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Noida News: किराये के लिए मकान दिखाने के नाम पर ठगी
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पीड़ित ने सेक्टर-24 कोतवाली में दर्ज कराया केस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अगर आप सोशल मीडिया पर मकान, दुकान या कोई अन्य प्राॅपर्टी तलाश रहे हैं या कुछ खरीदने अथवा बेचने के लिए विज्ञापन दे रहे हैं तो साइबर जालसाज से सावधान रहें। इन दिनों साइबर जालसाज आपके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। फर्जी नाम व नंबर से सोशल मीडिया पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसी तरह का एक मामला मंगलवार को सेक्टर-24 कोतवाली में सामने आया है, जिसमें पीड़ित से 30500 रुपये ठग लिए गए।
सेक्टर-34 स्थित उदयगिरी अपार्टमेंट में रहने वाले अरूणांशु घोष ने शिकायत में बताया कि वह 99 एकड़ वेबसाइट पर जाकर किराये का मकान तलाश रहे थे। इस साइट पर एक मकान दिखा जिसे आशुतोष शुक्ला ने किराये पर देने के लिए विज्ञापन दिया हुआ था। विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर कॉल कर मकान किराये पर लेने की बात की गई। आशुतोष ने बताया कि उनका मकान खाली है। उसे दिखाने के लिए गेट पास बनवाने के एवज में एक हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मकान दिखाने के बाद यह राशि वापस कर दी जाएगी।
पीड़ित ने एक हजार रुपये उसके बताए गए नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़ित को मैनेजर ओमप्रकाश से बात करने के लिए कहा गया। यह भी कहा गया कि मकान पसंद आने पर किराये संबंधित सारी बातचीत मैनेजर ओमप्रकाश ही करेंगे। कुछ देर बाद ओमप्रकाश ने पीड़ित को फोन किया और कहा कि नई प्रणाली लागू होने के कारण उसे मकान देखने से पहले छह हजार रुपये ट्रांसफर करने होंगे, जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे। पीड़ित ने ओमप्रकाश के बताए गए खाते में छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ओमप्रकाश ने बहाना बनाते हुए कहा कि आपको छह हजार रुपये दो बार में ट्रांसफर करने थे। एक साथ ट्रांसफर करने पर रिफंड नहीं मिलेगा आपको दोबारा से छह हजार रुपये दो बार में ट्रांसफर करने होंगे। इसी तरह से कई बहाने बनाकर आरोपी ने कुल 30500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए, लेकिन एक बार भी रिफंड नहीं आया, न ही उसने मकान दिखाया।
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इस तरह से बरतें सावधानी
साइबर थाना प्रभारी रीता यादव का कहना है कि किसी भी सोशल मीडिया साइट से खरीदारी करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी गुणवत्ता व पृष्ठभूमि की जांच कर लें। जब तक आप वेबसाइट से मिलने वाले नंबर, पेमेंट ऑप्शन और पूरी प्रक्रिया की सत्यता की जांच न कर लें, पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर खरीदारी करने से परहेज करें।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अगर आप सोशल मीडिया पर मकान, दुकान या कोई अन्य प्राॅपर्टी तलाश रहे हैं या कुछ खरीदने अथवा बेचने के लिए विज्ञापन दे रहे हैं तो साइबर जालसाज से सावधान रहें। इन दिनों साइबर जालसाज आपके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। फर्जी नाम व नंबर से सोशल मीडिया पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसी तरह का एक मामला मंगलवार को सेक्टर-24 कोतवाली में सामने आया है, जिसमें पीड़ित से 30500 रुपये ठग लिए गए।
सेक्टर-34 स्थित उदयगिरी अपार्टमेंट में रहने वाले अरूणांशु घोष ने शिकायत में बताया कि वह 99 एकड़ वेबसाइट पर जाकर किराये का मकान तलाश रहे थे। इस साइट पर एक मकान दिखा जिसे आशुतोष शुक्ला ने किराये पर देने के लिए विज्ञापन दिया हुआ था। विज्ञापन पर दिए गए नंबर पर कॉल कर मकान किराये पर लेने की बात की गई। आशुतोष ने बताया कि उनका मकान खाली है। उसे दिखाने के लिए गेट पास बनवाने के एवज में एक हजार रुपये का भुगतान करना होगा। मकान दिखाने के बाद यह राशि वापस कर दी जाएगी।
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पीड़ित ने एक हजार रुपये उसके बताए गए नंबर पर ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद पीड़ित को मैनेजर ओमप्रकाश से बात करने के लिए कहा गया। यह भी कहा गया कि मकान पसंद आने पर किराये संबंधित सारी बातचीत मैनेजर ओमप्रकाश ही करेंगे। कुछ देर बाद ओमप्रकाश ने पीड़ित को फोन किया और कहा कि नई प्रणाली लागू होने के कारण उसे मकान देखने से पहले छह हजार रुपये ट्रांसफर करने होंगे, जो बाद में वापस कर दिए जाएंगे। पीड़ित ने ओमप्रकाश के बताए गए खाते में छह हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ओमप्रकाश ने बहाना बनाते हुए कहा कि आपको छह हजार रुपये दो बार में ट्रांसफर करने थे। एक साथ ट्रांसफर करने पर रिफंड नहीं मिलेगा आपको दोबारा से छह हजार रुपये दो बार में ट्रांसफर करने होंगे। इसी तरह से कई बहाने बनाकर आरोपी ने कुल 30500 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए, लेकिन एक बार भी रिफंड नहीं आया, न ही उसने मकान दिखाया।
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इस तरह से बरतें सावधानी
साइबर थाना प्रभारी रीता यादव का कहना है कि किसी भी सोशल मीडिया साइट से खरीदारी करने या पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी गुणवत्ता व पृष्ठभूमि की जांच कर लें। जब तक आप वेबसाइट से मिलने वाले नंबर, पेमेंट ऑप्शन और पूरी प्रक्रिया की सत्यता की जांच न कर लें, पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर खरीदारी करने से परहेज करें।