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Noida News: मेरठ, बुलंदशहर, सोनभद्र, गुड़गांव और देवरिया के ध्यानार्थ....धर्मकांटों के लिए बना रहे थे चिप व रिमोट, चार गिरफ्तार

Thu, 06 Feb 2025 09:08 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2025 09:08 PM IST
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Four including an engineer arrested for making chips and remotes to control weight on weighing scales
फोटो:--------------
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हेडिंग-धर्मकांटों पर वजन कंट्रोल करने की चिप और रिमोट बनाने में इंजीनियर समेत चार गिरफ्तार
-दनकौर कोतवाली पुलिस ने गिरोह का किया खुलासा,
-अब तक यूपी महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और कर्नाटक में बेच चुके हैं चिप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दनकौर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम ने धर्मकांटों के लिए इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट बनाने वाले गिरोह का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो बीटेक इंजीनियर हैं। आरोपियों के कब्जे से 30 चिप और 67 रिमोट के साथ अन्य सामान बरामद किया है। ये अब तक 50 लाख से अधिक की चिप बेच चुके हैं। इनकी पहचान मेरठ निवासी कपिल कुमार, बुलंदशहर निवासी मनमोहन सिंह, सोनभद्र निवासी विनय कुमार शर्मा और देवरिया निवासी धीरज शर्मा के रूप में हुई है। अब पुलिस जिले के धर्मकांटों की भी जांच करेगी।

डीसीपी ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने बताया कि कपिल और मनमोहन सिंह दिल्ली में रह रहे थे, जबकि विनय और धीरज गुरुग्राम के आईएमटी चौक मानेसर में रह रहे थे। दोनों बीटेक इंजीनियर हैं। कपिल का विनय और धीरज से संपर्क इंडिया मार्ट के माध्यम से हुआ था। वहां दोनों ने अपना पंजीकरण कराया था। कपिल ने दोनों से चिप व रिमोट तैयार करा रहा था। विनय मानेसर में स्थित डीईएचएन कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर था। उसने इंडिया मार्ट साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। मनमोहन रिश्ते में कपिल का जीजा लगता है। कपिल व मनमोहन चिप व रिमोट को बाजार में बेचते थे।
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10-20 हजार में तैयार कर दो से ढाई लाख में बेचते थे
पुलिस ने बताया कि चिप और रिमोट बनाने में 10 से 20 हजार रुपये का खर्च आता था, लेकिन आरोपी उसको बाजार में दो से 2.50 लाख रुपये में बेच रहे थे। कई जगह 10 लाख रुपये तक में बेचा। अब तक ये महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक में चिप व रिमोट बेच चुके हैं।
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धर्मकांटों पर हो रहा चिप व रिमोट से खेल

धर्मकांटों पर चिप व रिमोट का प्रयोग सरिया व स्क्रैप माफिया कर रहे हैं। गिरोह के सदस्य माफिया के संपर्क में थे। माफिया चिप व रिमोट की मदद से सरिया व स्क्रैप का वजन को कम दिखाते हैं और कंपनी को उसी हिसाब से भुगतान करते हैं। कम दिखाए गए मॉल को अच्छे दामों पर बेचते थे। ऐसे में अब जिले के सभी धर्मकांटों की जांच होगी। पुलिस इस संबंध में जिलाधिकारी को एक रिपोर्ट भेजेगी। आशंका है कि आरोपियों ने यहां के धर्मकांटों को भी चिप व रिमोट बेचे हैं। आरोपियों का नेटवर्क देश के अलग-अलग कोने तक फैला हुआ है।

67 रिमोट और 30 चिप बरामद
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों से 67 रिमोट, 30 इलेक्ट्रॉनिक चिप, सीपीयू, लैपटॉप, फेडमैन किट सेट, आठ लोड सेल ट्रांसड्यूसर, पांच वेट इंटीकेटर, सोल्डर मशीन, आठ बैटरी केस, चार पावर कोड, पांच जीपी हाई वोल्टेज बैटरी, सोल्डर वायर और अन्य सामान बरामद हुआ है।
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