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लिवर प्रत्यारोपण के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर, मरीज की बची जान
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ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मरीज को लाया गया नोएडा। अमर उजाला
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नोएडा। एक मरीज की जान बचाने में शुक्रवार को नोएडा पुलिस ने अहम भूमिका निभाई। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल से ब्रेन डेड 30 वर्षीय डोनर का लिवर नोएडा के सेक्टर-128 स्थित जेपी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां भर्ती लुधियाना के 36 वर्षीय मरीज को लिवर प्रत्यारोपित किया जाना था। रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस के लिए रास्ता खाली कराया।
डीसीपी ट्रैफिक गणेश साहा ने बताया कि जेपी अस्पताल में एक मरीज का लिवर प्रत्यारोपित किया जाना था। गंगाराम अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित मरीज के परिवार की सहमति के बाद अस्पताल प्रशासन की उम्मीद जगी। लिवर प्रत्यारोपण एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट निदेशक डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया तुरंत अस्पताल के सलाहकारों से संपर्क किया गया, जहां लिवर उपलब्ध था। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दिल्ली और नोएडा पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस के माध्यम से लिवर जेपी अस्पताल पहुंचाया गया। चिल्ला बॉर्डर से सेक्टर-128 स्थित अस्पताल तक 14 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर से एंबुलेंस पहुंची।
डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी हुई, उन्होंने टीम को अलर्ट कर दिया। उन्होंने मरीज की एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया। इस कार्य की जिम्मेदारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर आशुतोष को सौंपी गई। उन्होंने चिल्ला बॉर्डर पर जाकर एंबुलेंस को रिसीव किया और ग्रीन कॉरिडोर बनाते हुए जेपी अस्पताल तक पहुंचा दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए अस्पताल प्रशासन व मरीज के परिजनों ने ट्रैफिक पुलिस नोएडा की प्रशंसा की है।
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डीसीपी ट्रैफिक गणेश साहा ने बताया कि जेपी अस्पताल में एक मरीज का लिवर प्रत्यारोपित किया जाना था। गंगाराम अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित मरीज के परिवार की सहमति के बाद अस्पताल प्रशासन की उम्मीद जगी। लिवर प्रत्यारोपण एवं सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के एसोसिएट निदेशक डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया तुरंत अस्पताल के सलाहकारों से संपर्क किया गया, जहां लिवर उपलब्ध था। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद दिल्ली और नोएडा पुलिस की मदद से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस के माध्यम से लिवर जेपी अस्पताल पहुंचाया गया। चिल्ला बॉर्डर से सेक्टर-128 स्थित अस्पताल तक 14 मिनट में ग्रीन कॉरिडोर से एंबुलेंस पहुंची।
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डीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि जैसे ही उन्हें जानकारी हुई, उन्होंने टीम को अलर्ट कर दिया। उन्होंने मरीज की एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने का निर्देश दिया। इस कार्य की जिम्मेदारी ट्रैफिक इंस्पेक्टर आशुतोष को सौंपी गई। उन्होंने चिल्ला बॉर्डर पर जाकर एंबुलेंस को रिसीव किया और ग्रीन कॉरिडोर बनाते हुए जेपी अस्पताल तक पहुंचा दिया। इस सराहनीय कार्य के लिए अस्पताल प्रशासन व मरीज के परिजनों ने ट्रैफिक पुलिस नोएडा की प्रशंसा की है।
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