बी फार्मा कर बने स्मार्ट चोर: चोरी की गाड़ी के चेचिस नंबर बदलकर बेचते, नोएडा पुलिस ने किया पर्दाफाश
नोएडा पुलिस के अनुसार आरोपी कुंदन गिरि, जयंत कुमार, पुरू, मोहसीन और नौशाद को लग्जरी गाडियों की चोरी करने एवं उनकी क्लोनिंग कर फर्जी आरसी तैयार कर कार 24 के माध्यम से विक्रय करने के मामले में पहले ही दिल्ली की अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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चोरी की गाड़ियों के चेचिस नंबर बदलकर कार 24 जैसी कंपनियों को बेचने वाले गिरोह के चार आरोपियों को सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की सात गाड़ियां भी बरामद की गई है। बरामद की गई गाड़ियों की कीमत लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश करने में जुटी है। मामले में सरगना की तलाश भी जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरीदाबाद निवासी कुलदीप यादव अभिषेक कुमार, संकेत कुमार सिंह, अमन कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सभी गाड़ियों को उनके साथी पुरू, मोहसीन, कुंदन गिरी,जंयत उर्फ जीना और नौशाद द्वारा चोरी कर उसका क्लोन (फर्जी नंबर प्लेट व चेचिस ) बनाकर कार 24 को बेची जाती थी। इससे जो धनराशि आती थी वह उनके खातों में आती थी। गाड़ियो को चोरी करने का कार्य मोहसीन, पुरू, नौशाद द्वारा किया जाता था तो वहीं कार 24 के पूर्व कर्मचारी कुंदन गिरि जयंत कुमार द्वारा निरीक्षण कराकर कार 24 को बेचा जाता था।
वहीं मामले में शामिल अन्य आरोपी और गाड़ियों की बरामदगी की गई है। आरोपी फर्जी नंबर प्लेट लगाकर इन वाहनों का संचालन कर रहे थे। साथ ही इन वाहनों को बेचने की फिराक में भी थे। वहीं पुलिस अन्य वाहनों का पता लगा रही है। कई और वाहनों की जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि इन्होंने चोरी की कई और गाडियों को चूना लगाकर लोगों को बेचा है।
वाहन मालिक का कहीं और कट गया चालान
पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को एक युवक ने सेक्टर-63 थाने में शिकायत की थी कि उसकी सफेद ब्रेज़ा का गाज़ियाबाद और अलवर में दो चालान हुए है, जबकि वह उन स्थानों पर कभी नहीं गया। इसके बाद वह तकनीकी समस्या के चलते गाड़ी की सर्विस कराने के लिए मेरठ स्थित सर्विस सेंटर पर पहुंचा तो उसे पता चला कि उसकी गाड़ी की सर्विस पहले ही की जा चुकी थी। जो कि सेक्टर-63 में हुई है।
सर्विस सेंटर ने बताया कि गाड़ी की सर्विस बिसरख निवासी निखिल खत्री द्वारा कराई गई थी। जब पीड़ित ने निखिल से संपर्क किया, तो उसने बताया कि उसने यह गाड़ी मई 2024 में कार 24 से खरीदी थी। जब पीड़ित ने निखिल की गाड़ी देखी, तो पाया कि दोनों गाड़ियां एक जैसी थीं। इस पर वादी ने निखिल से आरसी के संबंध में पूछा, तो उसने बताया कि कार 24 ने उसकी आरसी का ट्रांसफर कई महीनों से नहीं किया है। जिस पर गाड़ी मालिक ने पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने ऐसे उठाया राज से पर्दा
पुलिस ने मामले की जांच करते हुए गाड़ी के संबंध में किए गए पेमेंट के खातो की डिटेल की जानकारी की। जिसमें पता चला कि कार 24 पर फरीदाबाद निवासी संकेत, कुलदीप, अभिषेक एवं अमन ने ही अलग-अलग खातो में लाखो रूपया लिया था।
पुलिस टीम ने कार24 के मुख्यालय गुरूग्राम हरियाणा में जाकर पिछले दो वर्षो से विक्रय करने वाली ऐसी गाड़ियां जिनकी आरसी ट्रांसफर नही हुई है, इसकी सूची ली। जिसके बाद पुलिस टीम ने उन गाड़ियों के मालिकों से संपर्क किया और संदिग्ध गाड़ियों को अपने यार्ड सेक्टर-37 नोएडा मंगाया। संदिग्ध गाड़ियों को पुलिस टीम द्वारा संबंधित ऐजेंसी से स्कैन कराया गया तो 7 गाड़ियां क्लोनिंग हुई मिली। इन गाड़ियों के इंजन नंबर और चेसिस नंबर बदले हुए थे तथा जिनकी आरसी ट्रांसफर नही की गई थी।
बी फॉर्मा कर रहे आरोपी
पकड़े गए दो आरोपी अभिषेक और अमन बी फॉर्मा की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं संकेत ग्रेजुएशन कर रहा है। तो कुल्दीप केवल 12वीं पास है। पुलिस ने बताया कि चेचिस नंबर बदलने का काम काफी बारीकी से किया गया था। अभी भी अन्य कारों की जांच की जा रही है।