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फर्जी फाइनेंस कंपनी के नाम पर ठगी में नौ दबोचे, 7 माह में 700 लोगों को लगाया चूना
Mon, 24 Jun 2019 05:45 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2019 05:45 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फेज-थ्री पुलिस ने फर्जी फाइनेंस कंपनी व कॉल सेंटर की आड़ में लोगों को ठगने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोन व नौकरी दिलाने के बहाने 700 लोगों से करीब 30 लाख रुपये ठग चुके हैं।
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इनके कब्जे से 90 हजार रुपये और 19 मोबाइल फोन समेत काफी सामान बरामद किया गया है। हालांकि, अभी मुख्य आरोपी फरार है।
एसएसपी वैभव कृष्ण के अनुसार, मेरठ निवासी राजा उर्फ नजर ने 9 दोस्तों के साथ सात माह पहले सेक्टर-63 के ए ब्लॉक में नवजीवन इंफो सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फर्जी फाइनेंस कंपनी व कॉल सेंटर चला रखा था।
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सभी को वह काम के अनुसार वेतन देता था। बिना रजिस्ट्रेशन के शुरू की गई कंपनी के जरिये लोगों से लोन दिलाने के लिए प्रोसेसिंग फीस, कमीशन और फाइल चार्ज के नाम पर 3500 से 12500 हजार रुपये तक लिए जाते थे। करीब 700 लोगों से यह रकम वसूली जा चुकी थी, लेकिन लोन नहीं दिया गया था।
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एक पीड़ित ने पुलिस को मामले की शिकायत की तो जांच में खुलासा हुआ। पुलिस ने शनिवार शाम को कंपनी पर छापेमारी करके मेरठ निवासी फैसल, अशद, बिलाल, समीर, मोहम्मद जुनुल, आरिफ, अजीम और आकिल को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी राजा फरार हो गया।
इनके कब्जे से 90 हजार रुपये और 19 मोबाइल के अलावा काफी लेटरपेड भी बरामद किए गए। पुलिस को मारुति स्विफ्ट और आई-20 कार भी बरामद हुई है। एक युवक इंटरव्यू देने आया था और एक पहले ही दिन नौकरी पर आया था। उन दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है।
ऐसे खुला मामला
बिहार निवासी आनंद प्रकाश ने विज्ञापन देखने के बाद नौकरी के लिए फोन किया था। राजा ने उसका मोबाइल पर ही इंटरव्यू लेकर ऑनलाइन टेस्ट लिया था। इसके आधार पर उसे कंपनी में मैनेजर नियुक्त कर दिया था। आई-कार्ड भी बनाकर मेल कर दिया था, लेकिन उसे वहीं से लोन दिलाने का लक्ष्य दिया गया। जब उसे ठगी का पता चला तो मामले की शिकायत फेज-थ्री पुलिस से की और मामले से पर्दा उठा।
वेबसाइट और अखबारों में दिया था विज्ञापन
एसपी सिटी सुधा सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अखबार और ऑनलाइन वेबसाइट पर कंपनी द्वारा विभिन्न बैंकों से लोन दिलाने व नौकरी दिलाने का विज्ञापन प्रकाशित कराया था। जिसे पढ़कर लोग फोन कर फंस गए।
बाहरी लोगों को बनाते थे निशाना
एएसपी डॉ. कोस्तुभ ने बताया कि आरोपी 10 लाख रुपये का लोन दिलाने के लिए 4 हजार रुपये तक फाइल चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 12500 रुपये व इसके अलावा अपना कमीशन भी लेते थे। मुख्य रूप से बाहरी लोगों को शिकार बनाते थे और 7 माह में 700 लोगों को उन्होंने लोन दिलाने का आश्वासन दिया है और लोन स्वीकृत होने की सूचना भी दे चुके थे, लेकिन हर बार उनको किसी न किसी तरह से टरका रहे थे।