{"_id":"642db5e14de6d3ae6b0e8c48","slug":"farmers-surrounded-arto-office-heated-argument-with-police-noida-news-c-1-gnd1002-407268-2023-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: किसानों ने घेरा एआरटीओ कार्यालय, पुलिस के साथ हुई तीखी नोंकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: किसानों ने घेरा एआरटीओ कार्यालय, पुलिस के साथ हुई तीखी नोंकझोंक
विज्ञापन
किसानों ने घेरा एआरटीओ कार्यालय, पुलिस से तीखी नोकझोंक
- भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जुटे किसान, अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय का घेराव किया। किसान दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर ट्रॉलियों और गाड़ियों के साथ सेक्टर-32ए स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनियमितताओं एवं अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों एवं कामगारों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के विरोध में आरटीओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच किसानों और पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। शाम करीब 5:30 बजे अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
एआरटीओ कार्यालय पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने टेंट लगाकर धरना शुरू किया। इसके बाद वे एमपी-3 रोड पहुंचे वहां उन्होंने सड़क को जाम कर दिया। मामला बढ़ता देख मौके पर डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी-1 और 2 सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना की एसपी-2 सुशील कुमार से तीखी नोकझोंक हुई। किसान नेता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने ही एसीपी को कड़क लहजे में सामने से हट जाने को कहा। साथ ही कहा कि अधिकारियों के व्यवहार से गौतमबुद्ध नगर में आग लग जाएगी। इसके बाद आला अधिकारियों ने किसानों को समझाया और मामला शांत हुआ।
किसान दोबारा एआरटीओ आफिस पहुंचकर धरने पर बैठ गए। किसान नेता पवन खटाना ने बताया कि किसानों के ट्रैक्टरों जब्त कर बिना वजह परेशान किया जा रहा है। जबकि किसान खेतीबाड़ी के काम से ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करते हैं। एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी इन्हें कॉमर्शियल गतिविधि बताकर जब्त कर रहे हैं। यह पूरी तरह किसानों के साथ अन्याय है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक एआरटीओ कार्यालय में जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं होता है, तब तक वह धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों के आश्वासन के बाद लौटे किसान
प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए एआरटीओ अधिकारियों ने किसानों के बीच में बैठकर समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्हें समस्या खत्म करने का आश्वासन भी दिया। एआरटीओ सियाराम वर्मा ने किसान नेता पवन खटाना से कहा कि किसानों को परिवहन विभाग की ओर से किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा किसानों की हर जायज मांगों को कार्यालय स्तर से हल किया जाएगा।
कई घंटे बाधित रहा यातायात
एआरटीओ कार्यालय पर किसानों की भीड़ को देखकर भारी पुलिस तैनात कर दी गई। कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एआरटीओ कार्यालय में पूरे दिन काम नहीं हुआ। वहीं प्रदर्शन के दौरान कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। यहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के प्रदर्शन के चलते यातायात डायवर्ट करना पड़ा इससे लोगों को परेशानी हुई।
विज्ञापन
- भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर जुटे किसान, अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय का घेराव किया। किसान दोपहर करीब 12 बजे ट्रैक्टर ट्रॉलियों और गाड़ियों के साथ सेक्टर-32ए स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय पहुंचे। भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, अनियमितताओं एवं अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किसानों एवं कामगारों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के विरोध में आरटीओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस बीच किसानों और पुलिस की तीखी नोकझोंक हुई। शाम करीब 5:30 बजे अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
एआरटीओ कार्यालय पर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे किसानों ने टेंट लगाकर धरना शुरू किया। इसके बाद वे एमपी-3 रोड पहुंचे वहां उन्होंने सड़क को जाम कर दिया। मामला बढ़ता देख मौके पर डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी-1 और 2 सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना की एसपी-2 सुशील कुमार से तीखी नोकझोंक हुई। किसान नेता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने ही एसीपी को कड़क लहजे में सामने से हट जाने को कहा। साथ ही कहा कि अधिकारियों के व्यवहार से गौतमबुद्ध नगर में आग लग जाएगी। इसके बाद आला अधिकारियों ने किसानों को समझाया और मामला शांत हुआ।
विज्ञापन
किसान दोबारा एआरटीओ आफिस पहुंचकर धरने पर बैठ गए। किसान नेता पवन खटाना ने बताया कि किसानों के ट्रैक्टरों जब्त कर बिना वजह परेशान किया जा रहा है। जबकि किसान खेतीबाड़ी के काम से ट्रैक्टरों का इस्तेमाल करते हैं। एआरटीओ कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारी इन्हें कॉमर्शियल गतिविधि बताकर जब्त कर रहे हैं। यह पूरी तरह किसानों के साथ अन्याय है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक एआरटीओ कार्यालय में जिम्मेदार लोगों पर एक्शन नहीं होता है, तब तक वह धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे।
विज्ञापन
अधिकारियों के आश्वासन के बाद लौटे किसान
प्रदर्शन समाप्त कराने के लिए एआरटीओ अधिकारियों ने किसानों के बीच में बैठकर समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्हें समस्या खत्म करने का आश्वासन भी दिया। एआरटीओ सियाराम वर्मा ने किसान नेता पवन खटाना से कहा कि किसानों को परिवहन विभाग की ओर से किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा किसानों की हर जायज मांगों को कार्यालय स्तर से हल किया जाएगा।
कई घंटे बाधित रहा यातायात
एआरटीओ कार्यालय पर किसानों की भीड़ को देखकर भारी पुलिस तैनात कर दी गई। कार्यालय को छावनी में तब्दील कर दिया गया। एआरटीओ कार्यालय में पूरे दिन काम नहीं हुआ। वहीं प्रदर्शन के दौरान कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। यहां से निकलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों के प्रदर्शन के चलते यातायात डायवर्ट करना पड़ा इससे लोगों को परेशानी हुई।