फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Exhaled breath due to standing in line for hours

जांच कराने के लिए घंटों लाइन में खड़े होने से फूल रही सांस

Tue, 20 Apr 2021 11:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:35 PM IST
विज्ञापन
Exhaled breath due to standing in line for hours
जिला अस्पताल में जांच कराने के लिए लगी लंबी लाइन।
नोएडा। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार जिस तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही गति से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाने लगी हैं। वहीं, जांच कोरोना जांच कराने में लोगों की सांस फूल रही है। अस्पतालों में सुबह से 8 बजे से ही लंबी लाइन लगनी शुरू हो जाती है, जो दोपहर बाद तक भी नहीं खत्म होती है। लोगों को धूप में करीब 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद भी कई लोगों को जांच नहीं होने पर निराश लौटना पड़ता है। मंगलवार को भी जिला अस्पताल समेत अन्य जगहों पर यही हाल रहा। लोग लंबी लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है कि जिला अस्पताल में रोज 1000 से ज्यादा लोगों की जांच की जाती है। यहां आरटीपीसीआर और एंटीजन दोनों जांच हो रही है। आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट आने में भी थोड़ा समय लग रहा है। जल्द ही व्यवस्थाओं को और अधिक दुरुस्त किया जाएगा।
विज्ञापन

लोगों में पनप रहा रोष
एक ओर संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है तो दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं में कमी से लोगों रोष बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जांच के लिए अतिरिक्त काउंटर बनाने चाहिए, ताकि सहूलियत मिल सके। लोगों का कहना है कि जितना खतरा अन्य जगहों पर नहीं है। उससे दोगुना खतरा अस्पताल में जांच कराने के दौरान रहता है। घंटों लाइन में खड़े होने से तबीयत बिगड़ने और संक्रमितों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है। इसके बावजूद भी अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

रिपोर्ट के लिए करनी पड़ रही मशक्कत
कोरोना जांच कराने में तो लोगों को दिक्कत हो रही है। साथ ही रिपोर्ट के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। आरटीपीसीआर जांच की रिपोर्ट मिलने में करीब 5 से 6 दिन का समय लग रहा है। ऐसे में संदिग्धों से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। जब तक रिपोर्ट नहीं मिलती, तब तक कोई खुद को मरीज नहीं मानता है। इससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग जल्द व्यवस्थाओं को सुधारने का दम भर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed