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कुछ देर तक हमला रुक जाता तो बेटी हमारे पास होती
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ग्रेटर नोएडा (नेहा शर्मा)। कुछ देर और रूस का हमला रुक जाता तो बेटी हमारे पास होती। वह पिछले 10 घंटे से यूक्रेन की राजधानी किव से करीब 17 किमी दूर ट्रैफिक में फंसी हुई है। कोई उसकी मदद के लिए नहीं है। हम लोग चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। यूक्रेन के भारतीय दूतावास में भी संपर्क किया गया, लेकिन मदद नहीं मिली। बस मेरी बच्ची बिश्वा भारती सुरक्षित वापस आ जाए। यह कहते-कहते पिता सुशील कुमार की आंखे नम हो गईं। सुशील बताते हैं कि जब से बिश्वा की मां को यूक्रेन पर हमले की सूचना मिली वह बार-बार बेटी को वापस लाने की बात कह रही है।
गौड़ सिटी के 11 एवेन्यू निवासी सुशील कुमार की बेटी बिश्वा भारती यूक्रेन के शहर चेर्निविस्ती के बकोविनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा है। पिछले कई दिनों से रूस और यूक्रेन का तनाव देखने के बाद बिश्वा ने एयर इंडिया से भारत लौटने का टिकट कराया था। 24 फरवरी की दोपहर 12:55 पर उसकी किव से दिल्ली की फ्लाइट थी। बुधवार की सुबह 3 बजे एयरपोर्ट जाने के लिए यूक्रेन की राजधानी किव के लिए रवाना हुई थी। तब से परिजन उससे संपर्क कर रहे हैं। इसी बीच रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। हमले के बाद किव एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम लग गया। जाम की वजह से बिश्वा की फ्लाइट छूट गई। बिश्वा पिछले 10 घंटे से किव से 17 किमी दूर जाम में फंसी हुई है। जिस बस में वो बैठी है, उसमें भारत के 200 छात्र और हैं।
दूतावास से नहीं मिली मदद
रूस और यूक्रेन के तनाव को देखते हुए बिश्वा ने यूक्रेन स्थिति भारतीय दूतावास में भी संपर्क किया था। लेकिन वहां पर किसी ने मदद नहीं की। इधर ग्रेटर नोएडा निवासी परिजन भी लगातार यूक्रेन दूतावास में संपर्क कर रहे हैं। लेकिन उन्हों भी कुछ मदद नहीं मिल रही है। सुशील ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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यूक्रेन में फंसे लोगों की मदद पर प्रशासन की नहीं कोई तैयारी
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन की यूक्रेन में फंसे जिले के छात्र व अन्य लोगों की मदद करने की कोई तैयारी नहीं है। यहां तक कि प्रशासन के पास यूक्रेन में फंसे लोगों की जानकारी तक नहीं है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि प्रदेश सरकार की तरफ से अभी किसी तरह के दिशानिर्देश जारी नहीं हुए है। दिशानिर्देश आने पर कार्रवाई की जाएगी। अहम है कि गौतमबुद्घ नगर के भी कुछ छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। परिजन उनकी सलामती और सुरक्षित घर लौटने की दुआ कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन कोई तैयारी नहीं है। प्रशासन की तरफ से कोई हेल्पलाइन नंबर भी जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जिले के लोग यूक्रेन में फंसे है, इसकी अभी कोई सूचना नहीं है। किसी परिवार ने इसकी जानकारी भी नहीं दी है।
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गौड़ सिटी के 11 एवेन्यू निवासी सुशील कुमार की बेटी बिश्वा भारती यूक्रेन के शहर चेर्निविस्ती के बकोविनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा है। पिछले कई दिनों से रूस और यूक्रेन का तनाव देखने के बाद बिश्वा ने एयर इंडिया से भारत लौटने का टिकट कराया था। 24 फरवरी की दोपहर 12:55 पर उसकी किव से दिल्ली की फ्लाइट थी। बुधवार की सुबह 3 बजे एयरपोर्ट जाने के लिए यूक्रेन की राजधानी किव के लिए रवाना हुई थी। तब से परिजन उससे संपर्क कर रहे हैं। इसी बीच रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया। हमले के बाद किव एयरपोर्ट जाने वाले रास्ते पर लंबा जाम लग गया। जाम की वजह से बिश्वा की फ्लाइट छूट गई। बिश्वा पिछले 10 घंटे से किव से 17 किमी दूर जाम में फंसी हुई है। जिस बस में वो बैठी है, उसमें भारत के 200 छात्र और हैं।
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दूतावास से नहीं मिली मदद
रूस और यूक्रेन के तनाव को देखते हुए बिश्वा ने यूक्रेन स्थिति भारतीय दूतावास में भी संपर्क किया था। लेकिन वहां पर किसी ने मदद नहीं की। इधर ग्रेटर नोएडा निवासी परिजन भी लगातार यूक्रेन दूतावास में संपर्क कर रहे हैं। लेकिन उन्हों भी कुछ मदद नहीं मिल रही है। सुशील ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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यूक्रेन में फंसे लोगों की मदद पर प्रशासन की नहीं कोई तैयारी
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन की यूक्रेन में फंसे जिले के छात्र व अन्य लोगों की मदद करने की कोई तैयारी नहीं है। यहां तक कि प्रशासन के पास यूक्रेन में फंसे लोगों की जानकारी तक नहीं है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि प्रदेश सरकार की तरफ से अभी किसी तरह के दिशानिर्देश जारी नहीं हुए है। दिशानिर्देश आने पर कार्रवाई की जाएगी। अहम है कि गौतमबुद्घ नगर के भी कुछ छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। परिजन उनकी सलामती और सुरक्षित घर लौटने की दुआ कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की मदद करने के लिए जिला प्रशासन कोई तैयारी नहीं है। प्रशासन की तरफ से कोई हेल्पलाइन नंबर भी जारी नहीं किया गया है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि जिले के लोग यूक्रेन में फंसे है, इसकी अभी कोई सूचना नहीं है। किसी परिवार ने इसकी जानकारी भी नहीं दी है।