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Noida:टप्पल नगर पंचायत से वापस आए यीडा में पांच गांव, अब प्राधिकरण चलाएगा अवैध निर्माण पर बुल्डोजर

Fri, 25 Nov 2022 11:13 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 25 Nov 2022 11:13 PM IST
सार

अब प्राधिकरण यहां पर दो हजार हेक्टेयर भूमि पर एक और लॉजिस्टिक हब बनाएगा। वहीं, अब प्राधिकरण इन गांवों की जमीन पर हुए अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलाएगा। इससे नेता और अफसरों के लाखों-करोड़ों रुपये स्वाह हो जाएंगे। 

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Five villages in Yida returned from Tappal Nagar Panchayat in noida
टप्पल नगर पंचायत से वापस आए यीडा में पांच गांव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्रेटर नोएडा में  शासन ने प्राधिकरण क्षेत्र के पांच गांवों को नगर पंचायत टप्पल में शामिल करने के बाद यमुना प्राधिकरण में वापस कर दिया। यह निर्णय शुक्रवार को कैबिनेट बैठक में लिया गया। यीडा के पांच गांवों का करीब 2627 हेक्टेयर जमीन है। प्राधिकरण की 250 हेक्टेयर जमीन पर लॉजिस्टिक हब विकसित करने की योजना थी और इसकी डीपीआर भी बन गई थी। 

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अब प्राधिकरण यहां पर दो हजार हेक्टेयर भूमि पर एक और लॉजिस्टिक हब बनाएगा। वहीं, अब प्राधिकरण इन गांवों की जमीन पर हुए अतिक्रमण पर बुल्डोजर चलाएगा। इससे नेता और अफसरों के लाखों-करोड़ों रुपये स्वाह हो जाएंगे। चूंकि कुछ नेता और अधिकारियों की सह पर ही इसे पंचायत में शामिल करने की चर्चा चल रही है और इसी वजह से शासन ने इन गांवों को प्राधिकरण में शामिल किया गया है।

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दरअसल, यमुना प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में गौतमबुद्धनगर से बुलंदशहर, अलीगढ़,मथुरा और आगरा जिले का भी कुछ-कुछ हिस्सा आता है। स्थानीय नेताओं और अधिकारियों की पेशकश पर करीब डेढ़ साल पहले टप्पल नगर पंचायत का गठन किया थ। इसमें यीडा के पांच अधिसूचित गांव भी चले गए। इसमें टप्पल, उदयपुर, मेवानगला, नूरपुर व मिलिक गांव का क्षेत्र करीब 2627 हेक्टेयर जमीन नगर पंचायत में शामिल कर दी। इसकी यीडा के अफसरों को जानकारी नहीं दी गई। 

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सूचना मिली तो प्राधिकरण ने आपत्ति जताई और उन्होंने शासन से यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र को लौटाने की मांग की थी। साथ ही कहा कि उनकी ओर से वहां पर लॉजिस्टिक हब विकसित करने की योजना है और उसकी डीपीआर भी बन चुकी है। शासन ने शुक्रवार को यमुना प्राधिकरण के उन गांवों के क्षेत्र को फिर से प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल कर दिया है। इससे अब प्राधिकरण इन गांवों की जमीन पर काटी गई अवैध कालोनी और ग्रुप हाउसिंग की योजनाओं को ध्वस्त करेगा।

 

नगर पंचायत ने आनन-फानन पास किया नक्शा
टप्पल क्षेत्र के पांच गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने पर पंचायत का गठन किया गया था। नगर पंचायत की ओर से आनन-फानन प्लॉट और ग्रुप हाउसिंग के नक्शा पास कर दिए। इससे अवैध निर्माण काफी हो गया है। सूत्र बताते हैं कि गौतमबुद्धनगर  से लेकर अलीगढ़, आगरा और लखनऊ में बैठे कुछ नेता और अधिकारियों का इन गांवों में पैसा लगा है। इससे उनकी लाखों-करोड़ों की संपत्ति का नुकसान होना तय है।

 

नगर पंचायत में शामिल किए गए गांवों की सूचना शासन को दी गई और वहां पर प्रस्तावित योजनाओं और पैदा होने वाले रोजगार आदि की जानकारी दी गई थी। सभी विषय पर विचार करने के बाद शासन ने इन गांवों को यीडा में वापस शामिल कर दिया है। जो अवैध कालोनी काटी गई और निर्माण हुए हैं उन पर बुल्डोजर चलाया जाएगा।  डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण

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