इंजीनियरिंग छात्रा एक्सीडेंट: ठेकेदार ने नशे की हालत में मारी थी स्वीटी समेत तीन को टक्कर, गिरफ्तार
आरोपी ने घटना के बाद तुगलपुर में कार की मरम्मत कराई थी और आगे का शीशा भी बदलवाया था। लगभग 50 मैकेनिकों से पूछताछ और 100 सीसीटीवी खंगालने के बाद आरोपी पकड़ा गया।
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ग्रेटर नोएडा में 31 दिसंबर की रात इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष की छात्रा स्वीटी कुमारी समेत तीन छात्रों को कार से टक्कर मारकर फरार हुए ठेकेदार गुलाब सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 31 दिसंबर की रात दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर लौट रहा था। नशे की हालत में उसने टक्कर मारी थी।
पुलिस ने कार के 50 मैकेनिकों से पूछताछ और 100 सीसीटीवी खंगालने के बाद घटना का खुलासा किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। हादसे के बाद गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने 11 लाख और अन्य लोगाें ने मिलकर लगभग 30 लाख रुपये की मदद स्वीटी के इलाज के लिए की थी।
डेल्टा-1 में किराये पर रहने वाली छात्रा स्वीटी कुमारी 31 दिसंबर की रात अल्फा-2 सेक्टर से अलाव जलाने के लिए सामान लेकर घर लौट रही थी। उसके साथ रूम पार्टनर करसोनी डोंग व छात्र आनगानवा भी थे। डेल्टा-1 गोलचक्कर के पास सड़क पार करते समय एक सफेद सेंट्रो कार ने तीनों को टक्कर मार दी थी। हादसे में स्वीटी को अधिक चोट लगी थी। उसके साथियों को इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया था। मगर स्वीटी अभी तक अस्पताल में भर्ती है।
स्वीटी अपनी परीक्षा भी नहीं दे पा रही है। आरोपी कार चालक की तलाश में सात टीमें लगाई गई थीं। पुलिस टीम शहर के मैकेनिकों से भी पूछताछ कर रही थी। घटना के दौरान ऑडी समेत तीन कार वहां से गुजरती दिखी थीं।
ऑडी सवार दंपती ने जानकारी दी थी कि सफेद सेंट्रो ने तीनों को टक्कर मारी थी। लेकिन वह कार का पूरा नंबर नहीं बता पाए थे। लगभग 50 मैकेनिकों से पूछताछ के बाद पता चला कि एक जनवरी को तुगलपुर में एक सफेद सेंट्रो की मरम्मत कराई गई थी। यहां से कार नंबर की जानकारी होने पर पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
थाने के सामने सेक्टर में मिला आरोपी
पुलिस की सात टीमें आरोपी को आठ किलोमीटर के दायरे में तलाशती रहीं। पर्याप्त व बेहतर गुणवत्ता के सीसीटीवी नहीं लगे होने के कारण कार का नंबर भी ट्रैस नहीं हो पा रहा था। वहीं, आरोपी बीटा-2 थाने के सामने स्थित सेक्टर के एच ब्लाक स्थित घर में छुपा रहा। आरोपी ने बताया कि हादसे के दौरान नशे में होने के कारण उसे कुछ होश नहीं था कि वह कैसे घर पहुंचा और घायलों का क्या हुआ। लेकिन आरोपी ने अगले दिन ही पुलिस को चकमा देने के लिए कार की मरम्मत आदि करानी शुरू कर दी। बताया गया है कि आरोपी पूर्व में प्राधिकरण के लिए भी ठेके पर काम कर चुका है।