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आरटीए कार्यालय में लाइसेंस नवीनीकरण में फर्जीवाड़ा
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पलवल। फर्जी शस्त्र लाइसेंस और दस्तावेज बनाने के मामलों के बाद अब स्थानीय क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) सचिव कार्यालय में भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। आरोप है कि प्रदेश के अन्य जिलों में बने व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंसों का यहां फर्जी तरीके से नवीनीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के फरीदाबाद डीएसपी देवेंद्र सिंह ने कैंप थाने में कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों और अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। हालांकि पुलिस ने अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।
डीएसपी देवेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा है कि उन्हें पलवल आरटीए कार्यालय में व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंसों के फर्जी तरीके से रिन्यू होने की सूचना मिली थी। इस पर पलवल आरटीए कार्यालय से 16 सितंबर को गुरुग्राम जिले के गांव उदाका निवासी यूसुफ और जमील व गांव सहसोला निवासी रफीक के लाइसेंस की सत्यापित कॉपी ली गई। 24 सितंबर को गुरुग्राम स्थित आरटीए कार्यालय से पड़ताल कराई तो पता चला कि गुरुग्राम आरटीए से यह लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए हैं। लाइसेंस पर गुरुग्राम लाइसेंस अथॉरिटी की मुहर और छोटे हस्ताक्षर हैं। जांच में पता चला कि पलवल जिले में फर्जी तरीके से लाइसेंस रिन्यू करने का काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों सहित कई लोगों की मिलीभगत है। इन लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जाए। शिकायत के मुताबिक, जांच की जाए तो व्यावसायिक लाइसेंस फर्जी तरीके से रिन्यू कराने वाले गिरोह का खुलासा हो सकता है।
इस संबंध में डीएसपी मख्यालय अनिल कुमार का कहना है कि सीएम फ्लाइंग के डीएसपी ने आरटीए कार्यालय में फर्जी तरीके से लाइसेंस रिन्यू करने की शिकायत की थी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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डीएसपी देवेंद्र सिंह ने शिकायत में कहा है कि उन्हें पलवल आरटीए कार्यालय में व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंसों के फर्जी तरीके से रिन्यू होने की सूचना मिली थी। इस पर पलवल आरटीए कार्यालय से 16 सितंबर को गुरुग्राम जिले के गांव उदाका निवासी यूसुफ और जमील व गांव सहसोला निवासी रफीक के लाइसेंस की सत्यापित कॉपी ली गई। 24 सितंबर को गुरुग्राम स्थित आरटीए कार्यालय से पड़ताल कराई तो पता चला कि गुरुग्राम आरटीए से यह लाइसेंस रिन्यू नहीं हुए हैं। लाइसेंस पर गुरुग्राम लाइसेंस अथॉरिटी की मुहर और छोटे हस्ताक्षर हैं। जांच में पता चला कि पलवल जिले में फर्जी तरीके से लाइसेंस रिन्यू करने का काम किया जा रहा है। इसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों सहित कई लोगों की मिलीभगत है। इन लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जाए। शिकायत के मुताबिक, जांच की जाए तो व्यावसायिक लाइसेंस फर्जी तरीके से रिन्यू कराने वाले गिरोह का खुलासा हो सकता है।
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इस संबंध में डीएसपी मख्यालय अनिल कुमार का कहना है कि सीएम फ्लाइंग के डीएसपी ने आरटीए कार्यालय में फर्जी तरीके से लाइसेंस रिन्यू करने की शिकायत की थी। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अभी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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