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Noida News: जल रहा कूड़ा, बढ़ रहा वायु प्रदूषण, अफसर मूकदर्शक
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फोटो::::
जल रहा कूड़ा, बढ़ रहा वायु प्रदूषण, अफसर मूकदर्शक
- ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण रेड जोन में बरकरार, 344 रहा एक्यूआई
- रोकथाम करने की जगह पराली और सड़कों की धूल को बता रहे जिम्मेदार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण रविवार को भी रेड जोन में बरकरार रह और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 344 रहा। उसके बाद भी ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पालन नहीं कराया जा रहा है। जगह-जगह कूड़ा जलाया रहा है। जिम्मेदार विभागीय अधिकारी नदारद हैं। वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं किए जा रहे है। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर जू-1 की कॉमर्शियल बेल्ट में रोजाना कूड़ा डाला जाता है। जो प्राधिकरण के ठेकेदार और निजी लोग डाल रहे हैं। आए दिन कूड़े को जला दिया जाता है। रविवार को भी कूड़े में आग लगा दी गई। आग के धुएं से आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं एडब्ल्यूएचओ व एनटीपीसी आनंदम सोसाइटी के पास स्थित खाली जगह पर भी कूड़ा डाला जा रहा है। वहां भी कूड़े में आग लगा दी गई। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। वहीं इसी तरह ग्रेनो वेस्ट, औद्योगिक सेक्टर इकोटेक तीन, प्रिया गोल्ड कंपनी के पास भी कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्राधिकरण और यूपीपीसीबी के अफसर पानी का छिड़काव नहीं करा रहे। नियमों का पालन कराने की जगह पराली और सड़कों की धूल को जिम्मेदार ठहरा रहे है। इससे लोगों में रोष है।
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प्रदूषण बरकरार पर ग्रेनो की रैंकिंग में सुधार
ग्रेटर नोएडा पिछले काफी दिनों से देश के प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप 3 में रहा है, लेकिन रविवार को ग्रेटर नोएडा देश का छठा सबसे प्रदूषित शहर रहा। हालांकि वायु प्रदूषण में सुधार नहीं हुआ है और एक्यूआई 344 रहा। जो शनिवार को 346 रहा था। ग्रेटर नोएडा एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। उधर नोएडा का एक्यूआई 281 रहा।
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जल रहा कूड़ा, बढ़ रहा वायु प्रदूषण, अफसर मूकदर्शक
- ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण रेड जोन में बरकरार, 344 रहा एक्यूआई
- रोकथाम करने की जगह पराली और सड़कों की धूल को बता रहे जिम्मेदार
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा का वायु प्रदूषण रविवार को भी रेड जोन में बरकरार रह और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 344 रहा। उसके बाद भी ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पालन नहीं कराया जा रहा है। जगह-जगह कूड़ा जलाया रहा है। जिम्मेदार विभागीय अधिकारी नदारद हैं। वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नहीं किए जा रहे है। अफसरों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर जू-1 की कॉमर्शियल बेल्ट में रोजाना कूड़ा डाला जाता है। जो प्राधिकरण के ठेकेदार और निजी लोग डाल रहे हैं। आए दिन कूड़े को जला दिया जाता है। रविवार को भी कूड़े में आग लगा दी गई। आग के धुएं से आसपास रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं एडब्ल्यूएचओ व एनटीपीसी आनंदम सोसाइटी के पास स्थित खाली जगह पर भी कूड़ा डाला जा रहा है। वहां भी कूड़े में आग लगा दी गई। आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। वहीं इसी तरह ग्रेनो वेस्ट, औद्योगिक सेक्टर इकोटेक तीन, प्रिया गोल्ड कंपनी के पास भी कूड़ा जलाया जा रहा है, लेकिन प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर कार्रवाई नहीं कर रहे। रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कहना है कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। प्राधिकरण और यूपीपीसीबी के अफसर पानी का छिड़काव नहीं करा रहे। नियमों का पालन कराने की जगह पराली और सड़कों की धूल को जिम्मेदार ठहरा रहे है। इससे लोगों में रोष है।
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प्रदूषण बरकरार पर ग्रेनो की रैंकिंग में सुधार
ग्रेटर नोएडा पिछले काफी दिनों से देश के प्रदूषित शहरों की सूची में टॉप 3 में रहा है, लेकिन रविवार को ग्रेटर नोएडा देश का छठा सबसे प्रदूषित शहर रहा। हालांकि वायु प्रदूषण में सुधार नहीं हुआ है और एक्यूआई 344 रहा। जो शनिवार को 346 रहा था। ग्रेटर नोएडा एनसीआर का सबसे प्रदूषित शहर रहा। उधर नोएडा का एक्यूआई 281 रहा।
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