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Noida News: दूषित पानी, बंद गेट और बढ़ती चिंता... स्वर्णिम विहार के बाशिंदों छलका दर्द
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सुखबीर सिंह।
फोटो-- -- संवाद
-168 घरों में पहुंचता है हाई टीडीएस वाटर, जल संचयन की व्यवस्था तक नहीं
-स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स के निवासियों ने अमर उजाला संवाद में रखी समस्याएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-82 स्थित स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स में आयोजित अमर उजाला संवाद में जब निवासी एकत्र हुए तो विकास के दावों के पीछे छिपी हकीकतें सामने आईं। रविवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने कहा कि हाईटेक शहर की पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में आज तक पार्कों में एक भी वर्षा जल संचयन प्रणाली नहीं बनाई गई। हर बारिश के साथ लाखों लीटर पानी बह जाता है, जबकि दूसरी ओर घरों में स्वच्छ पेयजल के लिए लोग परेशान हैं।
निवासियों का कहना था कि प्राधिकरण की ओर से आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। ऐसे में अधिकांश परिवारों को आरओ और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। संवाद के दौरान सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। लोगों ने बताया कि एचआईजी, एमआईजी और एलआईजी फ्लैटों के लिए बनाए गए बाहरी गेट बंद कर दिए गए हैं। नतीजतन, इन अपार्टमेंटों के अधिकांश निवासी स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स के मुख्य प्रवेश द्वार का उपयोग करते हैं। इससे बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और ड्यूप्लेक्स के निवासियों में असुरक्षा की भावना गहरा रही है। ड्यूप्लेक्स में करीब 168 फ्लैट हैं, जबकि उन तीनों सोसाइटी को मिला लें तो संख्या एक हजार से भी ज्यादा चली जाती है। ऐसे में ड्यूप्लेक्स के निवासियों ने असुरक्षा बढ़ने, बाहरी वाहनों के आवागमन होने पर चिंता जताई है।
गेट के बाहर निकलते ही बांयी ओर बने कट से लोग चालान से बचने के लिए उल्टी दिशा पर फर्राटा भरते हैं, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। गेझा रोड में तेजी से अनाधिकृत अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, मौंरग, गिट्टी भी बिना ढके रखे जा रहे हैं, जिससे वह हवा में घुलकर फ्लैटों तक पहुंचते हैं।
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एलआईजी, एमआईजी और एलआईजी के गेट दूसरी तरफ होने के बावजूद स्वर्णिम विहार के गेट उपयोग किए जाते हैं, जिससे बाहरी लोगों का भी आवागमन बढ़ा है। -सुखबीर सिंह
स्कूली बसें अब अंदर तक आने लगी हैं, इससे वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होती है, सामूहिक कार्यक्रम के लिए एक क्लब भी होना चाहिए।
-कर्नल (रि) यूडी शर्मा
हाई टीडीएस गंदा पानी घरों तक पहुंचता है, एक भी पार्क में जल संचयन प्रणाली तक नहीं है, कभी कभी तो घरों में गंदे पानी की भी आपूर्ति होती है। -बीएल बलोनी
मिनी कांप्लेक्स के पास खाली मैदान को खेल मैदान में तब्दील करना चाहिए, ताकि बच्चों की एक्टिविटी बढ़ सके और बच्चे सक्रिय रहें। -विकास वली
गेझा से आने वाले अक्सर उल्टी दिशा से यूटर्न के जरिए भंगेल की ओर जाते हैं, इससे अक्सर हादसे होते हैं, यहां पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी है। -शेखर गर्ग
प्राधिकरण और पुलिस के अधिकारियों को नियमित सेक्टरवासियों के साथ संवाद करना चाहिए, ताकि समय-समय पर उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। -
ब्रिगेडियर (रि) तरूण मदान
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-168 घरों में पहुंचता है हाई टीडीएस वाटर, जल संचयन की व्यवस्था तक नहीं
-स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स के निवासियों ने अमर उजाला संवाद में रखी समस्याएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-82 स्थित स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स में आयोजित अमर उजाला संवाद में जब निवासी एकत्र हुए तो विकास के दावों के पीछे छिपी हकीकतें सामने आईं। रविवार को आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने कहा कि हाईटेक शहर की पहचान रखने वाले इस क्षेत्र में आज तक पार्कों में एक भी वर्षा जल संचयन प्रणाली नहीं बनाई गई। हर बारिश के साथ लाखों लीटर पानी बह जाता है, जबकि दूसरी ओर घरों में स्वच्छ पेयजल के लिए लोग परेशान हैं।
निवासियों का कहना था कि प्राधिकरण की ओर से आपूर्ति किया जाने वाला पानी दूषित होने के कारण पीने योग्य नहीं है। ऐसे में अधिकांश परिवारों को आरओ और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। संवाद के दौरान सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। लोगों ने बताया कि एचआईजी, एमआईजी और एलआईजी फ्लैटों के लिए बनाए गए बाहरी गेट बंद कर दिए गए हैं। नतीजतन, इन अपार्टमेंटों के अधिकांश निवासी स्वर्णिम विहार ड्यूप्लेक्स के मुख्य प्रवेश द्वार का उपयोग करते हैं। इससे बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और ड्यूप्लेक्स के निवासियों में असुरक्षा की भावना गहरा रही है। ड्यूप्लेक्स में करीब 168 फ्लैट हैं, जबकि उन तीनों सोसाइटी को मिला लें तो संख्या एक हजार से भी ज्यादा चली जाती है। ऐसे में ड्यूप्लेक्स के निवासियों ने असुरक्षा बढ़ने, बाहरी वाहनों के आवागमन होने पर चिंता जताई है।
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गेट के बाहर निकलते ही बांयी ओर बने कट से लोग चालान से बचने के लिए उल्टी दिशा पर फर्राटा भरते हैं, जिससे अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। गेझा रोड में तेजी से अनाधिकृत अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है, मौंरग, गिट्टी भी बिना ढके रखे जा रहे हैं, जिससे वह हवा में घुलकर फ्लैटों तक पहुंचते हैं।
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एलआईजी, एमआईजी और एलआईजी के गेट दूसरी तरफ होने के बावजूद स्वर्णिम विहार के गेट उपयोग किए जाते हैं, जिससे बाहरी लोगों का भी आवागमन बढ़ा है। -सुखबीर सिंह
स्कूली बसें अब अंदर तक आने लगी हैं, इससे वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होती है, सामूहिक कार्यक्रम के लिए एक क्लब भी होना चाहिए।
-कर्नल (रि) यूडी शर्मा
हाई टीडीएस गंदा पानी घरों तक पहुंचता है, एक भी पार्क में जल संचयन प्रणाली तक नहीं है, कभी कभी तो घरों में गंदे पानी की भी आपूर्ति होती है। -बीएल बलोनी
मिनी कांप्लेक्स के पास खाली मैदान को खेल मैदान में तब्दील करना चाहिए, ताकि बच्चों की एक्टिविटी बढ़ सके और बच्चे सक्रिय रहें। -विकास वली
गेझा से आने वाले अक्सर उल्टी दिशा से यूटर्न के जरिए भंगेल की ओर जाते हैं, इससे अक्सर हादसे होते हैं, यहां पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी है। -शेखर गर्ग
प्राधिकरण और पुलिस के अधिकारियों को नियमित सेक्टरवासियों के साथ संवाद करना चाहिए, ताकि समय-समय पर उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। -
ब्रिगेडियर (रि) तरूण मदान

सुखबीर सिंह।

सुखबीर सिंह।

सुखबीर सिंह।