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Noida News: आईसीयू मरीज के निधन के बाद परिजनों ने किए नेत्रदान
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आईसीयू मरीज के निधन के बाद परिजनों ने किए नेत्रदान
ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में मंगलवार को गंभीर रूप से बीमार आईसीयू मरीज की मृत्यु के बाद परिवार ने नेत्रदान के लिए सहमति देने का निस्वार्थ निर्णय लिया। परिजनों ने प्रेरणादायक घटना ने अंगदान के प्रति समाज की सोच को नई दिशा दी है। जिम्स प्रशासन का कहना है कि नेत्रदान के माध्यम से दो लोगों को जिंदगी मिलेगी। जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मरीज बीते चार-पांच दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। निधन के बाद परिवार ने सामाजिक रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। नेत्रदान की प्रक्रिया कॉर्निया रिट्रीवल सेंटर की प्रभारी डॉ. शैली की देखरेख में पूरी कई गई। इससे अब कॉर्निया रिट्रीवल के माध्यम से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को दृष्टि प्राप्त हो सकेगी।
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ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में मंगलवार को गंभीर रूप से बीमार आईसीयू मरीज की मृत्यु के बाद परिवार ने नेत्रदान के लिए सहमति देने का निस्वार्थ निर्णय लिया। परिजनों ने प्रेरणादायक घटना ने अंगदान के प्रति समाज की सोच को नई दिशा दी है। जिम्स प्रशासन का कहना है कि नेत्रदान के माध्यम से दो लोगों को जिंदगी मिलेगी। जिम्स के निदेशक डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मरीज बीते चार-पांच दिनों से जीवन रक्षक प्रणाली पर थे। निधन के बाद परिवार ने सामाजिक रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। नेत्रदान की प्रक्रिया कॉर्निया रिट्रीवल सेंटर की प्रभारी डॉ. शैली की देखरेख में पूरी कई गई। इससे अब कॉर्निया रिट्रीवल के माध्यम से दो जरूरतमंद व्यक्तियों को दृष्टि प्राप्त हो सकेगी।