फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   gautambudhnagar, ten thousand flate

10 हजार फ्लैटों की बिक्री व पजेशन की राह होगी आसान

Sat, 08 Feb 2020 01:33 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 01:33 AM IST
विज्ञापन
gautambudhnagar, ten thousand flate
10 हजार फ्लैटों की बिक्री की राह होगी आसान
विज्ञापन

सुशील पांडेय
नोएडा। अब नोएडा में 10 हजार फ्लैटों व वाणिज्यिक संपत्तियों की बिक्री और कब्जे की राह आसान होगी। नक्शे के दोबारा सत्यापन के लिए डेवलपर्स को केवल 10 प्रतिशत बकाया राशि प्राधिकरण में जमा करानी होगी। पिछले बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। नक्शा सत्यापन के बाद वह रेरा में पंजीकरण की वैधता को बढ़ा सकते हैं। इससे वह अपनी संपत्ति को आराम से बेच सकते हैं। बिना पंजीकरण की वैधता बढ़ाए बिना संपत्ति की बिक्री नहीं की जा सकती। इसके अलावा, डेवलपर्स फ्लैटों की ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट भी ले सकते हैं, जिससे रजिस्ट्री की राह आसान होगी।
यह था पूरा मामला
भवन विनियमावली के अंतर्गत ग्रुप हाउसिंग के फ्लैट और वाणिज्यिक संपत्तियों के मामले में प्रोजेक्ट का नक्शा पांच वर्ष बीतने पर दोबारा सत्यापित कराना होता है। नोएडा प्राधिकरण प्रोजेक्ट के नक्शे को सत्यापित करता है। लेकिन वर्तमान समय में प्राधिकरण नक्शे को सत्यापित नहीं कर रहा था। इसकी वजह डेवलपर्स के पास प्राधिकरण के बकाये की राशि का होना बताया गया।
विज्ञापन

इससे यह हो रही थी परेशानी
किसी प्रोजेक्ट के पांच वर्ष बीतने के बाद रेरा में पंजीकरण की वैधता बढ़ानी होती है। इसके लिए नक्शे का दोबारा सत्यापन जरूरी होता है। अगर नक्शा सत्यापित नहीं होता है तो रेरा में पंजीकरण की वैधता नहीं बढ़ पाती है। इससे उक्त संपत्तियों की बिक्री नहीं की जा सकती है। यही नहीं डेवलपर्स को ऑक्यूपेंसी और कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिलता है। इससे खरीदारों की रजिस्ट्री रुक जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे हुआ समस्या का समाधान
बोर्ड बैठक में तय किया गया कि कुल बकाये की 10 प्रतिशत राशि लेकर नक्शे को सत्यापित कर दिया जाए। इससे रेरा में प्रोजेक्ट के पंजीकरण की वैधता बढ़ जाएगी और प्रोजेक्ट का काम नहीं रुकेगा। हालांकि इसके अलावा एस्क्रो खाता खुलवाने की शर्त रखी गई है ताकि बिल्डर के फ्लैट की बिक्री से आने वाली राशि का कम से कम 70 प्रतिशत अंश प्राधिकरण को नियमित प्राप्त हो सके। एस्क्रो खाते के प्रबंधन के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी को लाने की भी बात की गई है। अगर बकाये की राशि फिर भी बच जाती है तो डेवलपर्स को दूसरे तरीके से बकाया चुकाना होगा। अन्यथा प्राधिकरण कार्रवाई कर सकता है।

बकाया राशि में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि नक्शे को दोबारा सत्यापित करने की दशा में बिल्डर को ब्याज में किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। उसे पूरा पैसा जमा करना ही होगा। अगर वह ऐसा नहीं करता है तो प्राधिकरण दूसरे तरीके से बिल्डर पर दंडात्मक कार्रवाई कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed