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एक ही परिवार के चार की मौत: बंद थीं कमरे की खिड़की, ऐसा था अंदर का नजारा; जलते गैस चूल्हे पर रखा मिला ये सामान
Sat, 03 Feb 2024 11:50 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 03 Feb 2024 11:50 AM IST
सार
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के तुस्याना गांव में एक ही कमरे में दो महिला समेत चार लोगों के शव मिले हैं। पुलिस दम घुटने से चारों की मौत की आशंका जता रही है। सभी लोग बुधवार की रात में सोए थे। सर्दी में कमरे की खिड़की बंद कर दी थी।
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four dead bodies found
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्रेटर नोएडा के तुस्याना गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की दम घुटने से मौत की सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने गहनता से घटनास्थल की पड़ताल की। पुलिस टीम ने मौके की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई। जांच में पता चला है कि जिस कमरे में शव मिले वह दस गुणा दस फीट का था।
कमरे में केवल एक छोटी खिड़की थी। जिसे बुधवार रात सोने से पहले सर्दी से बचने के लिए गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया था। आशंका है कि इसी वजह से कमरे में बनी जहरीली गैस बाहर नहीं निकल पाई। अंदर दम घुटने से चारों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों के रिश्तेदार, मकान मालिक और पड़ोसियों से मामले की पूछताछ की है।
पूछताछ में पता चला है कि चंद्रेश और राजेश पराठे बेचने का काम करते थे। इसके लिए परिजन रोजाना आलू उबालते थे। आशंका जताई जा रही है कि गैस पर मिले पतीले में आलू उबालने के लिए रखकर परिवार का सदस्य फिर से सोने की वजह से देर गैस तक जलती रही।
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जिससे छोटे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे दम घुटने से चारों की मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो चारों शव नीचे बिस्तर पर पड़े थे। कमरे में कोई खाट नहीं थी। दोनों भाई, उनकी बहन बबली और चंद्रेश की पत्नी निशा सब नीचे बिस्तर बिछाकर सो रहे थे। जांच में पता चला है कि मकान मालिक ने किरायेदारों के लिए बनवाए हैं दस गुणा दस फीट के 20 कमरे बनवा रखे थे। इनमें से ज्यादातर में कामकाजी लोग किराये पर रहते थे।
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कमरे में केवल एक छोटी खिड़की थी। जिसे बुधवार रात सोने से पहले सर्दी से बचने के लिए गत्ता लगाकर बंद कर दिया गया था। आशंका है कि इसी वजह से कमरे में बनी जहरीली गैस बाहर नहीं निकल पाई। अंदर दम घुटने से चारों की मौत हो गई। पुलिस ने चारों के रिश्तेदार, मकान मालिक और पड़ोसियों से मामले की पूछताछ की है।
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पूछताछ में पता चला है कि चंद्रेश और राजेश पराठे बेचने का काम करते थे। इसके लिए परिजन रोजाना आलू उबालते थे। आशंका जताई जा रही है कि गैस पर मिले पतीले में आलू उबालने के लिए रखकर परिवार का सदस्य फिर से सोने की वजह से देर गैस तक जलती रही।
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जिससे छोटे बंद कमरे में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इससे दम घुटने से चारों की मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो चारों शव नीचे बिस्तर पर पड़े थे। कमरे में कोई खाट नहीं थी। दोनों भाई, उनकी बहन बबली और चंद्रेश की पत्नी निशा सब नीचे बिस्तर बिछाकर सो रहे थे। जांच में पता चला है कि मकान मालिक ने किरायेदारों के लिए बनवाए हैं दस गुणा दस फीट के 20 कमरे बनवा रखे थे। इनमें से ज्यादातर में कामकाजी लोग किराये पर रहते थे।
निशा का रिश्तेदार करता रहा कॉल
पुलिस पूछताछ में मकान मालिक पवन ने बताया कि चंद्रेश और राजेश को किराये पर कमरा सतेंद्र ने दिलाया था। सतेंद्र को कॉल कर बुलाया गया। सतेंद्र ने बताया कि वह रिश्ते में निशा का मामा लगता है। उसने निशा को कॉल की थी, लेकिन रिसीव नहीं हुई। उसने सोचा कि वह कोई काम कर रही होगी। लेकिन वह उसे देखने नहीं आया। वहीं, पड़ोसियों को भी बृहस्पतिवार को पूरे दिन घटना की जानकारी नहीं हुई।
पुलिस पूछताछ में मकान मालिक पवन ने बताया कि चंद्रेश और राजेश को किराये पर कमरा सतेंद्र ने दिलाया था। सतेंद्र को कॉल कर बुलाया गया। सतेंद्र ने बताया कि वह रिश्ते में निशा का मामा लगता है। उसने निशा को कॉल की थी, लेकिन रिसीव नहीं हुई। उसने सोचा कि वह कोई काम कर रही होगी। लेकिन वह उसे देखने नहीं आया। वहीं, पड़ोसियों को भी बृहस्पतिवार को पूरे दिन घटना की जानकारी नहीं हुई।
बहन की शादी के लिए जोड़ रहे थे रुपये
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थाानीय लोगों के मुताबिक परिवार दिन भर मेहनत कर बबली की शादी के लिए रुपये एकत्रित कर रहा था। ईकोटेक-3 थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। स्थाानीय लोगों के मुताबिक परिवार दिन भर मेहनत कर बबली की शादी के लिए रुपये एकत्रित कर रहा था। ईकोटेक-3 थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।
बंद कमरे में हीटर या आग जलाना है जानलेवा
चिकित्सकों के मुताबिक बंद कमरे में हीटर जलने या आग लगातार जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ने लगती है और ऑक्सीजन कम होने लगती है। कार्बन मोनो ऑक्साइड सांस के जरिये शरीर में रेड ब्लड सेल्स में मिल जाता है। ऐसे में सो रहा व्यक्ति खुद को बचाने के लिए उठ भी नहीं पाता। नींद में ही वह दम तोड़ देता है। करीब एक माह पहले बिरोंडी गांव में भी एक महिला की कमरे में अंगीठी जलाकर सो गई थी। हादसे में उसकी मौत हो गई थी उसका बेटा बेहोश हो गया था।
चिकित्सकों के मुताबिक बंद कमरे में हीटर जलने या आग लगातार जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ने लगती है और ऑक्सीजन कम होने लगती है। कार्बन मोनो ऑक्साइड सांस के जरिये शरीर में रेड ब्लड सेल्स में मिल जाता है। ऐसे में सो रहा व्यक्ति खुद को बचाने के लिए उठ भी नहीं पाता। नींद में ही वह दम तोड़ देता है। करीब एक माह पहले बिरोंडी गांव में भी एक महिला की कमरे में अंगीठी जलाकर सो गई थी। हादसे में उसकी मौत हो गई थी उसका बेटा बेहोश हो गया था।
31 जनवरी की रात बारिश हुई थी। इससे काफी ठंड बढ़ गई थी। संभावना है कि परिवार के लोगों ने ठंड से बचाव के लिए खिड़की बंद की होगी। घरेलू सिलेंडर की गैस खत्म होने के कारण गैस की आंच बंद हो गई थी, लेकिन गैस और शवों की दुर्गंध आ रही थी। - सुनीति, डीसीपी सेंट्रल जोन
दम घुटने से एक ही परिवार के चार की मौत
ग्रेनो वेस्ट के तुस्याना गांव में एक ही कमरे में सगे भाई चंद्रेश व राजेश, बहन बबली और चंद्रेश की पत्नी निशा का शव मिला है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस दम घुटने से चारों की मौत की आशंका जता रही है। शुक्रवार शाम कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस दाखिल हुई। अंदर से गैस की बदबू आ रही थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मौत के सही कारणों की जानकारी मिलने की बात कही है।
ग्रेनो वेस्ट के तुस्याना गांव में एक ही कमरे में सगे भाई चंद्रेश व राजेश, बहन बबली और चंद्रेश की पत्नी निशा का शव मिला है। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस दम घुटने से चारों की मौत की आशंका जता रही है। शुक्रवार शाम कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस दाखिल हुई। अंदर से गैस की बदबू आ रही थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मौत के सही कारणों की जानकारी मिलने की बात कही है।
एसीपी सुमित शुक्ला के मुताबिक ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के गांव तुस्याना निवासी लकीराम के मकान में हाथरस के सराय सिकंदराऊ निवासी परिवार के चार लोग रहे रहे थे। चंद्रेश और राजेश रेहड़ी पर पराठे बेचते थे। शुक्रवार शाम लगभग छह बजे पड़ोसी ने चारों के कमरे से दुर्गंध आने की जानकारी मकान मालिक को दी। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। अनहोनी की आशंका होने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर चारों के शव बाहर निकाले।
कमरे में रसोई गैस के चूल्हे पर बड़े बर्तन में आलू रखे हुए थे। जो जलकर राख हो गए थे। पुलिस ने आशंका जताई है कि परिवार के लोगों ने पराठे बनाने के लिए आलू उबालने के लिए रखे होंगे। कमरे का साइज काफी छोटा था और गैस हवा निकलने का कोई रास्ता नहीं था। पुलिस दम घुटने से चारों की मौत की आशंका जता रही है। मकान मालिक के मुताबिक चारों लोग बृहस्पतिवार रात सोए थे। चारों ढाई महीने पहले ही उनके मकान में शिफ्ट हुए थे।