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गंगा स्नान मेला : मोक्षदायिनी की धरा पर बसने लगा तंबुओं का शहर
Sat, 25 Oct 2025 12:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:54 AM IST
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बिजनौर में विदुर कुटी के सामने गंगा स्नान मेले में लगने शुरू हुए तंबु। संवाद
बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए लगने वाला मेला भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। मोक्षदायिनी की धरा पर बाकायदा तंबू लगने शुरू हो गए हैं। इस बार मेला स्थल का दायरा भी बढ़ाकर 60 लाख वर्ग फीट कर दिया गया है।
शुक्रवार को विदुरकुटी से ढाई किलोमीटर दूर गंगा किनारे मेला स्थल पर जिला पंचायत का अमला तैयारियों में जुटा रहा। रास्ते बनाने का काम किया जा रहा है। साथ ही तंबू लग रहे हैं। इसके अलावा पथ प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम भी किया जा रहा है। मेला स्थल पर करीब चालीस फीसदी काम हो चुका है।
जिला पंचायत के इंजीनियर सुशील कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ का अनुमान लगाते हुए इस बार स्नान घाट की लंबाई बढ़ाकर 800 मीटर कर दी गई है। ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकें। स्नान घाट पर कटान की समस्या को रोकने के लिए इस बार मिट्टी से भरे हुए कट्टे लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए जल में उतरने में आसानी हो सके।
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गहरे जल में जाने से रोकने के लिए यूं तो हर बार बैरिकेडिंग लगाई जाती है। मगर पानी के बहाव में यह बैरिकेडिंग गिर जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार पंपिंग जैक से पानी में बल्लियां गाड़ी जाएंगी, ताकि पानी में बैरिकेडिंग मजबूती के साथ खड़ी रहे।
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शुक्रवार को विदुरकुटी से ढाई किलोमीटर दूर गंगा किनारे मेला स्थल पर जिला पंचायत का अमला तैयारियों में जुटा रहा। रास्ते बनाने का काम किया जा रहा है। साथ ही तंबू लग रहे हैं। इसके अलावा पथ प्रकाश व्यवस्था का इंतजाम भी किया जा रहा है। मेला स्थल पर करीब चालीस फीसदी काम हो चुका है।
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जिला पंचायत के इंजीनियर सुशील कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ का अनुमान लगाते हुए इस बार स्नान घाट की लंबाई बढ़ाकर 800 मीटर कर दी गई है। ताकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ स्नान कर सकें। स्नान घाट पर कटान की समस्या को रोकने के लिए इस बार मिट्टी से भरे हुए कट्टे लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए जल में उतरने में आसानी हो सके।
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गहरे जल में जाने से रोकने के लिए यूं तो हर बार बैरिकेडिंग लगाई जाती है। मगर पानी के बहाव में यह बैरिकेडिंग गिर जाती थी। इस समस्या से निपटने के लिए इस बार पंपिंग जैक से पानी में बल्लियां गाड़ी जाएंगी, ताकि पानी में बैरिकेडिंग मजबूती के साथ खड़ी रहे।