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Twin Tower: ट्विन टावर को एनओसी देने वाले तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Wed, 17 Aug 2022 01:59 PM IST
विजय पुंडीर पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Wed, 17 Aug 2022 01:59 PM IST
सार

कोतवाली फेज-टू में तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह, राजपाल त्यागी और आईएस सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी फायर सर्विस की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।

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FIR against three officers who gave NOC to Twin Towers
इसी ट्विन टावर को ढहाने के दिए हैं आदेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुपरटेक-एमरॉल्ड कोर्ट के निर्माण के दौरान हुए फर्जीवाड़े मामले में हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टॉवरों को एनओसी देने वाले तीन तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। तीनों सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

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कोतवाली फेज-टू में तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह, राजपाल त्यागी और आईएस सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। डीआईजी फायर सर्विस की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। अब मामले की जांच नोएडा पुलिस कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड को आवंटित ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर बने अवैध टावर संख्या टी-16 तथा टी-17 को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। इस प्रकरण में शासन के आदेश पर अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल की अध्यक्षता में जिम्मेदारी तय करने के लिए कमेटी का गठन किया गया था। मित्तल कमेटी ने उस समय नोएडा में अलग-अलग पदों पर तैनात रहे चार आईएएस समेत कुल 26 अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया था।
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वहीं इस मामले की जांच में सामने आया है कि ग्रुप हाउसिंग भूखंड संख्या-जीएच-4, सेक्टर-93 ए का आवंटन और मानचित्र स्वीकृति वर्ष 2004 से 2012 के मध्य की है। इस पर मानचित्र स्वीकृति वर्ष 2005, 2006, 2009 और 2012 में दी गई थी। अवैध रूप से स्वीकृत मानचित्रों के आधार पर हुए निर्माण को अग्निशमन विभाग ने लापरवाही बरतते हुए अपना अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दे दिया।

मामले में अग्निशमन मुख्यालय में तैनात डीआईजी की जांच समिति ने छानबीन की तो सुपरटेक ट्विन टावर को एनओसी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर लिया गया। कोतवाली फेज टू में गौतमबुद्ध नगर के तत्कालीन मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजपाल त्यागी, आईएस सोनी व महावीर सिंह पर मुकदमा दर्ज किया गया। इन पर आरोप है कि अग्निशमन विभाग की तरफ से एनओसी देने के दौरान अनियमितता बरती गई है। तीनों नामजद मुख्य अग्निशमन अधिकारी अब सेवानिवृत्त हैं।

दो साल तक की हो सकती है सजा
सुपरटेक के ट्विन टावर को अग्निशमन अनापत्ति प्रमाण पत्र देने के मामले में तत्कालीन तीनों मुख्य अग्निशमन अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 217 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आईपीसी की धारा 217 के तहत ऐसे लोक सेवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाती है जिन्होंने पद पर रहते हुए अनियमितता या लापरवाही बरती हो। दोषी पाए जाने पर ऐसे लोक सेवक को दो वर्ष की सजा या जुर्माना जुर्माना हो सकता है।

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