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Noida News: प्रॉपर्टी ट्रांसफर से पहले आरडब्ल्यूए की एनओसी अनिवार्य करने की मांग
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सेक्टर 108 में खाली पड़े प्लॉट में उगी जंगली घास : निवासी
-फोनरवा ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखकर की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर मांग की है कि मकान, फ्लैट और भूखंडों के स्वामित्व हस्तांतर से पहले संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) को अनिवार्य किया जाए।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार संपत्तियों का हस्तांतरण आरडब्ल्यूए को जानकारी दिए बिना हो जाता है। इससे मेंटेनेंस शुल्क और अन्य देयताओं के निस्तारण, नए स्वामी का रिकॉर्ड अपडेट करने तथा सुरक्षा संबंधी औपचारिकताओं में परेशानी आती है। उनका कहना है कि यदि ट्रांसफर मेमोरेंडम जारी करने से पहले आरडब्ल्यूए की एनओसी अनिवार्य कर दी जाए तो यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संपत्ति पर कोई बकाया देयता लंबित न हो और नए स्वामी का विवरण समय पर आरडब्ल्यूए के अभिलेखों में दर्ज हो जाए। वहीं फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि इस व्यवस्था से संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनेगी। इससे अनावश्यक मानवीय विवेकाधिकार में कमी आएगी, जिससे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की संभावनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
आरडब्ल्यूए के गले की फांस है खाली पड़े प्लॉट : कई सेक्टरों की आरडब्ल्यूए का कहना है कि उनके सेक्टर में ऐसे करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे प्लॉट हैं, जहां मालिकों ने खरीद तो लिए, लेकिन उनमें सालों से नहीं रह रहे हैं। ऐसे में वह जगह लोगों के लिए तो परेशानी बन रही है, साथ ही ये प्लाॅट मालिक मेंटेनेंस का भी पैसा नहीं देते हैं।
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हमारे सेक्टर में कई ऐसे प्लाट खाली पड़े हैं, जिनके स्वामी न तो मेंटेनेंस देते हैं और न ही वह नियमित सफाई कराते हैं, ऐसे में आरडब्ल्यूए पर उल्टा बोझ पड़ता है।
-निधि जैन, सेक्टर 108
सेक्टर में कई ऐसे प्लाट हैं जिनके स्वामियों से जब संपर्क का प्रयास किया गया तो वह कहीं विदेश में मिले, तो किसी का नंबर ही नहीं लगा। -नितिन चौहान, सेक्टर 122
खाली प्लाटों के स्वामियों के लिए विशेष प्रावधान बनने चाहिए, ताकि जो स्वामी सेक्टर में नहीं रह रहे हैं, या तो उनके प्लाट का आवंटन निरस्त हो या प्राधिकरण ही उसे ट्रांसफर कर दे। –विजय भाटी, सेक्टर 49
कई प्लाट खाली होने के कारण वहां जंगली घास उग आई है, खासकर पड़ोसियों के घर में सांप बिच्छू जैसे जहरीले कीट पहुंच रहे हैं, इनकी नियमित सफाई होनी चाहिए। -सुमेर सिंह रावत, सेक्टर 15
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (फोनरवा) ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर मांग की है कि मकान, फ्लैट और भूखंडों के स्वामित्व हस्तांतर से पहले संबंधित रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) को अनिवार्य किया जाए।
फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार संपत्तियों का हस्तांतरण आरडब्ल्यूए को जानकारी दिए बिना हो जाता है। इससे मेंटेनेंस शुल्क और अन्य देयताओं के निस्तारण, नए स्वामी का रिकॉर्ड अपडेट करने तथा सुरक्षा संबंधी औपचारिकताओं में परेशानी आती है। उनका कहना है कि यदि ट्रांसफर मेमोरेंडम जारी करने से पहले आरडब्ल्यूए की एनओसी अनिवार्य कर दी जाए तो यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि संपत्ति पर कोई बकाया देयता लंबित न हो और नए स्वामी का विवरण समय पर आरडब्ल्यूए के अभिलेखों में दर्ज हो जाए। वहीं फोनरवा के महासचिव के.के. जैन ने कहा कि इस व्यवस्था से संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुव्यवस्थित बनेगी। इससे अनावश्यक मानवीय विवेकाधिकार में कमी आएगी, जिससे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की संभावनाओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
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आरडब्ल्यूए के गले की फांस है खाली पड़े प्लॉट : कई सेक्टरों की आरडब्ल्यूए का कहना है कि उनके सेक्टर में ऐसे करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसे प्लॉट हैं, जहां मालिकों ने खरीद तो लिए, लेकिन उनमें सालों से नहीं रह रहे हैं। ऐसे में वह जगह लोगों के लिए तो परेशानी बन रही है, साथ ही ये प्लाॅट मालिक मेंटेनेंस का भी पैसा नहीं देते हैं।
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हमारे सेक्टर में कई ऐसे प्लाट खाली पड़े हैं, जिनके स्वामी न तो मेंटेनेंस देते हैं और न ही वह नियमित सफाई कराते हैं, ऐसे में आरडब्ल्यूए पर उल्टा बोझ पड़ता है।
-निधि जैन, सेक्टर 108
सेक्टर में कई ऐसे प्लाट हैं जिनके स्वामियों से जब संपर्क का प्रयास किया गया तो वह कहीं विदेश में मिले, तो किसी का नंबर ही नहीं लगा। -नितिन चौहान, सेक्टर 122
खाली प्लाटों के स्वामियों के लिए विशेष प्रावधान बनने चाहिए, ताकि जो स्वामी सेक्टर में नहीं रह रहे हैं, या तो उनके प्लाट का आवंटन निरस्त हो या प्राधिकरण ही उसे ट्रांसफर कर दे। –विजय भाटी, सेक्टर 49
कई प्लाट खाली होने के कारण वहां जंगली घास उग आई है, खासकर पड़ोसियों के घर में सांप बिच्छू जैसे जहरीले कीट पहुंच रहे हैं, इनकी नियमित सफाई होनी चाहिए। -सुमेर सिंह रावत, सेक्टर 15

सेक्टर 108 में खाली पड़े प्लॉट में उगी जंगली घास : निवासी

सेक्टर 108 में खाली पड़े प्लॉट में उगी जंगली घास : निवासी