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Noida News: यूरोपीय व अफ्रीकी देशों में नेटवर्क बढ़ा फ्रेंचाइजी देने की थी योजना
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यूरोपीय और अफ्रीकी देशों में फ्रेंचाइजी देने की थी तैयारी
400 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खुलासे का मामला
11 देशों में इस गिरोह का है नेटवर्क, डी कंपनी की सरपरस्ती में दुबई में चल रहा मुख्यालय
अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का अनुमान
सुशांत समदर्शी
नोएडा। डी कंपनी की सरपरस्ती में चल रहे महादेव एप गेमिंग फ्रॉड का नेटवर्क यूरोप और अफ्रीकी देशों में बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा था कि नोएडा पुलिस की कार्रवाई से इस काम पर गहरा धक्का लग गया। गिरोह का नेटवर्क 11 देशों में है और भारत सबसे अधिक निशाने पर था। भारत के कई शहरों में मास्टरमाइंड ने इस गेमिंग एप की फ्रेेंचाइजी दे रखी थी। इसी तर्ज पर दुनिया के कई देशों में भी फ्रेंचाइजी देने की योजना पर काम चल रहा था। अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का अनुमान है।
सरगना ने दुबई जाकर महादेव गेमिंग एप डिजाइन किया और अपने सॉफ्टवेयर से तैयार कर इसे इंटरनेट की दुनिया में लॉन्च कर दिया। इसके बाद अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से कुछ युवाओं को दुबई बुलाया, फिर गिरोह का नेटवर्क दुनिया भर में फैलने लगा। गिरोह का नेटवर्क भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांगलदेश, श्रीलंका, यूएई, हांगकांग, सिंगापुर, मलयेशिया सहित 11 देशों में है। भारत में नोएडा समेत कई अन्य स्थानों पर अलग-अलग लोगों को फ्रेंचाइजी दिया गया है। अब यूरोप और अफ्रीकी के कई देशों में फ्रेंचाइजी देने की तैयारी थी। सरगना सौरभ ने नोएडा में सचिन को फ्रेंचाइजी दिया था। सचिन सीधे सौरभ से बात करता था और अन्य लोगों को काम के एवज में कमीशन देता था। सचिन ने दोस्तों के माध्यम से डेढ़ महीने पहले नोएडा के सेक्टर-108 में 68 हजार रुपये किराए पर कोठी ली थी। अभी यहां से काम शुरू हुआ था और डेढ़ महीने में तेजी से 400 करोड़ रुपये के आंकड़ा को छू गया।
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बुकी ब्रीफकेस का इस्तेमाल कर दिया जाता था प्लेटफॉर्म
जालसाज ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा के खेल में बुकी ब्रीफकेस का इस्तेमाल करते थे। बुकी ब्रीफकेस के तहत एक समय में एक साथ दस कॉलर को ऑनलाइन गेमिंग में सट्टा लगाने के लिए इंटरकनेक्ट किया जाता था। इससे सट्टा लगाने वाले को आपस में विश्वास होता था कि कई लोग इस प्लेटफार्म पर पैसे लगा रहे हैं और उन्हें भारी लाभ हो रहा है।
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किराएदार बनकर पुलिस ने की रेकी
सेक्टर-108 के जिस मकान में यह अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड चल रहा था, वह बाहर से बंद कर दिया जाता था। भनक लगने पर पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। इसके लिए उस कोठी के पास पुलिस ने किराए पर कमरा लिया और उनकी गतिविधियों को देखा। इसके बाद टीम ने मौके पर जाकर दबिश दी।
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सचिन की महिला मित्र रखती थी लेखा-जोखा
नोएडा में चलने वाले ठगी के इस सेंटर के हेड सचिन की गर्लफ्रेंड की भी इस गिरोह में अहम भूमिका थी, हालांकि वह सामने से इस गिरोह के लिए काम नहीं करती थी। बताया जाता है कि इस गिरोह का लेखा-जोखा का काम उसकी गर्लफ्रेंड के पास था। सचिन ने उसके ठहरने के लिए नोएडा की एक सोसाइटी में फ्लैट ले रखा था। जब गर्ल फ्रेंड आती थी तो उस फ्लैट में जाकर मिलता था।
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नेपाल में है सक्रिय चार जालसाज
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के नौ जालसाज फरार हैं। इनमें चार सक्रिय जालसाज नेपाल में है। इसके लिए पुलिस की टीम नेपाल बॉर्डर के आसपास लगी हुई है। वहीं इस गिरोह का एक आरोपी नीरज थाइलैंड में है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अन्य एजेंसियों से सहायता ले रही है।
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दुर्ग पुलिस की दबिश से गिरोह का कनेक्शन
छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस की टीम ने सोमवार को ग्रेनो की एक सोसाइटी में दबिश दे कर सट्टेबाजी गैंग का खुलासा किया था। उसमें भी महादेव गेमिंग एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुबई में बैठे मास्टरमाइंड के ही गुर्गे ग्रेनो में ठगी कर रहे थे। इसी तरह की फ्रेंचाइजी नोएडा, ग्रेनो के अलावा अन्य शहरों में दी गई है।
