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चल्ला बॉर्डर पर कसानों ने मनाई लोहड़ी, कृष कानूनों की जलाई होली

Thu, 14 Jan 2021 01:47 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2021 01:47 AM IST
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Farmers celebrated Lohri by burning copies of agricultural laws
कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर किसानों ने मनाई लोहड़ी
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नोएडा। चिल्ला बॉर्डर पर 44वें दिन भी किसानों का धरना और क्रमिक अनशन जारी रहा। बॉर्डर पर ही नए साल का जश्न मनाने के बाद बुधवार को लोहड़ी का त्योहार भी किसानों ने धरनास्थल पर ही मनाया। किसानों ने लोहड़ी जलाकर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं। इसके बाद किसानों ने ढोल की थाप पर जमकर भंगड़ा किया। वहीं, भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने संदेश भेजकर आह्वान किया कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों की चाल को किसान समझ चुका है। किसान अब किसी के झांसे में आने वाला नहीं है। सभी प्रदेशों से 26 जनवरी को किसान दिल्ली कूच के लिए तैयार रहें।
धरनास्थल से किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू भानु के महामंत्री बीसी प्रधान ने कहा कि जो पर्व किसानों को घर पर मनाना चाहिए था, आज वो सड़क पर मनाना पड़ा है। केंद्र सरकार की हठधर्मिता की वजह से किसान आज परेशान है। सरकार किसानों की समस्या को अनदेखा कर रही है। सरकार उनकी समस्याओं को हल नहीं करना चाहती। सरकार अगर नहीं मानती तो किसान भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टरों के साथ गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने की जोरशोर से तैयारी कर रहे हैं। जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजब सिंह कसाना, महामंत्री बेगराज गुर्जर, प्रदेशाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह, जिलाध्यक्ष राजीव नागर, एनसीआर अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी, ऋषि त्यागी, महकार नागर, अशोक चौहान सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। वही, दलित प्रेरणा स्थल पर भाकियू लोकशक्ति के नेतृत्व में भी किसानों का धरना जारी रहा।
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अब एमएसपी पर फंसा पेच
कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक लगने के बाद अब एमएसपी पर पेच फंस गया है। भाकियू लोकशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह का कहना है कि कृषि कानूनों पर रोक लगाए जाने से किसानों की समस्या हल नहीं हुई है। एमएसपी पर अभी कहीं कोई चर्चा ही नहीं की गई है, जबकि एमएसपी की लिखित गारंटी किसानों के लिए बड़ा मुद्दा है। जब तक यह मांगें पूरी नहीं होतीं आंदोलन जारी रहेगा।
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कृषि कानूनों की वापसी ही हमारा मुद्दा नहीं बल्कि एमएसपी मिलेगी, इसकी लिखित गारंटी चाहिए। स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू होगी, इसका भी आश्वासन चाहिए। - राजीव नागर, जिलाध्यक्ष, भाकियू (भानु)
किसान अपना अस्तित्व को बचाने के लिए आज दिल्ली को घेरकर बैठे हैं। जो त्योहार हम घर पर हर्ष और उल्लास के साथ मनाते थे, वो हमें घर से दूर रहकर मनाना पड़ रहा है। - कुलदीप सिंह पन्नू, सदस्य, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी नानकमता साहिब

सरकार ने किसान से पूछकर कृषि बिलों को तैयार नहीं किया। कानून बनाकर उन्हें किसानों पर थोपने की कोशिश की जा रही है। जब तक मांग पूरी नहीं होती, किसान अपने हक के लिए लड़ता रहेगा। - आनंद भाटी, किसान नेता
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