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बाथरूम में लगा था गैस गीजर, नहाते समय महिला की मौत
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ग्रेटर नोएडा। सुथियाना गांव में शुक्रवार को एलपीजी गैस के गीजर लगे बाथरूम में नहाने के दौरान एक महिला की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि नहाने के दौरान गीजर से निकली गैस बाथरूम में जमा होने से महिला की मौत हुई है।
ईकोटेक-3 थाना प्रभारी ने बताया कि सुबह रवि की पत्नी डिंपी (28) बाथरूम में नहा रही थी। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकली तो परिजनों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब नहीं मिलने पर बाथरूम का दरवाजा खोला तो डिंपी बेहोश पड़ी थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गीजर एलपीजी से चल रहा था। परिजनों का कहना है कि बाथरूम का दरवाजा बंद होने और गैस गीजर के कारण दम घुटने से डिंपी की मौत की आशंका है।
एक दिन पहले ससुर हुए थे बेहोश
पुलिस का कहना है कि महिला की मौत का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बृहस्पतिवार को ससुर भी बाथरूम में नहाते समय बेहोश होकर गिर पड़े थे और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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बंद कमरे में हीटर या गीजर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। इससे दम घुटने की आशंका रहती है। ऐसे उपकरण चलाने वाले कमरे हवादार होने चाहिए, ताकि ऑक्सीजन की मात्रा कम न हों।
- डॉ. अमित गुप्ता, फिजिशियन, ग्रेटर नोएडा
इसलिए होते हैं हादसे
- गैस गीजर में एलपीजी गैस का होता है इस्तेमाल
- हानिकारक कार्बन मोनोआक्साइड व नाइट्रो आक्साइड गैसें बनती हैं।
- बाथरूम में गैस की मात्रा बढ़ने पर व्यक्ति बेहोश हो जाता है।
यह रखें ध्यान
- गैस गीजर को हमेशा बाथरूम से बाहर लगवाएं।
- बाथरूम में हवा के लिए खिड़की या रोशनदान जरूर होना चाहिए, ताकि जहरीली गैस बाहर निकल सके।
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ईकोटेक-3 थाना प्रभारी ने बताया कि सुबह रवि की पत्नी डिंपी (28) बाथरूम में नहा रही थी। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकली तो परिजनों ने उसे आवाज दी। कोई जवाब नहीं मिलने पर बाथरूम का दरवाजा खोला तो डिंपी बेहोश पड़ी थी। परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। गीजर एलपीजी से चल रहा था। परिजनों का कहना है कि बाथरूम का दरवाजा बंद होने और गैस गीजर के कारण दम घुटने से डिंपी की मौत की आशंका है।
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एक दिन पहले ससुर हुए थे बेहोश
पुलिस का कहना है कि महिला की मौत का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बृहस्पतिवार को ससुर भी बाथरूम में नहाते समय बेहोश होकर गिर पड़े थे और उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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बंद कमरे में हीटर या गीजर चलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन होता है। इससे दम घुटने की आशंका रहती है। ऐसे उपकरण चलाने वाले कमरे हवादार होने चाहिए, ताकि ऑक्सीजन की मात्रा कम न हों।
- डॉ. अमित गुप्ता, फिजिशियन, ग्रेटर नोएडा
इसलिए होते हैं हादसे
- गैस गीजर में एलपीजी गैस का होता है इस्तेमाल
- हानिकारक कार्बन मोनोआक्साइड व नाइट्रो आक्साइड गैसें बनती हैं।
- बाथरूम में गैस की मात्रा बढ़ने पर व्यक्ति बेहोश हो जाता है।
यह रखें ध्यान
- गैस गीजर को हमेशा बाथरूम से बाहर लगवाएं।
- बाथरूम में हवा के लिए खिड़की या रोशनदान जरूर होना चाहिए, ताकि जहरीली गैस बाहर निकल सके।