{"_id":"648e0bace7033ceb9600a7c4","slug":"gang-busted-for-cheating-in-the-name-of-job-noida-news-c-1-gnd1002-635342-2023-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: नौकरी के नाम पर ठगी का करने वाले गिरोह का पर्दाफाश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: नौकरी के नाम पर ठगी का करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
विज्ञापन
नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार गिरफ्तार
- हर पंद्रह दिन में बदल लेते थे मोबाइल, सिम कार्ड और कार्यालय
- 100 से ज्यादा लोगों से की ठगी, पांच लाख नकद समेत उपकरण बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेज दो पुलिस ने देश-विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। शनिवार को पुलिस ने गिरोह के चार बदमाशों बरेली निवासी राजवीर सिंह, पालकोट टिहरी गढ़वाल निवासी नितिन, दनकौर निवासी निकेतन और खुर्जा निवासी रिंकू को लेबर चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने 100 से ज्यादा लोगों से ठगी की थी। उनके पास से लैपटॉप, स्मार्ट फोन समेत 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोपी हर पंद्रह दिनों में मोबाइल और सिम कार्ड बदल देते थे। पुराने मोबाइल फोन व सिम कार्ड को तोड़ कर फेंक देते थे। साथ ही दफ्तर भी नई जगह ले लेते थे।
आरोपी विभिन्न साइटों से बेरोजगार युवकों का बॉयोडाटा प्राप्त कर अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक कुछ दिनों पहले पीड़ित लाेकेश शर्मा ने फेज दो कोतवाली पुलिस को नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में शिकायत दी थी। शिकायत की छानबीन के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। आरोपी गेझा, भंगेल और सेक्टर-55 में रहकर गिरोह संचालित कर रहे थे। आरोपी युवाओं को बुलाकर आवेदन फाॅर्म भरवाते थे। आमने-सामने बैठकर साक्षात्कार लेते थे। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर उन्हें सौंप देते थे। नियुक्ति की तिथि कुछ दिनों बाद की होती थी। जब पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर मौके पर पहुंचते थे तब उन्हें ठगी का अहसास होता था।
एमबीए पास है सरगना
गिरोह का सरगना राजवीर सिंह ने बरेली से एमबीए किया है। उसने दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न कंपनियों में नौकरी की। उसके महंगे शौक की पूर्ति नौकरी से पूरी नहीं हुई जिसके बाद उसने ठगी शुरू कर दी। उसने अपना मुख्य कार्यालय शक्तिखंड-चार इंदिरापुरम गाजियाबाद में बना रखा था।
विज्ञापन
सबसे सस्ती शर्ट चार हजार की
पुलिस पूछताछ में सरगना राजवीर ने बताया कि उसे महंगे कपड़े पहनने और विभिन्न शहरों में घूमने का शौक है। उसकी सबसे कम कीमत की शर्ट चार हजार रुपये की है। वह दोस्तों से साथ जमकर पार्टी करता था। इसके लिए कई बार वह गोवा भी जा चुका है।सबसे सस्ती शर्ट चार हजार की
गिरोह में सबके काम का था बंटवारा
गिरफ्तार नितिन गिरोह का खजांची था जबकि रिंकू बैंक खाते उपलब्ध कराता था। जिसमें बेरोजगार युवाओं से पैसों का लेनदेन नितिन करता था। बात पक्की हो जाने के बाद रिंकू के माध्यम से बैंक खातों में पैसे मंगाए जाते थे। इसके बाद एटीएम या मनी ट्रांसफर के माध्यम पैसे निकलवाकर आपस में बांट लेते थे।
कोट
आरोपी रिंकू ने कुछ दिन पहले मनी ट्रांसफर करने वाले दुकानदार से पांच लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए। वह पैसे वापस नहीं दे रहा था। मुआवजे मिलने का झांसा देकर उसे टाल रहा था। उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने सख्ती से जांच की तो इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी।- डॉ. राजीव दीक्षित, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा।
विज्ञापन
- हर पंद्रह दिन में बदल लेते थे मोबाइल, सिम कार्ड और कार्यालय
- 100 से ज्यादा लोगों से की ठगी, पांच लाख नकद समेत उपकरण बरामद
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेज दो पुलिस ने देश-विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। शनिवार को पुलिस ने गिरोह के चार बदमाशों बरेली निवासी राजवीर सिंह, पालकोट टिहरी गढ़वाल निवासी नितिन, दनकौर निवासी निकेतन और खुर्जा निवासी रिंकू को लेबर चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने 100 से ज्यादा लोगों से ठगी की थी। उनके पास से लैपटॉप, स्मार्ट फोन समेत 5 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोपी हर पंद्रह दिनों में मोबाइल और सिम कार्ड बदल देते थे। पुराने मोबाइल फोन व सिम कार्ड को तोड़ कर फेंक देते थे। साथ ही दफ्तर भी नई जगह ले लेते थे।
आरोपी विभिन्न साइटों से बेरोजगार युवकों का बॉयोडाटा प्राप्त कर अच्छी नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करते थे। पुलिस के मुताबिक कुछ दिनों पहले पीड़ित लाेकेश शर्मा ने फेज दो कोतवाली पुलिस को नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में शिकायत दी थी। शिकायत की छानबीन के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। आरोपी गेझा, भंगेल और सेक्टर-55 में रहकर गिरोह संचालित कर रहे थे। आरोपी युवाओं को बुलाकर आवेदन फाॅर्म भरवाते थे। आमने-सामने बैठकर साक्षात्कार लेते थे। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी तैयार कर उन्हें सौंप देते थे। नियुक्ति की तिथि कुछ दिनों बाद की होती थी। जब पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर मौके पर पहुंचते थे तब उन्हें ठगी का अहसास होता था।
विज्ञापन
एमबीए पास है सरगना
गिरोह का सरगना राजवीर सिंह ने बरेली से एमबीए किया है। उसने दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न कंपनियों में नौकरी की। उसके महंगे शौक की पूर्ति नौकरी से पूरी नहीं हुई जिसके बाद उसने ठगी शुरू कर दी। उसने अपना मुख्य कार्यालय शक्तिखंड-चार इंदिरापुरम गाजियाबाद में बना रखा था।
विज्ञापन
सबसे सस्ती शर्ट चार हजार की
पुलिस पूछताछ में सरगना राजवीर ने बताया कि उसे महंगे कपड़े पहनने और विभिन्न शहरों में घूमने का शौक है। उसकी सबसे कम कीमत की शर्ट चार हजार रुपये की है। वह दोस्तों से साथ जमकर पार्टी करता था। इसके लिए कई बार वह गोवा भी जा चुका है।सबसे सस्ती शर्ट चार हजार की
गिरोह में सबके काम का था बंटवारा
गिरफ्तार नितिन गिरोह का खजांची था जबकि रिंकू बैंक खाते उपलब्ध कराता था। जिसमें बेरोजगार युवाओं से पैसों का लेनदेन नितिन करता था। बात पक्की हो जाने के बाद रिंकू के माध्यम से बैंक खातों में पैसे मंगाए जाते थे। इसके बाद एटीएम या मनी ट्रांसफर के माध्यम पैसे निकलवाकर आपस में बांट लेते थे।
कोट
आरोपी रिंकू ने कुछ दिन पहले मनी ट्रांसफर करने वाले दुकानदार से पांच लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए। वह पैसे वापस नहीं दे रहा था। मुआवजे मिलने का झांसा देकर उसे टाल रहा था। उसकी शिकायत के बाद पुलिस ने सख्ती से जांच की तो इस गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी।- डॉ. राजीव दीक्षित, एडीसीपी सेंट्रल नोएडा।