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गैलेक्सी वेगा सोसाइटी के दो फ्लैटों में लगी आग
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की गैलेक्सी वेगा सोसाइटी में रविवार रात दो फ्लैट में आग लगने से लाखों का सामान जल गया। आग 17वीं मंजिल के फ्लैट में लगी थी। देखते ही देखते उसकी लपटें 18वीं मंजिल के फ्लैट तक पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने स्थानीय निवासियों की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। वहीं निवासियों ने सोसाइटी के फायर सिस्टम के काम नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित और सोसाइटी निवासियों ने पुलिस को शिकायत देकर जांच करा नुकसान की भरपाई कराने व फायर सिस्टम को दुरुस्त कराने की मांग की है।
गैलेक्सी वेगा सोसाइटी के डी टावर की 17वीं मंजिल का फ्लैट नंबर 1702 पिछले डेढ़ साल से बंद है। फ्लैट सुरेंद्र सिंह का है। रविवार की रात करीब सवा दो बजे फ्लैट की बालकनी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें 18वें फ्लोर के रूपल कुमार के 1802 नंबर फ्लैट तक पहुंच गई। दोनों फ्लैट में आग लगने पर सोसाइटी में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग से दोनों फ्लैट आग लगने से लाखों रुपये का सामान जल गया है। स्थानीय निवासियों ने फायर सिस्टम नहीं चलने का आरोप लगाया और एओए और बिल्डर से इसे दुरुस्त कराने की मांग की है।
बेडरूम से बाहर सोने से बच गई जान
फ्लैट नंबर 1802 में रूपल पत्नी के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी किसी काम से बाहर गई थी। वो फ्लैट में अकेले थे। रविवार की रात वो दूसरे कमरे में टीवी देख रहे थे और वहीं पर सो गए। बेडरूम में नहीं सोए थे। अगर वो बेडरूम में सोए होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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एओए ने कहा, आग लगने की हो जांच
एओए के अध्यक्ष हेमचंद तिवारी का कहना है कि अभी रखरखाव की जिम्मेदारी बिल्डर के पास है। आग लगने से दोनों फ्लैट में लाखों का सामान जल गया है। अभी आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि आग लगने के बाद फायर स्प्रिंक्लर चालू हो गए थे, लेकिन जहां आग लगी थी, वो जगह पहुंच से दूर थी। फायर सिस्टम से ही आग पर काबू पाया गया। दमकल की गाड़ी पहुंची थी, लेकिन उसका प्रयोग नहीं हुआ था।
करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। सोसाइटी का फायर सिस्टम काम कर रहा था। उसी से आग पर काबू पाया गया। सिस्टम को ऑटोमैटिक मोड पर नहीं रखा हुआ था। जिस कारण चालू नहीं हो सका था। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।
- अजय कुमार, एफएसओ, इकोटेक तीन
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गैलेक्सी वेगा सोसाइटी के डी टावर की 17वीं मंजिल का फ्लैट नंबर 1702 पिछले डेढ़ साल से बंद है। फ्लैट सुरेंद्र सिंह का है। रविवार की रात करीब सवा दो बजे फ्लैट की बालकनी में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें 18वें फ्लोर के रूपल कुमार के 1802 नंबर फ्लैट तक पहुंच गई। दोनों फ्लैट में आग लगने पर सोसाइटी में अफरा तफरी मच गई। लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू कर दी। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। आग से दोनों फ्लैट आग लगने से लाखों रुपये का सामान जल गया है। स्थानीय निवासियों ने फायर सिस्टम नहीं चलने का आरोप लगाया और एओए और बिल्डर से इसे दुरुस्त कराने की मांग की है।
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बेडरूम से बाहर सोने से बच गई जान
फ्लैट नंबर 1802 में रूपल पत्नी के साथ रहते हैं। उनकी पत्नी किसी काम से बाहर गई थी। वो फ्लैट में अकेले थे। रविवार की रात वो दूसरे कमरे में टीवी देख रहे थे और वहीं पर सो गए। बेडरूम में नहीं सोए थे। अगर वो बेडरूम में सोए होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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एओए ने कहा, आग लगने की हो जांच
एओए के अध्यक्ष हेमचंद तिवारी का कहना है कि अभी रखरखाव की जिम्मेदारी बिल्डर के पास है। आग लगने से दोनों फ्लैट में लाखों का सामान जल गया है। अभी आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि आग लगने के बाद फायर स्प्रिंक्लर चालू हो गए थे, लेकिन जहां आग लगी थी, वो जगह पहुंच से दूर थी। फायर सिस्टम से ही आग पर काबू पाया गया। दमकल की गाड़ी पहुंची थी, लेकिन उसका प्रयोग नहीं हुआ था।
करीब एक घंटे में आग पर काबू पा लिया गया था। सोसाइटी का फायर सिस्टम काम कर रहा था। उसी से आग पर काबू पाया गया। सिस्टम को ऑटोमैटिक मोड पर नहीं रखा हुआ था। जिस कारण चालू नहीं हो सका था। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है।
- अजय कुमार, एफएसओ, इकोटेक तीन