{"_id":"69134ca1f314a2bd1704648a","slug":"fdgsdsg-grnoida-news-c-23-1-lko1064-80267-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: परवाना नहीं आने से जेल से रिहा नहीं हो सका सुरेंद्र कोली, आज उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: परवाना नहीं आने से जेल से रिहा नहीं हो सका सुरेंद्र कोली, आज उम्मीद
विज्ञापन
फोटो
-सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बावजूद सुरेंद्र कोली की रिहाई अटकी
-गाजियाबाद से स्थानांतरित होने के बाद दो साल से लुक्सर जेल में बंद है आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चर्चित निठारी हत्याकांड में सुरेंद्र कोली की रिहाई मंगलवार को नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के बाद कोली को अंतिम केस में भी बरी कर दिया गया और तत्काल रिहाई के आदेश दिए गए थे। लेकिन रिहाई परवाना लुक्सर स्थित जेल तक शाम तक नहीं पहुंच पाया। कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण जिला जेल से उनकी रिहाई टल गई है। अब अनुमान जताया जा रहा है कि बुधवार यानी आज कोली को जेल से छोड़ा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी मामले में सुरेंद्र कोली को बरी करते हुए कहा कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इससे पहले कोली वर्ष 2006 में निठारी प्रकरण के खुलासे के बाद से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। करीब दो वर्षों से वह गौतमबुद्धनगर जिला जेल में बंद था। उसे अन्य कैदियों के साथ ही गाजियाबाद की डासना जेल से लुक्सर की जेल में स्थानांतरित किया गया था।
बता दे कि वर्ष 2023 में मुनेंद्र सिंह पंढेर भी निठारी कांड के सभी मामलों से बरी हो चुका है। निठारी कांड वर्ष 2006 में उस समय सुर्खियों में आया था जब नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों के कंकाल मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि रिहाई आदेश सुप्रीम कोर्ट से पहले गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में पहुंचेगा। जहां से औपचारिक जांच, दस्तावेजी मिलान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस आदेश को जिला जेल भेजा जाएगा। मंगलवार देर शाम तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। यही कारण है कि मंगलवार को रिहाई नहीं हुई। कोर्ट दस्तावेजों की पुष्टि में समय लग सकता है। इसलिए रिहाई बुधवार शाम तक हो सकती है। वहीं जिला जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि रिहाई का आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद ही रिहाई होगी।
विज्ञापन
-सुप्रीम कोर्ट से बरी होने के बावजूद सुरेंद्र कोली की रिहाई अटकी
-गाजियाबाद से स्थानांतरित होने के बाद दो साल से लुक्सर जेल में बंद है आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चर्चित निठारी हत्याकांड में सुरेंद्र कोली की रिहाई मंगलवार को नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्यूरेटिव पिटीशन पर सुनवाई के बाद कोली को अंतिम केस में भी बरी कर दिया गया और तत्काल रिहाई के आदेश दिए गए थे। लेकिन रिहाई परवाना लुक्सर स्थित जेल तक शाम तक नहीं पहुंच पाया। कागजी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण जिला जेल से उनकी रिहाई टल गई है। अब अनुमान जताया जा रहा है कि बुधवार यानी आज कोली को जेल से छोड़ा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने निठारी कांड से जुड़े आखिरी मामले में सुरेंद्र कोली को बरी करते हुए कहा कि उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। इससे पहले कोली वर्ष 2006 में निठारी प्रकरण के खुलासे के बाद से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहा था। करीब दो वर्षों से वह गौतमबुद्धनगर जिला जेल में बंद था। उसे अन्य कैदियों के साथ ही गाजियाबाद की डासना जेल से लुक्सर की जेल में स्थानांतरित किया गया था।
विज्ञापन
बता दे कि वर्ष 2023 में मुनेंद्र सिंह पंढेर भी निठारी कांड के सभी मामलों से बरी हो चुका है। निठारी कांड वर्ष 2006 में उस समय सुर्खियों में आया था जब नोएडा के निठारी गांव में कई बच्चों के कंकाल मिले थे। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जिसके बाद पुलिस ने पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि रिहाई आदेश सुप्रीम कोर्ट से पहले गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट में पहुंचेगा। जहां से औपचारिक जांच, दस्तावेजी मिलान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस आदेश को जिला जेल भेजा जाएगा। मंगलवार देर शाम तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। यही कारण है कि मंगलवार को रिहाई नहीं हुई। कोर्ट दस्तावेजों की पुष्टि में समय लग सकता है। इसलिए रिहाई बुधवार शाम तक हो सकती है। वहीं जिला जेल अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि रिहाई का आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद ही रिहाई होगी।