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400 करोड़ के ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खुलासे का मामला
11 देशों में इस गिरोह का है नेटवर्क, डी कंपनी की सरपरस्ती में दुबई में चल रहा मुख्यालय
अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का अनुमान
सुशांत समदर्शी
नोएडा। डी कंपनी की सरपरस्ती में चल रहे महादेव एप गेमिंग फ्रॉड का नेटवर्क यूरोप और अफ्रीकी देशों में बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा था कि नोएडा पुलिस की कार्रवाई से इस काम पर गहरा धक्का लग गया। गिरोह का नेटवर्क 11 देशों में है और भारत सबसे अधिक निशाने पर था। भारत के कई शहरों में मास्टरमाइंड ने इस गेमिंग एप की फ्रेेंचाइजी दे रखी थी। इसी तर्ज पर दुनिया के कई देशों में भी फ्रेंचाइजी देने की योजना पर काम चल रहा था। अब तक एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की जालसाजी का अनुमान है।
सरगना ने दुबई जाकर महादेव गेमिंग एप डिजाइन किया और अपने सॉफ्टवेयर से तैयार कर इसे इंटरनेट की दुनिया में लॉन्च कर दिया। इसके बाद अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से कुछ युवाओं को दुबई बुलाया, फिर गिरोह का नेटवर्क दुनिया भर में फैलने लगा। गिरोह का नेटवर्क भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांगलदेश, श्रीलंका, यूएई, हांगकांग, सिंगापुर, मलयेशिया सहित 11 देशों में है। भारत में नोएडा समेत कई अन्य स्थानों पर अलग-अलग लोगों को फ्रेंचाइजी दिया गया है। अब यूरोप और अफ्रीकी के कई देशों में फ्रेंचाइजी देने की तैयारी थी। सरगना सौरभ ने नोएडा में सचिन को फ्रेंचाइजी दिया था। सचिन सीधे सौरभ से बात करता था और अन्य लोगों को काम के एवज में कमीशन देता था। सचिन ने दोस्तों के माध्यम से डेढ़ महीने पहले नोएडा के सेक्टर-108 में 68 हजार रुपये किराए पर कोठी ली थी। अभी यहां से काम शुरू हुआ था और डेढ़ महीने में तेजी से 400 करोड़ रुपये के आंकड़ा को छू गया।
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बुकी ब्रीफकेस का इस्तेमाल कर दिया जाता था प्लेटफॉर्म
जालसाज ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा के खेल में बुकी ब्रीफकेस का इस्तेमाल करते थे। बुकी ब्रीफकेस के तहत एक समय में एक साथ दस कॉलर को ऑनलाइन गेमिंग में सट्टा लगाने के लिए इंटरकनेक्ट किया जाता था। इससे सट्टा लगाने वाले को आपस में विश्वास होता था कि कई लोग इस प्लेटफार्म पर पैसे लगा रहे हैं और उन्हें भारी लाभ हो रहा है।
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किराएदार बनकर पुलिस ने की रेकी
सेक्टर-108 के जिस मकान में यह अंतरराष्ट्रीय फ्रॉड चल रहा था, वह बाहर से बंद कर दिया जाता था। भनक लगने पर पुलिस ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू की। इसके लिए उस कोठी के पास पुलिस ने किराए पर कमरा लिया और उनकी गतिविधियों को देखा। इसके बाद टीम ने मौके पर जाकर दबिश दी।
सचिन की महिला मित्र रखती थी लेखा-जोखा
नोएडा में चलने वाले ठगी के इस सेंटर के हेड सचिन की गर्लफ्रेंड की भी इस गिरोह में अहम भूमिका थी, हालांकि वह सामने से इस गिरोह के लिए काम नहीं करती थी। बताया जाता है कि इस गिरोह का लेखा-जोखा का काम उसकी गर्लफ्रेंड के पास था। सचिन ने उसके ठहरने के लिए नोएडा की एक सोसाइटी में फ्लैट ले रखा था। जब गर्ल फ्रेंड आती थी तो उस फ्लैट में जाकर मिलता था।
नेपाल में है सक्रिय चार जालसाज
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के नौ जालसाज फरार हैं। इनमें चार सक्रिय जालसाज नेपाल में है। इसके लिए पुलिस की टीम नेपाल बॉर्डर के आसपास लगी हुई है। वहीं इस गिरोह का एक आरोपी नीरज थाइलैंड में है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अन्य एजेंसियों से सहायता ले रही है।
दुर्ग पुलिस की दबिश से गिरोह का कनेक्शन
छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस की टीम ने सोमवार को ग्रेनो की एक सोसाइटी में दबिश दे कर सट्टेबाजी गैंग का खुलासा किया था। उसमें भी महादेव गेमिंग एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दुबई में बैठे मास्टरमाइंड के ही गुर्गे ग्रेनो में ठगी कर रहे थे। इसी तरह की फ्रेंचाइजी नोएडा, ग्रेनो के अलावा अन्य शहरों में दी गई है।