{"_id":"6ab68079101bfb4bca0080b5","slug":"fdsgf-grnoida-news-c-23-1-lko1064-107208-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: प्लाट के नाम पर 32.50 लाख की ठगी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: प्लाट के नाम पर 32.50 लाख की ठगी का आरोप
विज्ञापन
- अधिवक्ता ने आरोपी दंपती पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सौदा करने और बैनामा नहीं करने का लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। भूखंड बेचने के नाम पर अधिवक्ता से 32.50 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया है। सेक्टर अल्फा-1 निवासी अधिवक्ता अरुण मावी के अनुसार उनकी जान-पहचान गाजियाबाद निवासी सुशील कुमार तिवारी और उनकी पत्नी निर्मला तिवारी से थी। आरोपी दंपती महालक्ष्मी नारायण बिल्डकान ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाते हैं। दंपती ने बताया कि उनके पास किसान कोटे का सात प्रतिशत आवासीय भूखंड है, जिसे वह बेचना चाहते हैं। आरोपियों ने बताया कि भूखंड के संबंध में वर्ष 2012 में इस्लाम और भूरी निवासी मूंजखेड़ा से एकरारनामा और वसीयतनामा कराया गया है। भूखंड पर उनका कब्जा और मालिकाना हक है। विश्वास में आकर अधिवक्ता ने 48.30 लाख रुपये में भूखंड का सौदा कर एग्रीमेंट टू सेल कराया और आरोपितों को 32.50 लाख रुपये दे दिए।
बैनामा कराने के लिए कहने पर दंपती ने रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। भूखंड बेचने के नाम पर अधिवक्ता से 32.50 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज किया है। सेक्टर अल्फा-1 निवासी अधिवक्ता अरुण मावी के अनुसार उनकी जान-पहचान गाजियाबाद निवासी सुशील कुमार तिवारी और उनकी पत्नी निर्मला तिवारी से थी। आरोपी दंपती महालक्ष्मी नारायण बिल्डकान ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी चलाते हैं। दंपती ने बताया कि उनके पास किसान कोटे का सात प्रतिशत आवासीय भूखंड है, जिसे वह बेचना चाहते हैं। आरोपियों ने बताया कि भूखंड के संबंध में वर्ष 2012 में इस्लाम और भूरी निवासी मूंजखेड़ा से एकरारनामा और वसीयतनामा कराया गया है। भूखंड पर उनका कब्जा और मालिकाना हक है। विश्वास में आकर अधिवक्ता ने 48.30 लाख रुपये में भूखंड का सौदा कर एग्रीमेंट टू सेल कराया और आरोपितों को 32.50 लाख रुपये दे दिए।
बैनामा कराने के लिए कहने पर दंपती ने रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। पुलिस से कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन