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गोरखपुर चिड़ियाघर : 'कैट मिल्क रिप्लेसर' पी रहे तेंदुए के तीनों शावक, मां से रखा गया है अलग- जानिए क्यों

Thu, 18 Sep 2025 12:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Thu, 18 Sep 2025 12:54 AM IST
सार

विशेषज्ञों का मानना है कि अब इन शावकों को जंगल में छोड़ना मुश्किल होगा। कारण है कि मां का संरक्षण और प्रशिक्षण के बिना वे जंगल में खुद को जीवित नहीं रख पाएंगे। ऐसे में संभावना है कि भविष्य में ये शावक पूरी तरह चिड़ियाघर पर ही निर्भर रहेंगे।

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In Gorakhpur Zoo, Leopard cubs are living separately from leopards drinking cat milk replacer
चिड़ियाघर में तेंदुए के शावक।

विस्तार

चिड़ियाघर में लखीमपुर खीरी से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुआ के तीन शावकों की विशेष निगरानी की जा रही है। ये शावक अपनी मां से अलग हैं और दिनभर में पांच से छह बार कैट मिल्क रिप्लेसर (वैकल्पिक दूध) पी रहे हैं। चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, अब उनकी स्थिति में सुधार है।

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शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) में पिछले दिनों लखीमपुर खीरी से एक मादा तेंदुआ और उसके तीन शावकों को रेस्क्यू कर लाया गया था। यहां पर इनका डिहाइड्रेशन का इलाज किया जा रहा है। रेस्क्यू के बाद से ही मादा तेंदुआ शावकों को अपने पास नहीं आने दे रही थी। यही कारण है कि मां और बच्चों को अस्पताल में अलग-अलग रखा गया है।

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पशु चिकित्सकों के अनुसार, मादा तेंदुआ का व्यवहार अप्रत्याशित नहीं है क्योंकि रेस्क्यू की प्रक्रिया और नया वातावरण कई बार जंगली जानवरों के स्वाभाविक रिश्तों को प्रभावित करता है। चिकित्सक फिलहाल तेंदुआ और उसके शावकों की देखभाल कर रहे हैं। उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।

चिकित्सक शावकों को समय-समय पर दूध पिलाने के साथ ही स्वास्थ्य जांच भी कर रहे हैं। शावकों की उम्र करीब एक माह है। डॉक्टरों का कहना है कि शावकों का वजन और स्वास्थ्य सामान्य है लेकिन मां से दूरी उनकी प्राकृतिक परवरिश में बाधा बनेगी।
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विशेषज्ञों का मानना है कि अब इन शावकों को जंगल में छोड़ना मुश्किल होगा। कारण है कि मां का संरक्षण और प्रशिक्षण के बिना वे जंगल में खुद को जीवित नहीं रख पाएंगे। ऐसे में संभावना है कि भविष्य में ये शावक पूरी तरह चिड़ियाघर पर ही निर्भर रहेंगे।

चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि मादा तेंदुआ और उसके तीनों शावक फिलहाल स्वस्थ हैं। शुरुआत में उन्हें डिहाइड्रेशन था। अब स्थिति सामान्य हो रही है। अस्पताल में उनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
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