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Noida News: बॉयलर से झुलसे घायल कर्मचारी की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
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बॉयलर से झुलसे घायल कर्मचारी की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
-बादलपुर कोतवाली क्षेत्र की घटना, कंपनी के गेट पर परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा
-सहायता राशि देने की मांग, पुलिस कर रही समझाने का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी । बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला स्थित एक कंपनी में बॉयलर से झुलसे कर्मचारी की पांच दिन बाद सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मूलरूप से जौनपुर निवासी 24 वर्षीय धीरज बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला गांव के पास एक पेपर मिल में बॉयलर चलाने का काम करता था। 25 मार्च को बॉयलर पर काम करने के दौरान वो बुरी तरह झुलस गए। गंभीर अवस्था में गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर हालत बिगड़ने पर दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया ।
अस्पताल में चार दिन तक उपचार चलने के बाद वो जिंदगी की जंग हार गए। सोमवार को धीरज की मौत हो गई। मौत के बाद देर शाम को परिजन व कर्मचारियों ने शव को कंपनी गेट पर रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर माैके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों ने हंगामा शांत नहीं किया । एसीपी बिसरख पवन कुमार का कहना है कि श्रम उपायुक्त व कंपनी अधिकारियों से वार्ता कर मृतक परिवार को सहायता राशि दिलाने का प्रयास किया जा रहा है ।
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-बादलपुर कोतवाली क्षेत्र की घटना, कंपनी के गेट पर परिजनों ने शव रखकर किया हंगामा
-सहायता राशि देने की मांग, पुलिस कर रही समझाने का प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
दादरी । बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला स्थित एक कंपनी में बॉयलर से झुलसे कर्मचारी की पांच दिन बाद सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मूलरूप से जौनपुर निवासी 24 वर्षीय धीरज बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के छपरौला गांव के पास एक पेपर मिल में बॉयलर चलाने का काम करता था। 25 मार्च को बॉयलर पर काम करने के दौरान वो बुरी तरह झुलस गए। गंभीर अवस्था में गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर हालत बिगड़ने पर दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया ।
अस्पताल में चार दिन तक उपचार चलने के बाद वो जिंदगी की जंग हार गए। सोमवार को धीरज की मौत हो गई। मौत के बाद देर शाम को परिजन व कर्मचारियों ने शव को कंपनी गेट पर रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर माैके पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारियों ने हंगामा शांत नहीं किया । एसीपी बिसरख पवन कुमार का कहना है कि श्रम उपायुक्त व कंपनी अधिकारियों से वार्ता कर मृतक परिवार को सहायता राशि दिलाने का प्रयास किया जा रहा है ।
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