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किसान खालिस्तानी नहीं, अफसर तालिबानी हैं

Sun, 29 Aug 2021 11:12 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 11:12 PM IST
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Farmers are not Khalistani, officers are Talibani
Farmers are not Khalistani, officers are Talibani
नूंह। नूंह स्थित अनाज मंडी में रविवार को आयोजित महापंचायत में मेवात, पलवल, गुरुग्राम सहित पंजाब, ओडिशा व पश्चिम बंगाल से पहुंचे किसानों के बीच भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पूरे देश में डर का माहौल बना हुआ है। किसान दिल्ली के बॉर्डर पर नौ माह से अड़े हैं, इसके बावजूद सरकार किसानों की नहीं सुन रही है। उन्होंने करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी को बर्खास्त करने की मांग करते कहा कि अधिकारी किसानों को खालिस्तानी और पाकिस्तानी कह रहे हैं, लेकिन कल जो हुआ उससे लगता है कि खुद सरकारी तालिबानी है। 26 जनवरी को दिल्ली में किसान एक लाख ट्रैक्टरों के साथ तिरंगा यात्रा में शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचे थे, लेकिन षड्यंत्र के तहत किसानों को बदनाम करने का काम किया गया।
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टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार को देश से कोई प्रेम नहीं है, क्योंकि यहां पर तिरंगा नहीं नागपुर के झंडे की सरकार चल रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश में एक नेता की मौत पर तिरंगा नहीं भाजपा का झंडा फहराया गया। ऐसे में यह सिर्फ भगवा की सरकार है। उन्होंने कहा कि आज देश कैसे बचेगा, यह सभी को सोचने की जरूरत है। केंद्र सरकार द्वारा मंडियों को बेचा जा रहा है। मध्य प्रदेश से मंडियों को बेचने की शुरुआत हो चुकी है। रेलवे और एयरपोर्ट भी बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग सिर्फ तीन काले कृषि कानूनों को बदलने की है, एमएसपी की लूट को बंद करने की है। योगेंद्र यादव ने कहा कि करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा ने आईएएस बिरादरी को शर्मसार किया है, जिनको किसान माफ नहीं करेंगे। महापंचायत की अध्यक्षता संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद कंकर खेड़ी ने की। इस मौके पर जय किसान आंदोलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह यादव सहित संयुक्त किसान मोर्चा की टीम के सदस्य मौजूद रहे।
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‘देश को मिला पहला तालिबानी अधिकारी’: राकेश टिकैत ने कहा कि करनाल में देश को पहला तालिबानी आईएएस अधिकारी मिला है जोकि किसानों के सिर फोड़ने की बात कह रहा है। ऐसे अधिकारी को जम्मू कश्मीर में जाना चाहिए।
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‘फसल पंजीकरण के नाम पर सिर्फ धोखा’ ऱ् टिकैत ने कहा फसल पंजीकरण के नाम पर 11 हजार फर्जी सिम के साथ फसलों का पंजीकरण कराया, जोकि देश के किसानों के साथ सिर्फ धोखा है। आज सिर्फ व्यापारी को ही लाभ मिल रहा है। किसान लुट रहा है। उन्होंने किसान क्त्रस्ेडिट के नाम पर बैंकों की मच रही लूट पर भी सरकार को घेरा कि किस तरह से 2 लाख वाले किसानों को 5 लाख के गोल्डन कार्ड का प्रलोभन दिया जा रहा है। किसान क्त्रस्ेडिट कार्ड कृषकों की मौत का कारण बन रहा है।
‘फसल गोदामों में और रोटी तिजोरी में बंद होगी’
टिकैत ने कहा कि 2011 के बाद से हिमाचल प्रदेश के सेब का रेट नहीं बढ़ा है बल्कि सेब की कीमत कम हो रही है। उन्होंने कहा कि फसल गोदामों में बंद होगी और रोटी तिजोरी में बंद होगी। हरियाणा में उद्योगों के नाम पर किसानों की जमीन को सस्ते दाम पर खरीदा जा रहा है। आंदोलन में 600 किसान शहीद हुए हैं, लेकिन सरकार पर कुछ फर्क नहीं पड़ रहा है।

किसानों का आंदोलन दबाया जा रहा
राकेश टिकैत ने कहा कि गोली चलाओ वैचारिक क्त्रसंति नहीं है। आज किसानों के आंदोलन को दबाया जा रहा है। किसानों को हताश नहीं होना है। आगामी 5 सितंबर को देश की सबसे बड़ी महापंचायत उतर प्रदेश के मुज्जफरनगर में होगी। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में युवा प्रदेश अध्यक्ष, रतन सिंह मान हरियाणा अध्यक्ष, रवि आजाद, निगार (ओडिशा), दर्शनपाल (पश्चिम बंगाल), रमजान चौधरी, डॉ रफीक आजाद, आसिफ अली, उम्मर मोहम्मद पाड़ला, दीन मोहम्मद (मामलीका) आदि मौजूद रहे।
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