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गाजियाबाद के ध्यानार्थ:::: सदमे से बाहर निकालने के लिए शशांक की काउंसिलिंग करा रहे हैं परिजन
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-शशांक की घर वापसी के बाद से घर पर रिश्तदारों व पड़ोसियों का आना जाना लगा है, परिजन अभी शशांक से किसी को मिलने नहीं दे रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। गाजियाबाद निवासी पत्थर कारोबारी मनीष गुप्ता का बेटा शशांक गुप्ता करीब 6 दिन बाद सोमवार देर शाम अपने घर पहुंचा। परिजनों से मिलकर शशांक बिलख-बिलखकर रोया। परिजनों ने उसे गले लगाकर ढांढस बंधाया। वहीं, परिजन उसे इस सदमे से बाहर लाने के लिए काउंसलिंग कर रहे हैं। शशांक की घर वापसी के बाद से घर पर रिश्तदारों व पड़ोसियों का आना जाना लगा हुआ है। पांच दिनों तक बदमाशों के चंगुल में प्रताड़ित होने के बाद शशांक सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। ऐसे में अभी शशांक को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इससे पहले शशांक ने बताया था कि बदमाशों ने अगवा करने के बाद फिरौती नहीं मिलने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह बहुत डर गया था। वहीं, इस घटना में शशांक को हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती निशा व अंकित फरार चल रहे हैं। निशा को बदमाशों ने जस्ट डॉयल से कॉल कर 5 हजार रुपये में हायर कर घटना में शामिल किया था। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई है।
9 सितंबर को कारोबारी के बेटे शशांक गुप्ता को नोएडा के सिटी सेंटर से अगवा कर लिया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे पर दनकौर क्षेत्र में उसकी गाड़ी लावारिस अवस्था में खड़ी मिली थी। पीड़ित परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। करीब 5 दिन बाद पुलिस सर्विलांस व अन्य तरीकों को अपनाकर बदमाशों तक पहुंची थी। रविवार शाम बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें बदमाश आलोक यादव व मोहित गुप्ता गोली लगने से घायल हुए थे और निमय शर्मा, सुमित कुमार व श्याम सुंदर को दबोच लिया था। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने शशांक को सकुशल बरामद कर लिया था।
फरार युवती की तलाश में लगी पुलिस
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि फरार युवती व एक बदमाश की तलाश में टीम जुटी हुई है, जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। गाजियाबाद निवासी पत्थर कारोबारी मनीष गुप्ता का बेटा शशांक गुप्ता करीब 6 दिन बाद सोमवार देर शाम अपने घर पहुंचा। परिजनों से मिलकर शशांक बिलख-बिलखकर रोया। परिजनों ने उसे गले लगाकर ढांढस बंधाया। वहीं, परिजन उसे इस सदमे से बाहर लाने के लिए काउंसलिंग कर रहे हैं। शशांक की घर वापसी के बाद से घर पर रिश्तदारों व पड़ोसियों का आना जाना लगा हुआ है। पांच दिनों तक बदमाशों के चंगुल में प्रताड़ित होने के बाद शशांक सदमे से बाहर नहीं आ पाया है। ऐसे में अभी शशांक को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इससे पहले शशांक ने बताया था कि बदमाशों ने अगवा करने के बाद फिरौती नहीं मिलने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह बहुत डर गया था। वहीं, इस घटना में शशांक को हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती निशा व अंकित फरार चल रहे हैं। निशा को बदमाशों ने जस्ट डॉयल से कॉल कर 5 हजार रुपये में हायर कर घटना में शामिल किया था। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी हुई है।
9 सितंबर को कारोबारी के बेटे शशांक गुप्ता को नोएडा के सिटी सेंटर से अगवा कर लिया गया था। यमुना एक्सप्रेसवे पर दनकौर क्षेत्र में उसकी गाड़ी लावारिस अवस्था में खड़ी मिली थी। पीड़ित परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। करीब 5 दिन बाद पुलिस सर्विलांस व अन्य तरीकों को अपनाकर बदमाशों तक पहुंची थी। रविवार शाम बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें बदमाश आलोक यादव व मोहित गुप्ता गोली लगने से घायल हुए थे और निमय शर्मा, सुमित कुमार व श्याम सुंदर को दबोच लिया था। बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने शशांक को सकुशल बरामद कर लिया था।
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फरार युवती की तलाश में लगी पुलिस
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि फरार युवती व एक बदमाश की तलाश में टीम जुटी हुई है, जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।