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Noida News: साइबर ठगी की रकम से जूलरी खरीदने वाले गिरोह का पर्दाफाश

Thu, 10 Aug 2023 01:36 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 10 Aug 2023 01:36 AM IST
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Gang busted for buying jewelery with cyber fraud money
ऑनलाइन ठगी फिर सोने की शॉपिंग, साइबर क्राइम की थ्री लेयर सिक्योरिटी देख पुलिस हैरान
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- साइबर ठगी के बाद ज्वेलर से फोन पर संपर्क कर रेजरपे के माध्यम से खरीदते थे गहने, जूलरी को पोर्टर एप से मंगवाते थे, चार जालसाज गिरफ्तार

- देश के कई राज्यों में कर चुके हैं ठगी, तीन लाख कीमत के सोने को मुथुट फाइनेंस में फ्रीज कराया गया

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। साइबर ठगी की रकम से जूलरी खरीदने वाले एक हाईप्रोफाइल अंतरराज्यीय गैंग का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस ने गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नजफगढ़, दिल्ली निवासी भूपेंद्र कुमार, द्वारका मोड़, दिल्ली निवासी हिमांशु, ध्रुव और ग्वालियर निवासी सचिन परिहार के रूप में हुई है। आरोपी एक तरफ किसी से साइबर ठगी करते थे और दूसरे ही पल किसी ज्वेलर से संपर्क कर सोना खरीदते थे, फिर ठगी की रकम को ज्वेलर के रेजरपे खाते में ट्रांसफर कर देते थे। पुलिस गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

पकड़े गए आरोपी तीन लेयर में साइबर अपराध करते थे। जालसाज सबसे पहले किसी को फोन कर क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने से लेकर अन्य तरह का लालच देकर ठगी करते थे। इसी दौरान गिरोह का दूसरा बदमाश किसी भी शहर के बड़े ज्वेलरी शॉप से ऑनलाइन संपर्क कर सोने के सिक्के से लेकर अन्य तरह की जूलरी खरीदने का सौदा करते थे और रेजरपे के माध्यम से जूलरी शॉप वाले को भुगतान करते थे। यह पेमेंट उस खाते से किया जाता था जिसके साथ साइबर फ्रॉड होता था।
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इसके बाद तीसरे स्तर पर पोर्टर एप के माध्यम से जालसाज गहने मंगवा लेते थे। इधर, साइबर ठगी के शिकार शख्स की शिकायत पर पुलिस जब जांच करती थी तब पता चलता था कि साइबर अपराध की रकम ज्वेलर के रेजरपे खाते में गई है। तब पुलिस उस ज्वेलर के खाते को फ्रीज कर देती थी। नोएडा में भी जब दो ज्वेलरों ने इसकी इसकी शिकायत की तब पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने 2.12 लाख रुपये, छह मोबाइल बरामद किया है। इसके अलावा तीन लाख कीमत के सोने को मुथुट फाइनेंस में फ्रीज कराया गया है।
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12वीं पास दिल्ली से कर रहा था जालसाजी

12वीं पास गिरोह का सरगना भूपेंद्र कुमार दिल्ली में बैठकर थ्री लेयर फ्रॉड कर रहा था। वर्ष 2018 से अब तक 50 से अधिक बड़े साइबर वारदात को अंजाम दिया है। इसने नोएडा के अलावा हैदराबाद, मुंबई, जयपुर और देहरादून के अलावा कई शहरों में इस तरह की ठगी की है। साइबर ठगी के लिए जस्ट डायल से ज्वेलर का नंबर लेता था।

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ऐसे होती थी थ्री लेयर साइबर जालसाजी

पहले लेयर में जालसाज किसी को भी फोन कर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने व अन्य तरह से लालच देकर जानकारी प्राप्त कर उसके खाते को हैक कर लेते थे। दूसरे लेयर में उसी दौरान किसी शहर के बड़े ज्वेलर से संपर्क कर गोल्ड खरीदने का सौदा कर रेजरपे पर हैक खाते से ट्रांजैक्शन करते थे। तीसरे लेयर में पोर्टर एप पर बुकिंग कर जूलरी शॉप पर भेजकर गोल्ड मंगा लेते थे।


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नोएडा के दो ज्वेलर्स से खरीदा था 12 लाख का सोना

एसीपी रजनीश वर्मा का कहना है कि इन जालसाजों ने सेक्टर-27 के स्वर्णिम ज्वेलर्स से 4.66 लाख तो सेक्टर-18 के ज्वेलर से 7.50 लाख रुपये के सोने के सिक्के खरीदे थे। स्वर्णिम ज्वेलर्स के रेजरपे में यह रकम छत्तीसगढ़ के युवक से ठगी कर रकम भेजी गई थी, जब छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्वर्णिम ज्वेलर्स के रेजरपे खाते को फ्रीज कराया तब इस ठगी का पता चला। डीसीपी नोएडा ने गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।


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क्या होता है रेजरपे वॉलेट

रेजरपे भारत का एक वित्तीय प्रौद्योगिकी वॉलेट है जो ऑनलाइन बैंकिंग और अन्य वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है। इसके माध्यम से ऑनलाइन पेमेंट की जाती है और मोबाइल से घर बैठे इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। ज्वेलरी से जुड़े कारोबारी इस रेजरपे का अधिक इस्तेमाल करते हैं और ज्वेलरी उद्योग में यह लेन देन की प्रचलित व्यवस्था है। इस वॉलेट को व्यवसायों के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय और तेज भुगतान प्रदान करने वाला माना जाता है।


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यह है पोर्टर एप

पोर्टर एक एप आधारित ट्रांसपोर्ट बुकिंग सेवा है। इसके माध्यम से लॉगइन कर किसी तरह के सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता है। लॉगइन करने के 10 से 15 मिनट में चालक वाहन लेकर सामान लेने के लिए दिए गए पते पर पहुंच जाता है। वहां से सामान लेकर गंतव्य तक पहुंचा दिया जाता है। साइबर जालसाज इस फ्रॉड के लिए पोर्टर एप का इस्तेमाल करते थे।


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पुलिस ने एक ऐसे साइबर जालसाज गिरोह का खुलासा किया है जो एक साथ तीन स्तर पर ठगी करते थे। इसमें रेजरपे वॉलेट व पोर्टर एप का इस्तेमाल किया जा रहा था। इस अंतरराज्यीय गिरोह के चार जालसाजों को गिरफ्तार किया गया है। - हरीश चंदर, डीसीपी नोएडा


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ठगी के पैसे से खरीदा अपने घर का हर सामान
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि जब पुलिस की टीम आरोपियों के घर जाकर जांच की तब पता चला कि उनके घरों में लगे एसी, कूलर, फ्रिज और टीवी से लेकर अन्य तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स सामान ठगी के पैसे से खरीदे गए थे। आरोपियों ने बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम को चूना लगाया और रेजरपे व पोर्टर एप के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
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