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Noida News: साइबर क्राइम
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साइबर क्राइम
क्राइम ब्रांच व ईडी के नाम पर फर्जी वारंट भेज कर जालसाज कर रहे ठगी
- जेल भेजने या केस में फंसाने की धमकी बना रहे डर, इस तरह के कई मामले आए
सुशांत समदर्शी
नोएडा। ओटीपी पूछकर या लिंक भेजकर साइबर ठगी करने का अंदाज पुराना हो गया। अब साइबर जालसाज पुलिस व प्रवर्तन अधिकारी बनकर ठगी कर रहे हैं। जेल भेजने या फंसाने की धमकी देकर वह लोगों डरा रहे हैं और उगाही कर रहे हैं। नोएडा में इस तरह के मामले लगातार आ रहे हैं। इस मॉड्यूल के तहत साइबर जालसाज किसी शख्स के पास पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाने और विदेशी कोरियर में संदिग्ध वस्तु होने का डर दिखाकर वसूली कर रहे हैं।
ओटीपी व लिंक भेजकर ठगी के मामले को लेकर लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधियों ने अपना तरीका बदल लिया है। यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि अब साइबर जालसाज लोगों को पुलिस अधिकारी, प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कर कहते हैं कि आपकी शिकायत मिली है। डराने के लिए जालसाज पुलिस का फर्जी वारंट भी भेजते हैं। इसके अलावा जालसाज खुद को नारकोटिक्स, इनकम टैक्स, सीबीआई अधिकारी बताकर नशीला पदार्थ होने या करोड़ों की जूलरी, विदेशी मुद्रा पकड़े जाने की बात बताते हैं। इससे सामने वाला शख्स काफी डर जाता है और जेल जाने के डर से पैसे जालसाजों को भेज देता है। अभी कुछ दिन पहले ही कोतवाली सेक्टर-58 क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स के पास एक युवती ने फोन किया और उनकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उस वीडियो को एडिट कर उनके पास भेज दिया। पुलिस अधिकारी बनकर जालसाज गिरोह के दूसरे शख्स ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उसकी शिकायत थाने में आने की बात कही। डरा धमका कर ढाई लाख रुपये ले लिए।
वारंट या पुलिस के नाम से न डरें
यूपी साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके पास पुलिस या किसी अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फोन करे तो डरें नहीं। पहले सच्चाई का पता कर लें। स्थानीय पुलिस थाने में जाकर जानकारी लें या उनके आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई मेल आईडी लेकर उस पर मेल करें। पुलिस या प्रवर्तन एजेंसियां इस तरह से फोन कर धमकाती नहीं हैं और न ही ब्लैकमेल करती हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) व सीबीआई भी इस तरह से किसी को फोन नहीं करती है।
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नाइजीरियाई गैंग ने शुरू किया, अब कई गिरोह हैं सक्रिय
यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि इस तरह के मामलों में ठगी की शुरुआत नाइजीरियाई गैंग ने की थी। अब स्थानीय साइबर जालसाज गिरोह भी थाने से फर्जी वारंट आदि भेजकर जालसाजी को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के कॉल, मैसेज आए तो सावधान रहें।
इस तरह के मामले सबसे अधिक
-हवाई अड्डे पर पर तैनात इमीग्रेशन अधिकारी बनकर।
- नारकोटिक्स सेल के अधिकारी बनकर नशीला पदार्थ पकड़े जाने के नाम पर।
- आय से अधिक संपत्ति व अवैध संपत्ति रखने को लेकर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर।
- क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी के नाम पर धमकी
- थाने से वारंट भेजने के नाम पर फ्रॉड।
- सीबीआई व ईडी के नाम पर साइबर जालसाजी।
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क्राइम ब्रांच व ईडी के नाम पर फर्जी वारंट भेज कर जालसाज कर रहे ठगी
- जेल भेजने या केस में फंसाने की धमकी बना रहे डर, इस तरह के कई मामले आए
सुशांत समदर्शी
नोएडा। ओटीपी पूछकर या लिंक भेजकर साइबर ठगी करने का अंदाज पुराना हो गया। अब साइबर जालसाज पुलिस व प्रवर्तन अधिकारी बनकर ठगी कर रहे हैं। जेल भेजने या फंसाने की धमकी देकर वह लोगों डरा रहे हैं और उगाही कर रहे हैं। नोएडा में इस तरह के मामले लगातार आ रहे हैं। इस मॉड्यूल के तहत साइबर जालसाज किसी शख्स के पास पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते हैं और अश्लील वीडियो दिखाने और विदेशी कोरियर में संदिग्ध वस्तु होने का डर दिखाकर वसूली कर रहे हैं।
ओटीपी व लिंक भेजकर ठगी के मामले को लेकर लोग धीरे-धीरे जागरूक हो रहे हैं। ऐसे में साइबर अपराधियों ने अपना तरीका बदल लिया है। यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि अब साइबर जालसाज लोगों को पुलिस अधिकारी, प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारी बनकर फोन कर कहते हैं कि आपकी शिकायत मिली है। डराने के लिए जालसाज पुलिस का फर्जी वारंट भी भेजते हैं। इसके अलावा जालसाज खुद को नारकोटिक्स, इनकम टैक्स, सीबीआई अधिकारी बताकर नशीला पदार्थ होने या करोड़ों की जूलरी, विदेशी मुद्रा पकड़े जाने की बात बताते हैं। इससे सामने वाला शख्स काफी डर जाता है और जेल जाने के डर से पैसे जालसाजों को भेज देता है। अभी कुछ दिन पहले ही कोतवाली सेक्टर-58 क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स के पास एक युवती ने फोन किया और उनकी अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उस वीडियो को एडिट कर उनके पास भेज दिया। पुलिस अधिकारी बनकर जालसाज गिरोह के दूसरे शख्स ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और उसकी शिकायत थाने में आने की बात कही। डरा धमका कर ढाई लाख रुपये ले लिए।
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वारंट या पुलिस के नाम से न डरें
यूपी साइबर क्राइम के अधिकारियों का कहना है कि अगर आपके पास पुलिस या किसी अन्य प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर फोन करे तो डरें नहीं। पहले सच्चाई का पता कर लें। स्थानीय पुलिस थाने में जाकर जानकारी लें या उनके आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई मेल आईडी लेकर उस पर मेल करें। पुलिस या प्रवर्तन एजेंसियां इस तरह से फोन कर धमकाती नहीं हैं और न ही ब्लैकमेल करती हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) व सीबीआई भी इस तरह से किसी को फोन नहीं करती है।
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नाइजीरियाई गैंग ने शुरू किया, अब कई गिरोह हैं सक्रिय
यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि इस तरह के मामलों में ठगी की शुरुआत नाइजीरियाई गैंग ने की थी। अब स्थानीय साइबर जालसाज गिरोह भी थाने से फर्जी वारंट आदि भेजकर जालसाजी को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह के कॉल, मैसेज आए तो सावधान रहें।
इस तरह के मामले सबसे अधिक
-हवाई अड्डे पर पर तैनात इमीग्रेशन अधिकारी बनकर।
- नारकोटिक्स सेल के अधिकारी बनकर नशीला पदार्थ पकड़े जाने के नाम पर।
- आय से अधिक संपत्ति व अवैध संपत्ति रखने को लेकर इनकम टैक्स अधिकारी बनकर।
- क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी के नाम पर धमकी
- थाने से वारंट भेजने के नाम पर फ्रॉड।
- सीबीआई व ईडी के नाम पर साइबर जालसाजी।