैवेलियन थीम प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी के अध्यक्ष नरेश बोथरा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर की कला को संजोने और उसके कारीगरों और प्रदर्शकों को प्रोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
फैशन शो से आर्टिफिशियल ज्वैलरी का बढ़ा कारोबार
फैशन ज्वैलरी के प्रदर्शक और निर्यातक सागर मेहता ने बताया कि प्रदर्शनी में फैशन शो से बड़ी संख्या में खरीदार आकर्षित हो रहे हैं। ग्रीष्मकालीन लगी प्रदर्शनी में फैशन शो के चलते आर्टिफिशियल ज्वैलरी के निर्यात में इजाफा हुआ है।