{"_id":"690f98bde2c3693aa8005358","slug":"foreign-fraudsters-threatened-cyber-fraudsters-after-they-deducted-25-commission-na-news-c-7-gkp1038-1128211-2025-11-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: साइबर जालसाजों ने 25 प्रतिशत कमीशन काटा...विदेशी ठगों ने दी थी धमकी- ये थी 'मॉडस ऑपरेंडी'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: साइबर जालसाजों ने 25 प्रतिशत कमीशन काटा...विदेशी ठगों ने दी थी धमकी- ये थी 'मॉडस ऑपरेंडी'
Sun, 09 Nov 2025 01:23 PM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 01:23 PM IST
सार
चैट रिकॉर्ड्स के अनुसार, जब भारतीय गिरोह ने कमीशन का प्रतिशत बढ़ाया तो विदेशी मास्टरमाइंड ने उन्हें सेटलमेंट में धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि अगर अगली बार एक भी डॉलर गायब हुआ तो सबक सिखाएंगे। पुलिस को संदेह है कि धमकी के बाद विदेशी गिरोह ने ही भारतीय नेटवर्क को पकड़वाने का जाल बिछाया। आरोपियों ने भी पूछताछ में यह आशंका जताई है कि यह पूरा ऑपरेशन उन्हें सबक सिखाने के लिए रचा गया था।
विज्ञापन
गिरफ्तार पांचों आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
साइबर जालसाजी की रकम को म्यूल खातों के जरिये क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजने वाले गिरोह की जांच में एक और पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह विदेशी साइबर नेटवर्क के लिए काम करता था। हर ट्रांजेक्शन पर तय कमीशन के तौर पर 5 से 10 प्रतिशत तक की रकम काटता था।
जब गोरखपुर के गिरोह ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक की कटौती शुरू की तो विदेश में बैठे मास्टरमाइंड नाराज हो गए और उन्हें धमकियां देनी शुरू कर दीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह अकाउंट फॉर हायर मॉडल पर काम करता था।
विज्ञापन
जब गोरखपुर के गिरोह ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक की कटौती शुरू की तो विदेश में बैठे मास्टरमाइंड नाराज हो गए और उन्हें धमकियां देनी शुरू कर दीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह अकाउंट फॉर हायर मॉडल पर काम करता था।
विज्ञापन
इसका मतलब है कि ठगी का पैसा कहीं से भी आए, गिरोह उसे सेटल कर क्रिप्टो करेंसी में बदल देता था। इस काम में गिरफ्तार कर जेल भिजवाए गए शैलेश चौधरी, आदिल शफीक, अनुज साहू, शुभम राय और विशाल गुप्ता शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, शैलेश इस नेटवर्क का भारतीय सरगना माना जा रहा है, जो सीधे चीन, यूके और अन्य देशों में बैठे ठगों से संपर्क में था।
जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी ठग यूके डिजिट (+44) वाले नंबरों से शैलेश को निर्देश और धमकियां भेजते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशी ठग यूके डिजिट (+44) वाले नंबरों से शैलेश को निर्देश और धमकियां भेजते थे।
विज्ञापन
चैट रिकॉर्ड्स के अनुसार, जब भारतीय गिरोह ने कमीशन का प्रतिशत बढ़ाया तो विदेशी मास्टरमाइंड ने उन्हें सेटलमेंट में धोखा देने का आरोप लगाया और कहा कि अगर अगली बार एक भी डॉलर गायब हुआ तो सबक सिखाएंगे।
पुलिस को संदेह है कि धमकी के बाद विदेशी गिरोह ने ही भारतीय नेटवर्क को पकड़वाने का जाल बिछाया। आरोपियों ने भी पूछताछ में यह आशंका जताई है कि यह पूरा ऑपरेशन उन्हें सबक सिखाने के लिए रचा गया था।
पुलिस को संदेह है कि धमकी के बाद विदेशी गिरोह ने ही भारतीय नेटवर्क को पकड़वाने का जाल बिछाया। आरोपियों ने भी पूछताछ में यह आशंका जताई है कि यह पूरा ऑपरेशन उन्हें सबक सिखाने के लिए रचा गया था।
खुद को अकाउंट फॉर हायर सर्विस प्रोवाइडर बताता था शैलेश
