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दबंगों के डर से परिवार ने घर छोड़कर दूसरे स्थान पर ली शरण
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जारचा। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दबंगों ने तीन साल से एक परिवार का बिरादरी में हुक्का-पानी बंद किया हुआ है। दबंगों के डर से गांव के दुकानदार उन्हें सामान नहीं दे रहे और चिकित्सक इलाज नहीं कर रहे हैं। कोरोना काल में उन्हें दवाई लेने भी पड़ोस के गांव में जाना पड़ रहा है। यही नहीं, ईद पर मस्जिद में नमाज पढ़ने गए तो वहां लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया गया था। अब परिवार ने घर में ताला लगाकर दूसरे स्थान पर शरण ली है। वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
जारचा कोतवाली क्षेत्र के कलौंदा गांव निवासी अतीक ने बताया कि उसके छह भाई, अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ गांव में एक साथ रहते हैं। परिवार में कुल बीस सदस्य हैं। तीन साल पहले उनके भतीजे ने गांव के दबंग परिवार की लड़की से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली थी। तभी से दोनों गांव में नहीं रहते। इस मामले में दोनों पक्षों में कोतवाली पुलिस के समक्ष समझौता हो चुका है। लड़की पक्ष के लोग बहुसंख्या में हैं और तभी से पीड़ित परिवार से दुश्मनी मानते हैं। अतीक के अनुसार दबंगों ने बिरादरी में उनका हुक्का-पानी बंद करा दिया है। घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। दुकानदार सामान देने से मना करते हैं और बच्चों के साथ मारपीट की जाती है। बीमार होने पर गांव के डॉक्टर दवाई नहीं देते। आरोप है कि बीती 14 मई को ईद की नमाज पढ़ने मस्जिद गए तो वहां पहले से मौजूद दबंगों ने घेर उनकी लाठी-डंडों से पिटाई की। इसके बाद पीड़ित के घर आकर महिलाओं से मारपीट और अश्लील हरकतें की। धमकी दी गई कि गांव छोड़कर चले जाओ नहीं तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। अब परिवार के सभी सदस्य घर पर ताला लगाकर सुरक्षित जगहों पर शरण लिए हुए है। एसीपी दादरी नितिन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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जारचा कोतवाली क्षेत्र के कलौंदा गांव निवासी अतीक ने बताया कि उसके छह भाई, अपनी पत्नियों और बच्चों के साथ गांव में एक साथ रहते हैं। परिवार में कुल बीस सदस्य हैं। तीन साल पहले उनके भतीजे ने गांव के दबंग परिवार की लड़की से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली थी। तभी से दोनों गांव में नहीं रहते। इस मामले में दोनों पक्षों में कोतवाली पुलिस के समक्ष समझौता हो चुका है। लड़की पक्ष के लोग बहुसंख्या में हैं और तभी से पीड़ित परिवार से दुश्मनी मानते हैं। अतीक के अनुसार दबंगों ने बिरादरी में उनका हुक्का-पानी बंद करा दिया है। घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता। दुकानदार सामान देने से मना करते हैं और बच्चों के साथ मारपीट की जाती है। बीमार होने पर गांव के डॉक्टर दवाई नहीं देते। आरोप है कि बीती 14 मई को ईद की नमाज पढ़ने मस्जिद गए तो वहां पहले से मौजूद दबंगों ने घेर उनकी लाठी-डंडों से पिटाई की। इसके बाद पीड़ित के घर आकर महिलाओं से मारपीट और अश्लील हरकतें की। धमकी दी गई कि गांव छोड़कर चले जाओ नहीं तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। अब परिवार के सभी सदस्य घर पर ताला लगाकर सुरक्षित जगहों पर शरण लिए हुए है। एसीपी दादरी नितिन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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