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Noida News: नोएडा में आज से गंगाजल की आपूर्ति बंद
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नोएडा में आज से गंगाजल की आपूर्ति बंद, 48 घंटे में बढ़ेगा संकट
- प्राधिकरण की लोगों से अपील, पानी की बर्बादी न करें, जरूरत होने पर टैंकर से होगी पानी की आपूर्ति
- 300 ट्यूबवेल को पूरी क्षमता से चलाकर पानी की किल्लत को दूर करने प्रयास करेगा प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गंगाजल की आपूर्ति बंद होने के कारण मंगलवार से नोएडा में पानी का संकट बढ़ेगा। अधिकारियों के मुताबिक अगले 48 घंटे में संकट दिखने लगेगा। इससे निपटने के लिए प्राधिकरण 300 ट्यूबवेल को पूरी क्षमता पर चलाकर पेयजल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश करेगा। हालांकि, टोटल डिजॉल्व सॉलिड्स (टीडीएस) बढ़ने की दिक्कत इसके बाद भी लोगों को झेलनी होगी। अहम है कि गंगनहर की वार्षिक सफाई के चलते गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से 24 अक्टूबर से 14 नवंबर के बीच करीब 20 दिन तक संकट बना रह सकता है।
नोएडा की 400 एमएलडी की जरूरत पूरी करने के लिए 240 एमएलडी गंगाजल उपयोग होता है। गाजियाबाद के प्रताप विहार प्लांट से यह पानी मिलता है। अधिकारियों कहना है कि सामान्य दिनों में करीब 200 एमएलडी गंगाजल मिल पाता है। ऐसे में 200 एमएलडी की पूर्ति भूजल से की जाती है। पूरी क्षमता पर ट्यूबवेल चलाने के बाद भी गंगाजल की आपूर्ति नहीं होने से करीब 60 एमएलडी पानी की किल्लत पैदा होगी। डीजीएम जल आरपी सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में प्रेशर या आपूर्ति की दिक्कत आएगी। वहां टैंकर से आपूर्ति किए जाने के लिए व्यवस्था की गई है। लोगों से पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील की जा रही है।
टीडीएस ने बढ़ाई हुई परेशानी
सेक्टर-52 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अशोक शर्मा का कहना है हर साल गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने से इस दौरान टीडीएस का स्तर 1500 तक पहुंच जाता है। वहीं तीन घंटे की जगह डेढ़ घंटे ही पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी का प्रेशर भी काफी कम रहता है। कई बार टैंकर भी मंगाने पड़ते हैं। सेक्टर-122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ उमेश शर्मा कहते हैं कि इतने खतरनाक स्तर के टीडीएस वाले पानी से घर के सामान और लोगों की सेहत दोनों खराब होते हैं। सेक्टर-51 के आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव कुमार कहते हैं कि जल विभाग का सालाना करोड़ों का बजट है फिर भी प्राधिकरण पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
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यहां कॉल कर मंगाएं टैंकर
- जल डिवीजन-1 (9871090089)
- जल डिवीजन-2 (9205691306)
- जल डिवीजन-3 (9205691083)
कोट
ट्यूबवेल और टैंकर की मदद से जल आपूर्ति सामान्य रखने का प्रयास रहेगा। करीब 50 से 60 एमएलडी पानी की किल्लत हो सकती है। लोगों से अपील है कि पानी बर्बाद नहीं करें। अगले वर्ष तक छह रेनीवेल का सुधार कार्य पूरा हो जाएगा। ऐसे में 2024 से इस संकट का सामना लोगों को नहीं करना होगा। - आरपी सिंह, डीजीएम जल, नोएडा प्राधिकरण
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- प्राधिकरण की लोगों से अपील, पानी की बर्बादी न करें, जरूरत होने पर टैंकर से होगी पानी की आपूर्ति
- 300 ट्यूबवेल को पूरी क्षमता से चलाकर पानी की किल्लत को दूर करने प्रयास करेगा प्राधिकरण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। गंगाजल की आपूर्ति बंद होने के कारण मंगलवार से नोएडा में पानी का संकट बढ़ेगा। अधिकारियों के मुताबिक अगले 48 घंटे में संकट दिखने लगेगा। इससे निपटने के लिए प्राधिकरण 300 ट्यूबवेल को पूरी क्षमता पर चलाकर पेयजल की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश करेगा। हालांकि, टोटल डिजॉल्व सॉलिड्स (टीडीएस) बढ़ने की दिक्कत इसके बाद भी लोगों को झेलनी होगी। अहम है कि गंगनहर की वार्षिक सफाई के चलते गंगाजल की आपूर्ति बंद होने से 24 अक्टूबर से 14 नवंबर के बीच करीब 20 दिन तक संकट बना रह सकता है।
नोएडा की 400 एमएलडी की जरूरत पूरी करने के लिए 240 एमएलडी गंगाजल उपयोग होता है। गाजियाबाद के प्रताप विहार प्लांट से यह पानी मिलता है। अधिकारियों कहना है कि सामान्य दिनों में करीब 200 एमएलडी गंगाजल मिल पाता है। ऐसे में 200 एमएलडी की पूर्ति भूजल से की जाती है। पूरी क्षमता पर ट्यूबवेल चलाने के बाद भी गंगाजल की आपूर्ति नहीं होने से करीब 60 एमएलडी पानी की किल्लत पैदा होगी। डीजीएम जल आरपी सिंह ने बताया कि जिन इलाकों में प्रेशर या आपूर्ति की दिक्कत आएगी। वहां टैंकर से आपूर्ति किए जाने के लिए व्यवस्था की गई है। लोगों से पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील की जा रही है।
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टीडीएस ने बढ़ाई हुई परेशानी
सेक्टर-52 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष अशोक शर्मा का कहना है हर साल गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने से इस दौरान टीडीएस का स्तर 1500 तक पहुंच जाता है। वहीं तीन घंटे की जगह डेढ़ घंटे ही पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी का प्रेशर भी काफी कम रहता है। कई बार टैंकर भी मंगाने पड़ते हैं। सेक्टर-122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ उमेश शर्मा कहते हैं कि इतने खतरनाक स्तर के टीडीएस वाले पानी से घर के सामान और लोगों की सेहत दोनों खराब होते हैं। सेक्टर-51 के आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव कुमार कहते हैं कि जल विभाग का सालाना करोड़ों का बजट है फिर भी प्राधिकरण पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
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- जल डिवीजन-1 (9871090089)
- जल डिवीजन-2 (9205691306)
- जल डिवीजन-3 (9205691083)
कोट
ट्यूबवेल और टैंकर की मदद से जल आपूर्ति सामान्य रखने का प्रयास रहेगा। करीब 50 से 60 एमएलडी पानी की किल्लत हो सकती है। लोगों से अपील है कि पानी बर्बाद नहीं करें। अगले वर्ष तक छह रेनीवेल का सुधार कार्य पूरा हो जाएगा। ऐसे में 2024 से इस संकट का सामना लोगों को नहीं करना होगा। - आरपी सिंह, डीजीएम जल, नोएडा प्राधिकरण