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एफएसओ गिरफ्तारी मामला

Tue, 24 Sep 2019 01:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2019 01:09 AM IST
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fso: many more officer on radar
एफएसओ गिरफ्तारी मामला: ऑनलाइन सिस्टम की सेंधमारी में बड़े किरदार भी रडार पर
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नोएडा। अग्निशमन विभाग के ऑनलाइन सिस्टम में सेंधमारी कर एनओसी देने के मामले में बड़े किरदार भी शामिल हैं। फायर स्टेशन ऑफिसर (एफएसओ) को एनओसी जारी करने का अधिकार नहीं है। एफएसओ अपनी ग्राउंड रिपोर्ट ऑनलाइन देता है। एफएसओ से ऊपर के अधिकारी ही एनओसी जारी करते हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट अग्निशमन विभाग के और भी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। नोएडा पुलिस मामले की जांच कर रही है। कई लोग पुलिस के रडार पर हैं। दरअसल, रविवार को नोएडा पुलिस ने एनओसी के नाम पर घूस लेने के आरोप में एफएसओ प्रथम कुलदीप कुमार और फायर वेंडर अरविंद गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। मई महीने के इस ऑडियो में कुलदीप और अरविंद गुप्ता के बीच बात हो रही है। जांच में यह बात सामने आई कि सेक्टर-48 स्थित मदरहुड हॉस्पिटल के फायर एनओसी के नाम पर 80 हजार रुपये एफएसओ को दिए गए थे। इसके बाद एसएसपी ने शासन से अनुमति लेकर एफएसओ को गिरफ्तार किया था।
इन सवालों का नहीं मिल रहा जवाब
एफएसओ को जब एनओसी जारी करने का अधिकार नहीं है तो वह अकेले पूरा रैकेट कैसे चला सकता है?
एफएसओ ऑनलाइन आवेदन पर ग्राउंड रिपोर्ट डालकर संस्तुति करता है। अगर ग्राउंड रिपोर्ट गलत डाली जा रही थी तो उच्च अधिकारियों ने कैसे एनओसी जारी कर दी। उन्हें पता नहीं चला या मामला कुछ अलग है?
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एफएसओ की संस्तुति की अधिकारी जांच कर सकते हैं। केवल एफएसओ की संस्तुति पर ही आंख मूंद कर सालों से एनओसी जारी की जा रही थी?
डेढ़ साल से अधिक वक्त से यह खेल चल रहा था। लेकिन उच्च अधिकारी पकड़ नहीं पाए। जबकि नोएडा में सीएफओ व डिप्टी डायरेक्टर भी बैठते हैं।
सीएफओ व ऊपर के अधिकारी देते हैं एनओसी
अग्निशमन विभाग की एनओसी सीएफओ यानी मुख्य अग्निशमन अधिकारी, विभाग के डिप्टी डायरेक्टर व ज्वाइंट डायरेक्टर रैंक के अधिकारी देते हैं। आवासीय सेक्टर में 60 मीटर ऊंचाई तक सीएफओ, 60 से 100 मीटर तक डिप्टी डायरेक्टर और 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली बिल्डिंग का एनओसी ज्वाइंट डायरेक्टर देते हैं। इसी तरह शैक्षणिक, संस्थागत, औद्योगिक, बिजनेस, मार्केट सेक्टर के भवनों का एनओसी भी सीएफओ व उनके ऊपर के अधिकारी देते हैं।
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क्यों नहीं किया गया क्रॉस चेक
जब भी एनओसी के लिए कोई आवेदक ऑनलाइन फॉर्म भरता है तो एफएसओ के पास उसकी जांच आती है। एफएसओ 6 से लेकर 9 दिन में उस बिल्डिंग का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट ऑनलाइन भेजता है। इसके बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी, डिप्टी डायरेक्टर या इसके ऊपर स्तर के अधिकारी एनओसी जारी करते हैं। सवाल उठता है कि एफएसओ की रिपोर्ट को आंख मूंदकर मान लिया गया या इसमें भी कुछ खेल है। इसे कभी क्रॉस चेक भी नहीं किया गया।
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