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मोबाइल चोर गैंग का भंडाफोड़: चोरी के 154 फोन बरामद, मास्टरमाइंड कंटेनर चालक समेत छह गिरफ्तार; ऐसे खुला राज
Mon, 31 Aug 2026 03:04 PM IST
अनुज कुमार
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 31 Aug 2026 03:04 PM IST
सार
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने एक मोबाइल फोन चोरी कर सस्ते दामों में बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 154 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
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कंपनी से मोबाइल चुराकर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीटा-2 थाना पुलिस ने कंपनी से मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें बाजार में कम कीमत पर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 154 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा आरोपियों के पास से 2.50 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार भी बरामद की गई है। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा संतोष कुमार ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार है, जिसके खिलाफ गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ के अलग-अलग थानों में चोरी समेत अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह के दो अन्य सदस्य जीतू और राकेश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। उनकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। दरअसल पुलिस की टीम ने 31 अगस्त 2026 को मुखबिर की सूचना पर छह आरोपियों को पीपल वाला गोल चक्कर, नट मेड्या के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में चोरी किए गए मोबाइल फोन, नकदी और स्कॉर्पियो कार बरामद हुई।
कंपनी के कंटेनर से निकालते थे मोबाइल के कार्टन
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। वह एक लॉजिस्टिक कंपनी में कंटेनर चालक के पद पर काम करता था। कंपनी के डी-28, साइट-4 स्थित प्रतिष्ठान से मोबाइल फोन अलग-अलग स्थानों पर ऑर्डर की डिलीवरी के लिए भेजे जाते थे। कंटेनर चालक होने के कारण केशव को मोबाइल फोन से लदे कंटेनरों की आवाजाही और डिलीवरी की जानकारी रहती थी। केशव अपने साथियों के साथ मिलकर कंटेनर को रास्ते में सुनसान स्थान पर रोकता था। इसके बाद कंटेनर की सील खोलकर अंदर रखे मोबाइल फोन के कार्टन निकाल लिए जाते थे। आरोपियों ने मोबाइल फोन के कार्टन को बड़े ही शातिर तरीके से काटकर उसमें से मोबाइल निकालने का तरीका अपना रखा था। इसके बाद मोबाइल फोन को दोबारा इस तरह रख दिया जाता था कि पहली नजर में कंटेनर में किसी तरह की कमी का पता न चले।
मांग के अनुसार बाजार में बेचते थे फोन
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन को अपने अन्य साथियों की मदद से अलग-अलग स्थानों पर ले जाते थे। इसके बाद बाजार में मांग के अनुसार इन्हें कम कीमत पर बेचकर अवैध रूप से धन कमाते थे। गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था।
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कंपनी में मोबाइल फोन की ऑडिट प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल कम पाए गए। कंपनी के मैनेजर की ओर से 24 जुलाई 2026 को बीटा-2 थाने में 165 मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू की और मोबाइल फोन की सप्लाई, कंटेनर की आवाजाही तथा उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ और बरामदगी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
154 मोबाइल बरामद, दो आरोपी फरार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 154 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही 2.50 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक नकदी चोरी के मोबाइल फोन बेचकर प्राप्त रकम से संबंधित है। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार का रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के सदस्य जीतू और राकेश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है, ताकि चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और उन्हें बाजार में खपाने वालों तक पहुंचा जा सके।
मास्टरमाइंड केशव पर पहले से कई मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों में केशव कुमार के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ बीटा-2 थाने में मोबाइल चोरी का मौजूदा मामला दर्ज है। इसके अलावा अलीगढ़ के छर्रा थाने में वर्ष 2024 में धारा 411, आयुध अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा इगलास थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। सूरजपुर थाने में भी वर्ष 2023 में चोरी और संबंधित धाराओं में मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले कंपनी से कितने मोबाइल फोन चोरी किए गए और चोरी के मोबाइल किन-किन लोगों को बेचे गए। बरामद 154 मोबाइल फोन के अलावा चोरी गए अन्य 11 मोबाइल फोन का भी सुराग लगाया जा रहा है, क्योंकि कंपनी की ओर से कुल 165 मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दी गई थी।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव कुमार निवासी ग्राम बेर नगरीया, थाना गोंडा जिला अलीगढ़ उम्र करीब 30 वर्ष; मनोज कुमार निवासी ग्राम कुंवरपुर, थाना गोंडा जिला अलीगढ़ उम्र करीब 25 वर्ष, रवि कुमार निवासी ग्राम उमराला थाना कोसीकला जिला मथुरा उम्र करीब 32 वर्ष, विनीत उर्फ मस्ताना निवासी ग्राम कुंवरपुर थाना गोंडा जिला अलीगढ़, उम्र करीब 23 वर्ष, मोहम्मद शोएब निवासी मोहल्ला पंतियापाड़ा बाईपास अली मस्जिद के पास थाना चांदपुर जिला बिजनौर, उम्र करीब 24 वर्ष, हसीबुर्रहमान निवासी ग्राम मेवा नवादा, थाना स्योहारा जिला बिजनौर उम्र करीब 32 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीटा-2 थाने में मुकदमा कार्रवाई की है। पुलिस टीम अब गिरोह के फरार सदस्यों और चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
