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Noida News: नवजात बच्ची की मौत से नाराज परिजनों ने काटा हंगामा
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-अस्पताल के चिकित्सकों पर लगाया लापरवाही का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौर सिटी-1 स्थित क्लाउडनाइन अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। इसके बाद बिसरख कोतवाली में शिकायत दी। पुलिस बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर मामले की जांच कर रही है।
गौर सिटी-2 स्थित 14 एवेन्यु में रहने वाले तपन अग्रवाल का कहना है कि वह सेक्टर-125 स्थित कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। पत्नी रिया भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वृहस्पतिवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को क्लाउडनाइन अस्पताल में शाम पांच बजे भर्ती कराया था। रात में करीब 8:45 बजे पत्नी ने सिजेरियन प्रसव से एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को जन्म के बाद से प्रापर सांस नहीं आ रही थी। इस दौरान अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मौजूद रहा। ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया। रात करीब 11ः30 बजे जानकारी दी गई है कि बच्ची की हालत सामान्य है। हस्ताक्षर कराकर बताया गया कि इलाज के लिए सात से 10 दिन तक बच्ची को एनआईसीयू में रखा जाएगा।
शुक्रवार को पूरे दिन बच्ची की सेहत सामान्य बताई गई। रात करीब दो बजे बताया गया कि मां स्तनपान कराने में असहमत है। इसलिए बच्ची को फार्मूला मिल्क दिया जाएगा। इसपर तपन ने सहमति जताकर हस्ताक्षर कर दिया। शनिवार सुबह 7ः30 बजे सूचना दी गई कि बच्ची की हालत खराब है। नौ बजे बताया गया कि बच्ची की मौत हो गई है। उन्होंने जब बच्ची की मेडिकल हिस्ट्री मांगी तो स्टॉफ ने आनाकानी की। इससे नाराज परिजन ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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पीएम रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष न निकालें: प्रवक्ता
हॉस्पिटल प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं हुई है। टीम के वरिष्ठ डॉक्टर ने समय पर और उचित इलाज प्रदान किया। मृतका का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष न निकालें।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। गौर सिटी-1 स्थित क्लाउडनाइन अस्पताल में इलाज के दौरान नवजात बच्ची की मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। इसके बाद बिसरख कोतवाली में शिकायत दी। पुलिस बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर मामले की जांच कर रही है।
गौर सिटी-2 स्थित 14 एवेन्यु में रहने वाले तपन अग्रवाल का कहना है कि वह सेक्टर-125 स्थित कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है। पत्नी रिया भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वृहस्पतिवार शाम प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी को क्लाउडनाइन अस्पताल में शाम पांच बजे भर्ती कराया था। रात में करीब 8:45 बजे पत्नी ने सिजेरियन प्रसव से एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची को जन्म के बाद से प्रापर सांस नहीं आ रही थी। इस दौरान अस्पताल में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं मौजूद रहा। ऑक्सीजन सिलिंडर के सहारे ऑक्सीजन देने का प्रयास किया गया। रात करीब 11ः30 बजे जानकारी दी गई है कि बच्ची की हालत सामान्य है। हस्ताक्षर कराकर बताया गया कि इलाज के लिए सात से 10 दिन तक बच्ची को एनआईसीयू में रखा जाएगा।
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शुक्रवार को पूरे दिन बच्ची की सेहत सामान्य बताई गई। रात करीब दो बजे बताया गया कि मां स्तनपान कराने में असहमत है। इसलिए बच्ची को फार्मूला मिल्क दिया जाएगा। इसपर तपन ने सहमति जताकर हस्ताक्षर कर दिया। शनिवार सुबह 7ः30 बजे सूचना दी गई कि बच्ची की हालत खराब है। नौ बजे बताया गया कि बच्ची की मौत हो गई है। उन्होंने जब बच्ची की मेडिकल हिस्ट्री मांगी तो स्टॉफ ने आनाकानी की। इससे नाराज परिजन ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है।
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पीएम रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष न निकालें: प्रवक्ता
हॉस्पिटल प्रवक्ता का कहना है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं हुई है। टीम के वरिष्ठ डॉक्टर ने समय पर और उचित इलाज प्रदान किया। मृतका का पोस्टमॉर्टम कराया गया है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने तक कोई निष्कर्ष न निकालें।