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Noida News: बिजली कटौती बनी मुसीबत, डीजी के धुएं और बढ़ते बिल से परेशान निवासी
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- ग्रेनो वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में बार-बार बिजली कटाैती से बढ़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में बार-बार गुल हो रही बिजली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रोशनी के लिए डीजल जनरेटर का सहारा लेना मजबूरी बन गया है, जिसका असर जेब और पर्यावरण दोनों पर पड़ रहा है। निवासियों का कहना हैकि बिजली जाते ही डीजल जनरेटर (डीजी) चलाना पड़ता है, जिससे सोसाइटी का खर्च बढ़ रहा है और इसका आर्थिक बोझ अंततः निवासियों को ही उठाना है। वहीं, लगातार डीजी चलने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी और उमस के बीच बच्चों, बुजुर्गों और वर्क फ्रॉम होम करने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक डीजी चलने से शोर और धुएं की समस्या भी बनी रहती है। अगर नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो जाए तो डीजी पर निर्भरता कम होगी।
- बार-बार बिजली कटने से हर बार डीजी चलाना पड़ता है। इसका खर्च निवासियों को ही उठाना पड़ता है। जिससे मासिक खर्च बढ़ रहा है। -सौरभ यादव
- बिजली की लगातार कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। बच्चों, बुजुर्गों और घर से काम करने वालों को काफी दिक्कत होती है। -विवेक सिंह
- डीजी के लगातार इस्तेमाल से धुआं और शोर दोनों बढ़ता है। अगर बिजली की आपूर्ति बेहतर हो जाए तो प्रदूषण भी कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। -संजीव पाठक
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- हम चाहते हैं कि बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और नियमित हो, जिससे बार-बार डीजी का सहारा न लेना पड़े और लोगों को अनावश्यक खर्च से भी राहत मिल सके।
-विकास वर्मा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों में बार-बार गुल हो रही बिजली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रोशनी के लिए डीजल जनरेटर का सहारा लेना मजबूरी बन गया है, जिसका असर जेब और पर्यावरण दोनों पर पड़ रहा है। निवासियों का कहना हैकि बिजली जाते ही डीजल जनरेटर (डीजी) चलाना पड़ता है, जिससे सोसाइटी का खर्च बढ़ रहा है और इसका आर्थिक बोझ अंततः निवासियों को ही उठाना है। वहीं, लगातार डीजी चलने से प्रदूषण भी बढ़ रहा है।
लोगों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी और उमस के बीच बच्चों, बुजुर्गों और वर्क फ्रॉम होम करने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक डीजी चलने से शोर और धुएं की समस्या भी बनी रहती है। अगर नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो जाए तो डीजी पर निर्भरता कम होगी।
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- बार-बार बिजली कटने से हर बार डीजी चलाना पड़ता है। इसका खर्च निवासियों को ही उठाना पड़ता है। जिससे मासिक खर्च बढ़ रहा है। -सौरभ यादव
- बिजली की लगातार कटौती से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। बच्चों, बुजुर्गों और घर से काम करने वालों को काफी दिक्कत होती है। -विवेक सिंह
- डीजी के लगातार इस्तेमाल से धुआं और शोर दोनों बढ़ता है। अगर बिजली की आपूर्ति बेहतर हो जाए तो प्रदूषण भी कम होगा और लोगों को राहत मिलेगी। -संजीव पाठक
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- हम चाहते हैं कि बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और नियमित हो, जिससे बार-बार डीजी का सहारा न लेना पड़े और लोगों को अनावश्यक खर्च से भी राहत मिल सके।
-विकास वर्मा