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Noida News: पेन कार्ड का इस्तेमाल कर भरा फर्म का 41.52 लाख आयकर, सीए पर मुकदमा
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इंदिरापुरम। थानाक्षेत्र के वसुंधरा सेक्टर चार ए निवासी संदीप गुप्ता के पेन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर दिल्ली निवासी उन्हीं के नाम राशि पूर्वी कैलाश नई दिल्ली निवासी संदीप गुप्ता ने अपनी फर्म का 41.52 लाख रुपये का आयकर भर दिया। भुगतान पीड़ित के पेन कार्ड पर क्रेडिट कार्ड जारी करवाकर किया गया। आयकर विभाग से पीड़ित के पास जब नोटिस पहुंचा तब इसकी जानकारी हुई। आरोपी संदीप गुप्ता ने फर्जी तरीके से वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक आयकर भरा। पुलिस ने एक माह की जांच के बाद आरोपी चार्टेड अकाउंटेंट संदीप गुप्ता के खिलाफ 13 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया।
एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि करीब एक माह पहले वसुंधरा निवासी संदीप गुप्ता ने डीसीपी कार्यालय में शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि नई दिल्ली के पूर्वी कैलाश निवासी समान नाम वाले चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) संदीप गुप्ता ने उनके पेन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया। उसे लिंक कर बैंक से क्रेडिट कार्ड जारी करा लिया। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 में 11,43,391 रुपये, वर्ष 2023-24 में 13,40,477 रुपये और वर्ष 2024-25 में 16,69,649 रुपये का आयकर फाइल कर दिया। आयकर विभाग से जब उनके घर नोटिस पहुंचा तब उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई थी। सामने आया कि आरोपी सीए संदीप गुप्ता ने फर्जी तरीके से अपनी फर्म में पीड़ित का पेनकार्ड इस्तेमाल कर आयकर का भुगतान किया था। कुछ समय पहले आरोपी को आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर इसका जवाब भी मांगा था। बताया कि पुलिस ने आयकर विभाग से पत्राचार कर जानकारी मांगी तब पूरा मामला खुलकर सामने आया। एक माह की जांच के बाद आरोपी सीए संदीप गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आगे की जांच की जा रही, जल्द ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे में संदीप गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर क्रेडिट कार्ड बनाया गया। आरोप है कि दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश निवासी संदीप गुप्ता ने इस क्रेडिट कार्ड से करीब 41.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने बताया कि संदीप गुप्ता 3 साल से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारी लेनदेन के रहे हैं।
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करोड़ों की संपत्ति खरीदी, लोन भी लिया
पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2018 में जब पेन कार्ड ऑनलाइन हुए तब उन्हें पता चला कि वर्ष 2007 से सीए संदीप गुप्ता उनके पेनकार्ड नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। संपर्क कर मना करने के बाद भी आरोपी उनके पेन नंबर के जरिए ही कारोबार करने लगे। वर्ष 2020 में उन्हें इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भी मिला था। पता चला कि सीए संदीप गुप्ता ने 12 करोड़ रुपए की संपत्ति उनके पेन नंबर के जरिए खरीदी है। उन्होंने इस बारे में विभाग से शिकायत भी की थी। वर्ष 2022 में सीए संदीप गुप्ता ने उनके पेन नंबर के आधार पर बैंक खाते खुलवाए और क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन लेना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 2024 में रजिस्ट्री के जरिए पुलिस, इनकम टैक्स, जीएसटी, पेन कार्ड अथॉरिटी से भी शिकायत की थी लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पेनकार्ड में केवल जन्मतिथि का फर्क