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कंपनी के कंटेनर से निकालते थे मोबाइल के कार्टन
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड केशव कुमार पहले भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। वह एक लॉजिस्टिक कंपनी में कंटेनर चालक के पद पर काम करता था। कंपनी के डी-28, साइट-4 स्थित प्रतिष्ठान से मोबाइल फोन अलग-अलग स्थानों पर ऑर्डर की डिलीवरी के लिए भेजे जाते थे। कंटेनर चालक होने के कारण केशव को मोबाइल फोन से लदे कंटेनरों की आवाजाही और डिलीवरी की जानकारी रहती थी। केशव अपने साथियों के साथ मिलकर कंटेनर को रास्ते में सुनसान स्थान पर रोकता था। इसके बाद कंटेनर की सील खोलकर अंदर रखे मोबाइल फोन के कार्टन निकाल लिए जाते थे। आरोपियों ने मोबाइल फोन के कार्टन को बड़े ही शातिर तरीके से काटकर उसमें से मोबाइल निकालने का तरीका अपना रखा था। इसके बाद मोबाइल फोन को दोबारा इस तरह रख दिया जाता था कि पहली नजर में कंटेनर में किसी तरह की कमी का पता न चले।
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मांग के अनुसार बाजार में बेचते थे फोन
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी किए गए मोबाइल फोन को अपने अन्य साथियों की मदद से अलग-अलग स्थानों पर ले जाते थे। इसके बाद बाजार में मांग के अनुसार इन्हें कम कीमत पर बेचकर अवैध रूप से धन कमाते थे। गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था।
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कंपनी में मोबाइल फोन की ऑडिट प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मोबाइल कम पाए गए। कंपनी के मैनेजर की ओर से 24 जुलाई 2026 को बीटा-2 थाने में 165 मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच शुरू की और मोबाइल फोन की सप्लाई, कंटेनर की आवाजाही तथा उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ और बरामदगी के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
154 मोबाइल बरामद, दो आरोपी फरार
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 154 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइल की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही 2.50 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक नकदी चोरी के मोबाइल फोन बेचकर प्राप्त रकम से संबंधित है। वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार का रजिस्ट्रेशन नंबर बताया गया है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के सदस्य जीतू और राकेश अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। दोनों की तलाश के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है, ताकि चोरी के मोबाइल फोन खरीदने और उन्हें बाजार में खपाने वालों तक पहुंचा जा सके।
मास्टरमाइंड केशव पर पहले से कई मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों में केशव कुमार के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ बीटा-2 थाने में मोबाइल चोरी का मौजूदा मामला दर्ज है। इसके अलावा अलीगढ़ के छर्रा थाने में वर्ष 2024 में धारा 411, आयुध अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा इगलास थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। सूरजपुर थाने में भी वर्ष 2023 में चोरी और संबंधित धाराओं में मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले कंपनी से कितने मोबाइल फोन चोरी किए गए और चोरी के मोबाइल किन-किन लोगों को बेचे गए। बरामद 154 मोबाइल फोन के अलावा चोरी गए अन्य 11 मोबाइल फोन का भी सुराग लगाया जा रहा है, क्योंकि कंपनी की ओर से कुल 165 मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दी गई थी।
ये आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशव कुमार निवासी ग्राम बेर नगरीया, थाना गोंडा जिला अलीगढ़ उम्र करीब 30 वर्ष; मनोज कुमार निवासी ग्राम कुंवरपुर, थाना गोंडा जिला अलीगढ़ उम्र करीब 25 वर्ष, रवि कुमार निवासी ग्राम उमराला थाना कोसीकला जिला मथुरा उम्र करीब 32 वर्ष, विनीत उर्फ मस्ताना निवासी ग्राम कुंवरपुर थाना गोंडा जिला अलीगढ़, उम्र करीब 23 वर्ष, मोहम्मद शोएब निवासी मोहल्ला पंतियापाड़ा बाईपास अली मस्जिद के पास थाना चांदपुर जिला बिजनौर, उम्र करीब 24 वर्ष, हसीबुर्रहमान निवासी ग्राम मेवा नवादा, थाना स्योहारा जिला बिजनौर उम्र करीब 32 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीटा-2 थाने में मुकदमा कार्रवाई की है। पुलिस टीम अब गिरोह के फरार सदस्यों और चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।