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी शैलेश चौधरी खुद को अकाउंट फॉर हायर सर्विस प्रोवाइडर बताता था। उसके गिरोह का काम ठगी की रकम को अलग-अलग एनजीओ, बिजनेस फर्मों और व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर कराना था। इसके बाद रकम को नकद निकालकर यूएसडीटी (टीआरसी-20 टोकन) जैसी क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिये करोड़ों रुपये हवाला चैनल से विदेश भेजे जाते थे।
मुंबई और चेन्नई में भी दर्ज हैं केस
गोरखपुर साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि शैलेश पर मुंबई और चेन्नई में भी साइबर ठगी के केस दर्ज हैं। वह 2021 से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और नियमित रूप से चीन में बैठे अपने आकाओं से ऑनलाइन मीटिंग और चैट एप्लिकेशन के जरिये संपर्क बनाए रखता था।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी शैलेश चौधरी खुद को अकाउंट फॉर हायर सर्विस प्रोवाइडर बताता था। उसके गिरोह का काम ठगी की रकम को अलग-अलग एनजीओ, बिजनेस फर्मों और व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर कराना था। इसके बाद रकम को नकद निकालकर यूएसडीटी (टीआरसी-20 टोकन) जैसी क्रिप्टो करेंसी में बदल दिया जाता था। इस प्रक्रिया के जरिये करोड़ों रुपये हवाला चैनल से विदेश भेजे जाते थे।
मुंबई और चेन्नई में भी दर्ज हैं केस
गोरखपुर साइबर पुलिस की जांच में सामने आया है कि शैलेश पर मुंबई और चेन्नई में भी साइबर ठगी के केस दर्ज हैं। वह 2021 से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और नियमित रूप से चीन में बैठे अपने आकाओं से ऑनलाइन मीटिंग और चैट एप्लिकेशन के जरिये संपर्क बनाए रखता था।
कटौती बनी विवाद की जड़
साइबर पुलिस को मिले डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि कमीशन बढ़ाने की लालच ने गिरोह को मुसीबत में डाल दिया। विदेशी माफिया ने इसे अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए भारतीय नेटवर्क को धमकाया और उनके चैनलों को बंद करने की चेतावनी दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भारतीय और विदेशी साइबर नेटवर्क के बीच गहरे तालमेल का उदाहरण है। गिरोह की गतिविधियों से यह भी स्पष्ट है कि क्रिप्टो करेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है। अब पुलिस इंटरपोल और साइबर सेल की विशेष इकाइयों की मदद से विदेशी लिंक की जांच में जुटी है।
जेल भिजवाए गए आरोपी अकाउंट फॉर हायर मॉडल से ठगी का धंधा चला रहे थे। हाल ही में उन्हें विदेश में बैठे ठगों ने धमकी दी थी। इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के अन्य नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
साइबर पुलिस को मिले डिजिटल साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि कमीशन बढ़ाने की लालच ने गिरोह को मुसीबत में डाल दिया। विदेशी माफिया ने इसे अनुबंध का उल्लंघन मानते हुए भारतीय नेटवर्क को धमकाया और उनके चैनलों को बंद करने की चेतावनी दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला भारतीय और विदेशी साइबर नेटवर्क के बीच गहरे तालमेल का उदाहरण है। गिरोह की गतिविधियों से यह भी स्पष्ट है कि क्रिप्टो करेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग का यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है। अब पुलिस इंटरपोल और साइबर सेल की विशेष इकाइयों की मदद से विदेशी लिंक की जांच में जुटी है।
जेल भिजवाए गए आरोपी अकाउंट फॉर हायर मॉडल से ठगी का धंधा चला रहे थे। हाल ही में उन्हें विदेश में बैठे ठगों ने धमकी दी थी। इसकी जांच की जा रही है। आरोपियों के अन्य नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी