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Noida News: सिंथेटिक ट्रैक नहीं, राष्ट्रीय मंच से दूर हो रही गौतमबुद्ध नगर की एथलेटिक्स प्रतिभाएं

Sat, 05 Sep 2026 06:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2026 06:41 PM IST
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Gautam Buddha Nagar's athletics talent drifting away from the national stage due to the lack of a synthetic track.
चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच
फोटो
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- सरकारी स्टेडियमों में आधुनिक ट्रैक की सुविधा नहीं होने से खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित

- 21वीं राष्ट्रीय यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए यूपी टीम में जिले का एक भी खिलाड़ी नहीं हुआ चयनित


नितेश कुमार

ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में एथलेटिक्स की प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में इनका हुनर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने से पहले ही पिछड़ रहा है। जिले के सरकारी खेल स्टेडियमों में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा नहीं होने से एथलीटों को आधुनिक ट्रैक पर अभ्यास का मौका नहीं मिल पा रहा है। इसका सीधा असर खिलाड़ियों की प्रदर्शन क्षमता और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उनके चयन पर पड़ रहा है।


कोच और खिलाड़ियों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर की अधिकांश बड़ी एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर आयोजित होती हैं। ऐसे में मिट्टी या सामान्य ट्रैक पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान ट्रैक की गति, टर्न और तकनीकी परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने में परेशानी होती है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाते। एथलेटिक्स कोच सोनू भाटी, मुन्नी नागर, सन्नी कुमार का कहना है कि हाल ही में आयोजित हुई 21वीं राष्ट्रीय यूथ एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में जिले के किसी खिलाड़ी का चयन नहीं हो पाया हैं। जिले में ट्रैक का बनने से खिलाड़ियों को स्प्रिंट, मिडिल डिस्टेंस, लॉन्ग डिस्टेंस और अन्य एथलेटिक्स स्पर्धाओं के खिलाड़ियों को फायदा पहुंच सकता है। जबकि जिले में खेल निदेशालय, युवा कल्याण विभाग व प्राधिकरण की ओर से पांच से छह बड़े स्टेडियम बनाए हुए हैं। लेकिन किसी में सिंथेटिक ट्रैक की सुविधा नहीं हैं।
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हम जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिंथेटिक ट्रैक पर उतरते ही अंतर महसूस होता है। -आर्यन भाटी, राष्ट्रीय एथलीट।
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सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ने की तकनीक सामान्य ट्रैक से अलग महसूस होती है। वहां अभ्यास करने से पूरी तैयारी नहीं हो पाती। - मोनिका, राष्ट्रीय एथलीट।
समस्या यह है कि राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए बाहर जाना पड़ता है। सभी के लिए दूसरे शहर जाना संभव नहीं है। -चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट।
खिलाड़ी मेहनत के बावजूद चयन से चूक जाते हैं। सुविधाएं हों तो जिले से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट निकल सकते हैं। - मीत भाटी, राष्ट्रीय एथलीट।

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

चंचल भाटी, राष्ट्रीय एथलीट। स्रोत कोच

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