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अपने सपनों की उड़ान भर दूसरों की ख्वाहिशों को दे रहीं पंख
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पूजा रासने
नोएडा। जीवन में सफल होने की ठान ली जाए तो एक न एक दिन मंजिल मिल ही जाती हैं। इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहीं सेक्टर-37 निवासी पूजा रासने ने उद्यमी बनने की ठानी तो कई चुनौतियां मिलकर भी उन्हें रोक ना सकीं। 12 वर्षों तक नौकरी करने के बाद जब उन्होंने व्यवसाय शुरू किया तो कई विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन अंत में सफलता ने उनके कदम चूमे। इसी का नतीजा है कि आज पूजा अपने सपनों की उड़ान भरकर अन्य युवाओं की ख्वाहिशों को पंख दे रही हैं। करीब 12 साल तक एयरलाइंस में काम कर चुकीं पूजा ने घर, पति और बच्चों के साथ करिअर को भी बराबर महत्व दिया।
शादी के बाद उन्होंने मिसेज इंडिया जैसी सौंदर्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही केबिन क्रू से लेकर कई तरह के पेशों से जुड़ी रहीं। अपने एविएशन क्षेत्र के अनुभवों के आधार पर उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रेनिंग अकादमी खोली है। फ्लाई मोर पब्लिकेशन नाम की यह अकादमी पायलट, केबिन क्रू जैसे एयरलाइंस से जुड़े उद्यमों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करती है। पूजा ने बताया कि लोग एविएशन क्षेत्र को महंगा मानते हैं। ऐसे में कोई भी ट्रेनिंग खर्चीली साबित होती है, लेकिन मैंने 70 हजार रुपये की जमापूंजी लगाकर एक कोशिश की, जो सफल रही। मुझे अच्छा लगता है कि मेरे उद्यमी बनने का सपना सफल होने के साथ ही युवाओं की ख्वाहिशों को पूरा करने में अकादमी मददगार बनती है।
कुकिंग और फूड डिलीवरी का काम भी किया
पूजा ने बताया कि उन्होंने मां के साथ मिलकर कुकिंग, फूड डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की। कुछ महीनों की मेहनत के बाद ही व्यवसाय चल पड़ा, लेकिन कोरोना ने उनके सपनों पर अल्पकालीन विराम लगा दिया। मां को कोविड होने के बाद वह व्यवसाय बंद कर उनके इलाज में तल्लीन हो गईं। काफी कोशिशों के बाद भी उनकी मां महामारी से नहीं जीत सकीं और उनकी मौत हो गई। मां के साथ ही उन्होंने मेहनत से खड़ा किया फूड डिलीवरी का बिजनेस भी खो दिया। मां के बिना वह दोबारा उसी काम को पहले जैसा सफल बनाने में असमर्थ महसूस करने लगी। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और महिला उद्यमी के तौर पर कुछ और कुछ नया करने की ठानी।
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शादी के बाद उन्होंने मिसेज इंडिया जैसी सौंदर्य प्रतियोगिताओं में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। साथ ही केबिन क्रू से लेकर कई तरह के पेशों से जुड़ी रहीं। अपने एविएशन क्षेत्र के अनुभवों के आधार पर उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रेनिंग अकादमी खोली है। फ्लाई मोर पब्लिकेशन नाम की यह अकादमी पायलट, केबिन क्रू जैसे एयरलाइंस से जुड़े उद्यमों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करती है। पूजा ने बताया कि लोग एविएशन क्षेत्र को महंगा मानते हैं। ऐसे में कोई भी ट्रेनिंग खर्चीली साबित होती है, लेकिन मैंने 70 हजार रुपये की जमापूंजी लगाकर एक कोशिश की, जो सफल रही। मुझे अच्छा लगता है कि मेरे उद्यमी बनने का सपना सफल होने के साथ ही युवाओं की ख्वाहिशों को पूरा करने में अकादमी मददगार बनती है।
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कुकिंग और फूड डिलीवरी का काम भी किया
पूजा ने बताया कि उन्होंने मां के साथ मिलकर कुकिंग, फूड डिलीवरी सर्विस की शुरुआत की। कुछ महीनों की मेहनत के बाद ही व्यवसाय चल पड़ा, लेकिन कोरोना ने उनके सपनों पर अल्पकालीन विराम लगा दिया। मां को कोविड होने के बाद वह व्यवसाय बंद कर उनके इलाज में तल्लीन हो गईं। काफी कोशिशों के बाद भी उनकी मां महामारी से नहीं जीत सकीं और उनकी मौत हो गई। मां के साथ ही उन्होंने मेहनत से खड़ा किया फूड डिलीवरी का बिजनेस भी खो दिया। मां के बिना वह दोबारा उसी काम को पहले जैसा सफल बनाने में असमर्थ महसूस करने लगी। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और महिला उद्यमी के तौर पर कुछ और कुछ नया करने की ठानी।
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