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किसानों का प्राधिकरण पर कब्जा, कर्मचारियों को घुसने नहीं दिया
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प्राधिकरण पर किसानों को संबोधित करते किसान नेता। अमर उजाला
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नोएडा। आबादी व मुआवजे समेत कई मांगों को लेकर किसानों का 112वें दिन भी धरना जारी रहा। मंगलवार सुबह से ही किसानों ने प्राधिकरण के चारों गेट पर डेरा डाल दिया। अधिकारी-कर्मचारी किसी को प्रवेश नहीं करने दिया और काम कराने आए लोगों को भी वापस भेज दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी प्राधिकरण में भी काम नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, अब भूख हड़ताल करने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
किसानों ने सुबह से ही प्राधिकरण के गेटों पर कब्जा कर लिया। सुबह साफ-सफाई के लिए आने वाले कर्मचारियों को भी प्रवेश नहीं करने दिया और न ही अन्य कर्मचारियों को कार्यालय में घुसने दिया। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि कई माह से किसान घर-परिवार और पशुओं को छोड़कर समस्याओं को दूर कराने के लिए प्राधिकरण कार्यालय पर पडे़ हैं। जब तक किसानों के काम नहीं किए जाएंगे, प्राधिकरण पर बंद रखा जाएगा। अब अगर प्राधिकरण में कोई काम होगा तो वह सबसे पहले किसानों का होगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की है कि जो प्राधिकरण में काम कराना चाहते हैं वह कार्यालय न आएं। आने के बाद परेशानी ही होगी।
एक किसान की तबीयत बिगड़ी, नहीं मिली मदद
भूख हड़ताल पर बैठे अतर सिंह (78) की तबीयत शाम को खराब हो गई। किसानों का आरोप है कि पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को फोन करते रहे, लेकिन कोई मदद को नहीं आया।
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किसानों ने सुबह से ही प्राधिकरण के गेटों पर कब्जा कर लिया। सुबह साफ-सफाई के लिए आने वाले कर्मचारियों को भी प्रवेश नहीं करने दिया और न ही अन्य कर्मचारियों को कार्यालय में घुसने दिया। किसान नेता सुखवीर खलीफा ने कहा कि कई माह से किसान घर-परिवार और पशुओं को छोड़कर समस्याओं को दूर कराने के लिए प्राधिकरण कार्यालय पर पडे़ हैं। जब तक किसानों के काम नहीं किए जाएंगे, प्राधिकरण पर बंद रखा जाएगा। अब अगर प्राधिकरण में कोई काम होगा तो वह सबसे पहले किसानों का होगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से भी अपील की है कि जो प्राधिकरण में काम कराना चाहते हैं वह कार्यालय न आएं। आने के बाद परेशानी ही होगी।
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भूख हड़ताल पर बैठे अतर सिंह (78) की तबीयत शाम को खराब हो गई। किसानों का आरोप है कि पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को फोन करते रहे, लेकिन कोई मदद को नहीं आया।
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