पीड़ित ने बताया कि आरोपी सीए संदीप गुप्ता की कई जानकारी उनसे मिलती हैं। इनमें नाम और पिता के नाम के साथ-साथ दोनों की जन्मतिथि भी समान है। माह और वर्ष समान है केवल तारीख में अंतर था। आरोपी संदीप गुप्ता ने वर्ष 2008 में वह भी बदलवा लिया। इसके बाद से वह लगातार उनके पेन कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनकी सालाना रिटर्न पांच से छह लाख रुपये है। जबकि सीए संदीप गुप्ता की रिटर्न करोड़ों में है। ऐसे में उन्हें आयकर विभाग की तरफ से आने वाली करोड़ों की लायबिलिटी कैसे भर पाएंगे।
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एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि करीब एक माह पहले वसुंधरा निवासी संदीप गुप्ता ने डीसीपी कार्यालय में शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि नई दिल्ली के पूर्वी कैलाश निवासी समान नाम वाले चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) संदीप गुप्ता ने उनके पेन कार्ड का गलत इस्तेमाल किया। उसे लिंक कर बैंक से क्रेडिट कार्ड जारी करा लिया। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2022-23 में 11,43,391 रुपये, वर्ष 2023-24 में 13,40,477 रुपये और वर्ष 2024-25 में 16,69,649 रुपये का आयकर फाइल कर दिया। आयकर विभाग से जब उनके घर नोटिस पहुंचा तब उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। एसीपी ने बताया कि मामले की जांच शुरू की गई थी। सामने आया कि आरोपी सीए संदीप गुप्ता ने फर्जी तरीके से अपनी फर्म में पीड़ित का पेनकार्ड इस्तेमाल कर आयकर का भुगतान किया था। कुछ समय पहले आरोपी को आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर इसका जवाब भी मांगा था। बताया कि पुलिस ने आयकर विभाग से पत्राचार कर जानकारी मांगी तब पूरा मामला खुलकर सामने आया। एक माह की जांच के बाद आरोपी सीए संदीप गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। आगे की जांच की जा रही, जल्द ही तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। दर्ज मुकदमे में संदीप गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 में उनके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर क्रेडिट कार्ड बनाया गया। आरोप है कि दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश निवासी संदीप गुप्ता ने इस क्रेडिट कार्ड से करीब 41.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। उन्होंने बताया कि संदीप गुप्ता 3 साल से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर भारी लेनदेन के रहे हैं।
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करोड़ों की संपत्ति खरीदी, लोन भी लिया
पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2018 में जब पेन कार्ड ऑनलाइन हुए तब उन्हें पता चला कि वर्ष 2007 से सीए संदीप गुप्ता उनके पेनकार्ड नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। संपर्क कर मना करने के बाद भी आरोपी उनके पेन नंबर के जरिए ही कारोबार करने लगे। वर्ष 2020 में उन्हें इनकम टैक्स विभाग की ओर से नोटिस भी मिला था। पता चला कि सीए संदीप गुप्ता ने 12 करोड़ रुपए की संपत्ति उनके पेन नंबर के जरिए खरीदी है। उन्होंने इस बारे में विभाग से शिकायत भी की थी। वर्ष 2022 में सीए संदीप गुप्ता ने उनके पेन नंबर के आधार पर बैंक खाते खुलवाए और क्रेडिट कार्ड के जरिए लोन लेना शुरू कर दिया। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने 2024 में रजिस्ट्री के जरिए पुलिस, इनकम टैक्स, जीएसटी, पेन कार्ड अथॉरिटी से भी शिकायत की थी लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पेनकार्ड में केवल जन्मतिथि का फर्क
पीड़ित ने बताया कि आरोपी सीए संदीप गुप्ता की कई जानकारी उनसे मिलती हैं। इनमें नाम और पिता के नाम के साथ-साथ दोनों की जन्मतिथि भी समान है। माह और वर्ष समान है केवल तारीख में अंतर था। आरोपी संदीप गुप्ता ने वर्ष 2008 में वह भी बदलवा लिया। इसके बाद से वह लगातार उनके पेन कार्ड का प्रयोग कर रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनकी सालाना रिटर्न पांच से छह लाख रुपये है। जबकि सीए संदीप गुप्ता की रिटर्न करोड़ों में है। ऐसे में उन्हें आयकर विभाग की तरफ से आने वाली करोड़ों की लायबिलिटी कैसे भर पाएंगे।