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कोर्ट की सुरक्षा के लिए सरकार, पुलिस और वकीलों से सहयोग की अपेक्षा : हाईकोर्ट

Tue, 09 Nov 2021 12:12 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 12:12 AM IST
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Expecting cooperation from the government, police and lawyers for the security of the court: High Court
नई दिल्ली। कोर्ट की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार, पुलिस और वकीलों से पूरे सहयोग की अपेक्षा है। यह बात हाईकोर्ट ने सोमवार को कोर्ट की सुरक्षा के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए कही। हाईकोर्ट ने सुझाव दिया कि सुरक्षा ऑडिट के आधार पर अदालती परिसरों में प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मी एवं उपकरणों की तैनाती की जाए।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ रोहिणी कोर्ट शूटआउट के बाद स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई याचिका पर सुनवाई कर रही है। खंडपीठ ने सुझाव दिया कि सुरक्षा उपकरणों की खरीद के बजट आवंटन के लिए सरकार को जवाबदेह बनाया जाए। पुलिस के पास विशेषज्ञता है इसलिए उसे सुरक्षा उपकरणों की खरीद सरकार और कोर्ट को सूचना देकर करनी चाहिए।
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खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि वह सभी हित धारकों की ओर से दिए सुझावों पर विचार करने के बाद उपयुक्त आदेश जारी करेगी। दिल्ली पुलिस और वकीलों के संगठनों की ओर से काफी सुझाव मिले हैं। परिसरों के सुरक्षा ऑडिट के लिए पुलिस आयुक्त विशेषज्ञों की एक टीम बनाएंगे और पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात करेंगे।
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खंडपीठ ने कहा कि वकीलों समेत सभी आगुंतकों की जांच होगी, मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा। इसके अलावा बिना स्कैनिंग के कोई बैग भीतर नहीं जाने दिया जाएगा। कोर्ट ने कहा सभी अदालती परिसरों में 24 घंटे की सीसीटीवी निगरानी मुहैया करवाई जाए, वाहनों के प्रवेश के लिए स्टीकर जारी किए जाएं, और अंडर व्हीकल स्कैनिंग सिस्टम और भीड़ को काबू करने के लिए ऑटोमेटिक गेट लगाए जाएं।
वहीं हाईकोर्ट ने ये भी कहा कि बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को क्यूआर कोड या चिप वाले आईडी कार्ड जारी करने के लिए तंत्र विकसित करनी चाहिए। जहां संभव हो वहां हाई रिस्क कैदियों को कोर्ट, वलनरेबल विटनेस रूम और जेल में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश किया जाए।

हाईकोर्ट ने कहा कि रजिस्ट्रार जनरल इस संबंध में एक रिपोर्ट तैयार करेंगे और जिला न्यायाधीश अपने परिसरों में प्रवेश और प्रस्थान के प्वाइंट निर्धारित करेंगे। याचिका पर अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी।
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