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Noida News: जीएसटी विसंगति से बढ़ा पैकेजिंग उद्योग पर संकट

Mon, 08 Jun 2026 08:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 08:00 PM IST
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GST discrepancy increases crisis in packaging industry
फोटो---
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जीएसटी विसंगति से बढ़ा पैकेजिंग उद्योग पर संकट
- आईईए के पदाधिकारियों ने सांसद डा महेश शर्मा से मांगी मदद
- आईटीसी की प्रक्रिया जटिल होने से फंसा हुआ है उद्यमियों के करोड़ों रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन (आईईए) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को स्थानीय सांसद डाॅ. महेश शर्मा से मुलाकात की और पैकेजिंग उद्योग व कोरोगेटेड बॉक्स उद्योग की समस्याओं को रखा। बताया कि जीएसटी विसंगति के कारण उद्यमियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। आईटीसी के रूप में उनका करोड़ों रुपये विभाग में अटका हुआ है। बार-बार शिकायत के बाद भी जीएसटी विभाग मदद नहीं कर रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। सांसद ने उद्यमियों को मदद का आश्वासन दिया है।

आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि कोरोगेटेड बॉक्स के निर्माण में प्रयोग होने वाले कच्चे माल और अन्य इनपुट पर 18 प्रतिशत जीएसटी देनी होती है। जबकि कच्चे माल से तैयार उत्पाद पर मात्र 5 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इस विसंगति के कारण उद्योग का करीब 13 प्रतिशत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लगातार सरकारी विभागों के पास फंसा रहता है। उद्योगों को भारी पूंजी संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आईटीसी रिफंड की प्रक्रिया जटिल है। इसका समय भी तय नहीं है। उद्योगों का करोड़ों रुपये लंबे समय तक अटका रहता है। यह एमएसएमई उद्योगों के लिए नुकसानदायक है। उनकी वित्तीय स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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प्रतिनिधिमंडल ने सांसद डॉ महेश शर्मा से गुहार लगाकर कहा है कि वो इस मुद्दे को केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष मजबूती से रखें। उद्योग प्रतिनिधियों और वित्त मंत्रालय के बीच एक बैठक कराने की भी मांग की है। ताकि उद्योग की वास्तविक समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाया जा सके। उद्यमियों ने कहा कि अगर इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो एमएसएमई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। पैकेजिंग उद्योग में इनपुट और आउटपुट दोनों पर जीएसटी की समान दर लागू करने की मांग की है। सांसद ने उद्यमियों को आश्वासन दिया है। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व अध्यक्ष पीके तिवारी, उपाध्यक्ष सुशील शर्मा, सेक्टर सचिव महिपाल सिंह और एमपी शुक्ला शामिल रहे।
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