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किसान नहीं बेच पा रहे बाजरा
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पुन्हाना। ‘मेरी फसल, मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर किसानों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। अधिकारियों ने इसे सत्यापित भी कर दिया है। इसके बावजूद ई-खरीद पोर्टल पर बाजरा का डाटा अपडेट न होने से कई किसान अपनी बाजरा की फसल को बेच नहीं पा रहे हैं। डाटा अपडेट कराने के लिए किसान पटवारी से लेकर डीसी तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है।
गांव शिकरावा निवासी मकसूद ने बताया कि वे चार भाई हैं। हमारे पास 40 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन है। इसमें से 22 एकड़ जमीन में चारों भाइयों ने बाजरा बोया हैं। उन्होंने बताया कि 22 एकड़ में से करीब 9 एकड़ बाजरा कटने के बाद बरसात से खराब हो गया। जब नगराधीश, तहसीलदार आदि अधिकारी ने मौके पर बाजरा को सत्यापित किया तो उन्होंने 22 एकड़ में 13 एकड़ को सही पाया, बाकी नौ एकड़ को चारा घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर 13 एकड़ सत्यापित बाजरा का रजिस्ट्रेशन दिखाया जा रहा है। जब वह अपना बाजरा पुन्हाना अनाज मंडी में बेचने गया तो गेट पास पर मौजूद कर्मचारियों ने उसका बाजरा ई-खरीद पोर्टल पर डाटा देखा तो उसका बाजरा अपडेट नहीं था। जिसकी वजह से मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने उसे मंडी के गेट से ही वापस कर दिया। मकसूद का कहना है कि वह अपना बाजरा का डाटा ई-खरीद पोर्टल पर अपडेट कराने के लिए मार्केट कमेटी के सचिव, तहसीलदार, एसडीएम, कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और डीसी से शिकायत कर चुके हैं लेकिन उसकी समस्या का समाधान करने की बजाए एक दूसरे अधिकारियों के पास भेजकर पल्ला झाड़ रहे है।
गांव रसूलपुर निवासी मोहम्मद साजिद ने बताया कि ई-खरीद पोर्टल पर डाटा अपडेट न होने पर उनके गांव और पुन्हाना खंड के सैकड़ों लोग परेशान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर मार्केट कमेटी और एसडीएम के कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होंगे।
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फोटो-बाजरा की फसल कटने के बाद बरसात से खराब हुई
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गांव शिकरावा निवासी मकसूद ने बताया कि वे चार भाई हैं। हमारे पास 40 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन है। इसमें से 22 एकड़ जमीन में चारों भाइयों ने बाजरा बोया हैं। उन्होंने बताया कि 22 एकड़ में से करीब 9 एकड़ बाजरा कटने के बाद बरसात से खराब हो गया। जब नगराधीश, तहसीलदार आदि अधिकारी ने मौके पर बाजरा को सत्यापित किया तो उन्होंने 22 एकड़ में 13 एकड़ को सही पाया, बाकी नौ एकड़ को चारा घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मेरी फसल, मेरा ब्योरा पोर्टल पर 13 एकड़ सत्यापित बाजरा का रजिस्ट्रेशन दिखाया जा रहा है। जब वह अपना बाजरा पुन्हाना अनाज मंडी में बेचने गया तो गेट पास पर मौजूद कर्मचारियों ने उसका बाजरा ई-खरीद पोर्टल पर डाटा देखा तो उसका बाजरा अपडेट नहीं था। जिसकी वजह से मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने उसे मंडी के गेट से ही वापस कर दिया। मकसूद का कहना है कि वह अपना बाजरा का डाटा ई-खरीद पोर्टल पर अपडेट कराने के लिए मार्केट कमेटी के सचिव, तहसीलदार, एसडीएम, कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर और डीसी से शिकायत कर चुके हैं लेकिन उसकी समस्या का समाधान करने की बजाए एक दूसरे अधिकारियों के पास भेजकर पल्ला झाड़ रहे है।
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गांव रसूलपुर निवासी मोहम्मद साजिद ने बताया कि ई-खरीद पोर्टल पर डाटा अपडेट न होने पर उनके गांव और पुन्हाना खंड के सैकड़ों लोग परेशान है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर मार्केट कमेटी और एसडीएम के कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होंगे।
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फोटो-बाजरा की फसल कटने के बाद बरसात से खराब हुई