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पिपराइच कांड : जिले के टॉप-10 पशु तस्करों पर शिकंजा कसने की तैयारी
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मजबूत पैरवी और गवाहों को समय से हाजिर करेगी पुलिस
गोरखपुर। जिले में लगातार बढ़ रही पशु तस्करी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोरखपुर पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने जिले के टॉप टेन कुख्यात पशु तस्करों की सूची तैयार कर ली है। इनके खिलाफ चल रहे केसों को हर हाल में अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मजबूत पैरवी की जाएगी। साथ ही गवाहों को समय से कोर्ट में हाजिर कर आरोपियों की सजा दिलाई जाएगी।
एसएसपी राज करन नय्यर के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी पुराने और मौजूदा केस की फाइलों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि किन मामलों में गवाही पूरी हो चुकी है और किन मामलों में गवाह पेश होना बाकी है। गवाहों को समय से अदालत में पेश करने की जिम्मेदारी पुलिस टीमों को दी गई है। यहां तक कि यदि गवाह किसी अन्य जिले में रह रहा है, तो उसे भी कोर्ट तक लाने का पुख्ता इंतजाम किया जाएगा।
दरअसल, कई मामले वर्षों से अदालतों में लंबित पड़े हैं। कमजोर पैरवी और गवाहों के गैरहाजिर रहने की वजह से आरोपी अक्सर जमानत पर छूट जाते थे और फिर से तस्करी का धंधा शुरू कर देते थे। अबकी बार पुलिस ने ठोस रणनीति बनाई है कि गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाई जाए।
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एसएसपी का मानना है कि जब तक कुख्यात तस्करों को कठोर सजा नहीं मिलेगी, तब तक वे अपराध से बाज नहीं आएंगे। इसलिए इस बार पुराने केसों की भी समीक्षा कर उन्हें तेज गति से निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।
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गोरखपुर। जिले में लगातार बढ़ रही पशु तस्करी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोरखपुर पुलिस ने अब कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने जिले के टॉप टेन कुख्यात पशु तस्करों की सूची तैयार कर ली है। इनके खिलाफ चल रहे केसों को हर हाल में अंजाम तक पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए मजबूत पैरवी की जाएगी। साथ ही गवाहों को समय से कोर्ट में हाजिर कर आरोपियों की सजा दिलाई जाएगी।
एसएसपी राज करन नय्यर के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान सभी पुराने और मौजूदा केस की फाइलों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह देख रही है कि किन मामलों में गवाही पूरी हो चुकी है और किन मामलों में गवाह पेश होना बाकी है। गवाहों को समय से अदालत में पेश करने की जिम्मेदारी पुलिस टीमों को दी गई है। यहां तक कि यदि गवाह किसी अन्य जिले में रह रहा है, तो उसे भी कोर्ट तक लाने का पुख्ता इंतजाम किया जाएगा।
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दरअसल, कई मामले वर्षों से अदालतों में लंबित पड़े हैं। कमजोर पैरवी और गवाहों के गैरहाजिर रहने की वजह से आरोपी अक्सर जमानत पर छूट जाते थे और फिर से तस्करी का धंधा शुरू कर देते थे। अबकी बार पुलिस ने ठोस रणनीति बनाई है कि गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को सजा दिलाई जाए।
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एसएसपी का मानना है कि जब तक कुख्यात तस्करों को कठोर सजा नहीं मिलेगी, तब तक वे अपराध से बाज नहीं आएंगे। इसलिए इस बार पुराने केसों की भी समीक्षा कर उन्हें तेज गति से निपटाने का लक्ष्य रखा गया है।