ग्रेटर नोएडा। रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के नगला पदम सिंह गांव में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस की नजर अब फॉरेंसिक और विसरा जांच रिपोर्ट पर टिकी है। जांच रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि मृतकों के शरीर में किसी जहरीले पदार्थ, दवा या रासायनिक तत्व की मौजूदगी थी या नहीं। पोस्टमॉर्टम के बाद सुरक्षित किए गए विसरा को जांच के लिए गाजियाबाद स्थित स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने में करीब दो सप्ताह का समय और लग सकता है। पुलिस संपत्ति विवाद, मोबाइल में मिली ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
17 अक्टूबर को नगला पदम सिंह गांव में महेश (37), उसकी पत्नी ललिता (35), बेटे लड्डू उर्फ साक्षात (11), बेटी मिस्टी (7) और सबसे छोटे बेटे रियांश (3) के शव घर में मिले थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार परिवार ने 16 अक्टूबर की रात खाना खाया था और इसके बाद सभी सो गए थे। अगले दिन पांचों की मौत का पता चलने पर गांव में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद खाने में जहरीला पदार्थ होने या खाद्य विषाक्तता की आशंका जताई गई थी। मृतका ललिता के भाई आकाश की शिकायत पर पुलिस ने महेश की बड़ी बहन सुनीता (45), बहनोई शेखर उर्फ चंद्रशेखर (50) और छोटी बहन सपना (32) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।